"130 करोड़ भारतीयों का यह परिवार मेरा है, आप लोग मेरी जिंदगी में सबकुछ हैं और यह जीवन भी आपके लिए है"
"मैं अपना संकल्प को दोहराता हूं कि मैं सभी के कल्याण के लिए, प्रत्येक भारतीय के सम्मान के लिए, प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा के लिए और प्रत्येक भारतीय की समृद्धि के लिए और सबके जीवन में सुख और शांति के लिए जो कुछ भी कर सकता हूं, करूंगा।"
"सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण ने लोगों के लिए सरकार के अर्थ बदल दिए हैं"
"सरकार उन समस्याओं का स्थायी समाधान देने का प्रयास कर रही है जिन्हें पहले स्थायी मान लिया गया था"
"हमारी सरकार ने पहले दिन से ही गरीबों को सशक्त बनाना शुरू किया"
"हम वोट बैंक नहीं एक नया भारत बनाने के लिए काम कर रहे हैं"
“100% सशक्तिकरण का अर्थ है भेदभाव और तुष्टिकरण को समाप्त करना। 100% सशक्तिकरण का मतलब है कि हर गरीब को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले”
"नए भारत की क्षमता के लिए कोई लक्ष्य असंभव नहीं"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के शिमला में 'गरीब कल्याण सम्मेलन' को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आठ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह अनूठा सार्वजनिक कार्यक्रम देश भर में राज्यों की राजधानियों, जिला मुख्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों में आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन की अवधारणा देश भर में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए जनता के साथ सीधे बातचीत करना है।

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत वित्तीय लाभ की 11वीं किस्त भी जारी की। इससे 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों को करीब 21,000 करोड़ की राशि ट्रांसफर हो सकेगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने देश भर के (पीएम-किसान) के लाभार्थियों से भी बातचीत की। शिमला में इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री राजेन्द्र अर्लेकर, हिमाचल के मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर और केन्द्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने लद्दाख के लाभार्थी श्री ताशी टुंडुप के साथ बातचीत करते हुए लद्दाख में पर्यटकों के आगमन और सरकारी योजनाओं के साथ उनके अनुभव के बारे में बात की। प्रधानमंत्री ने एक सैन्यकर्मी के रूप में उनकी सेवाओं की प्रशंसा की। श्री ताशी टुंडुप ने बताया कि उन्हें पीएमएवाई, शौचालय, गैस कनेक्शन और खेती से संबंधित लाभ जैसी योजनाओं का लाभ लेने में कोई समस्या नहीं हुई।

बिहार की श्रीमती ललिता देवी जी पीएमएवाई, उज्जवला, स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन की लाभार्थी हैं। उन्होंने पीएम को बताया कि किस तरह इन योजनाओं ने उनके जीवन को आसान और सम्मानजनक बना दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक घर से बच्चों की शिक्षा और शादी जैसी कई चीजें सुचारू रूप से होने लगेंगी।

पश्चिम त्रिपुरा से एक राष्ट्र एक राशन कार्ड, पीएम गरीब कल्याण, और कई अन्य योजनाओं के लाभार्थी श्री पंकज शनि ने बताया कि उन्हें जेजेएम, ओएनओआरसी, पीएमएवाई और बिजली कनेक्शन जैसी कई योजनाओं का लाभ मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि वन नेशन वन राशन कार्ड के कारण उन्हें बिहार से प्रवास के बावजूद कोई समस्या नहीं हो रही है।

कर्नाटक के कलबुर्गी से आयुष्मान भारत की एक लाभार्थी सुश्री संतोषी ने इस योजना के साथ अपना अनुभव सुनाया। उन्होंने कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और मुफ्त जांच और दवाएं उनके जीवन में कई बदलाव ला रही हैं। प्रधानमंत्री ने संवाद करने के उनके उत्कृष्ट तरीके के लिए उनकी सराहना की और मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए क्योंकि वह बहुत लोकप्रिय हो जाएंगी।

गुजरात के मेहसाणा से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लाभार्थी श्री अरविन्द ने प्रधानमंत्री से बात करने के लिए उत्साहित होकर बताया कि उनके मंडप सजावट व्यवसाय से व्यापार का विस्तार हुआ है और वह डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उन्हें अपने कर्मचारियों को सरकारी योजना के बारे में शिक्षित करने और नौकरी देने वाला बनने के लिए उनकी सराहना की। प्रधानमंत्री ने उनकी बेटी को खेल आकांक्षाओं के लिए आशीर्वाद भी दिया।

कार्यक्रम स्थल पर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर से पहुंची समा देवी जी पीएमएवाई, पीएम किसान सम्मान निधि, आयुष्मान योजना, मुख्यमंत्री गृहिणी सुविधा योजना की लाभार्थी हैं। प्रधानमंत्री ने उनकी स्थिति और खेती में उनकी गतिविधियों पर चर्चा की।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर हिमाचल में उपस्थित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दीं क्योंकि पीएम किसान योजना के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक किसानों को उनके बैंक खातों में पैसा मिला है। प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि उन्होंने अपनी सरकार के 8 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत लाभ जारी किए। उन्होंने शिमला से देशभर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत वित्तीय लाभ जारी करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने देश के 130 करोड़ नागरिकों की सेवा करने का अवसर देने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कल पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन के माध्यम से कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता दोनों को खोने वाले बच्चों की जिम्मेदारी लेते हुए अपनी सरकार के 8 साल पूरे होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हिमाचल में रहने के सुझाव को उन्होंने तत्परता से स्वीकार कर लिया क्योंकि यह राज्य उनकी कर्मभूमि रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह हमेशा खुद को 130 करोड़ नागरिकों के परिवार के सदस्य के रूप में देखते हैं न कि प्रधानमंत्री के रूप में। जब वह किसी फाइल पर हस्ताक्षर करते हैं तब ही वह प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी लेते हैं। जैसे ही हस्ताक्षर का वह क्षण समाप्त होता है, उन्होंने कहा, "मैं अब प्रधानमंत्री नहीं रहा और आपके परिवार का सदस्य और 130 देशवासियों का प्रधान सेवक बन गया। अगर मैं देश के लिए कुछ कर पा रहा हूं तो 130 करोड़ देशवासियों के आशीर्वाद और शुभकामनाओं के कारण ही संभव है। भावुक प्रधानमंत्री ने कहा कि, “130 करोड़ नागरिकों के मेरे परिवार की आशाओं और आकांक्षाओं से जुड़ना, यही मेरा परिवार है, आप लोग मेरे जीवन में सब कुछ हैं और यह जीवन भी आपके लिए है”। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उनकी सरकार अपने आठ साल पूरे कर रही है, तो वो फिर से अपना संकल्प दोहराते हैं कि वह सभी के कल्याण के लिए, प्रत्येक भारतीय के सम्मान के लिए, प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा के लिए, प्रत्येक भारतीय की समृद्धि के लिए, उनके जीवन में सुख और शांति लाने के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, करेंगे।

प्रधानमंत्री ने अफसोस जताया कि 2014 से पहले पहले की सरकार ने भ्रष्टाचार को व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा मान लिया था, फिर भ्रष्टाचार से लड़ने के बजाय सरकार उसके आगे झुक गई, तब देश देख रहा था कि योजनाओं का पैसा जरूरतमंदों तक पहुंचने से पहले ही लूट लिया गया। उन्होंने कहा कि आज जन धन-आधार और मोबाइल (जेएएम) की त्रिमूर्ति के कारण, पैसा सीधे लाभार्थी के जन धन बैंक खातों में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पहले रसोई में धुंआ झेलने की मजबूरी थी, आज उज्ज्वला योजना से एलपीजी सिलेंडर लेने की सुविधा है। पहले खुले में शौच करने की शर्मनाक स्थिति थी अब गरीबों के पास शौचालय की शान है। पहले इलाज के लिए पैसे जुटाने में लाचारी थी, आज हर गरीब को आयुष्मान भारत का सहारा है। पीएम ने कहा कि पहले तीन तलाक का डर था, अब हक के लिए लड़ने की हिम्मत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं, सुशासन और गरीबों के कल्याण (सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण) ने लोगों के लिए सरकार के अर्थ को बदल दिया है। अब सरकार जनता के लिए काम कर रही है। चाहे पीएम आवास योजना हो, छात्रवृत्ति हो या पेंशन योजना, तकनीक की मदद से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम से कम हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार उन समस्याओं का स्थायी समाधान देने का प्रयास कर रही है, जिन्हें पहले स्थायी माना जाता था। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण से लाभ सूची से 9 करोड़ फर्जी नामों को हटाकर इसमें चोरी और किसी प्रकार के लीक के अन्याय को समाप्त किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सशक्त होने पर जब गरीबों का दैनिक संघर्ष कम हो जाता है तो वह अपनी गरीबी दूर करने के लिए नई ऊर्जा से जुड़ जाते हैं। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने पहले दिन से ही गरीबों को सशक्त बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि हमने उनके जीवन की हर समस्या को कम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "मैं गर्व से कह सकता हूं कि देश का लगभग हर परिवार किसी न किसी योजना से लाभान्वित हो रहा है।"

सशस्त्र बलों में हिमाचल के प्रत्येक परिवार के योगदान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनकी सरकार है जिसने चार दशकों के इंतजार के बाद वन रैंक वन पेंशन लागू की और पूर्व सैनिकों को उनका बकाया राशि दी। हिमाचल के हर परिवार को बहुत फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति हमारे देश में दशकों से होती आ रही है और इसने देश का बहुत नुकसान किया है। पीएम ने कहा कि हम वोट बैंक नहीं, नया भारत बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने 100 प्रतिशत लाभ 100 प्रतिशत लाभार्थियों तक पहुंचाने की पहल की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने लाभार्थियों तक पहुंचने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि 100% सशक्तिकरण का अर्थ है भेदभाव को समाप्त करना, सिफारिशों को समाप्त करना और तुष्टीकरण को समाप्त करना। 100% सशक्तिकरण का मतलब है कि हर गरीब को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिले।

देश के बढ़ते कद पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने आज कहा कि भारत मजबूरी में दोस्ती का हाथ नहीं बढ़ाता बल्कि मदद का हाथ बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी हमने 150 से अधिक देशों में दवाएं और टीके भेजे हैं।

प्रधानमंत्री ने आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए, 21वीं सदी के उज्ज्वल भारत के लिए काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। एक ऐसा भारत जिसकी पहचान पृथक्करण नहीं बल्कि आधुनिकता है। उन्होंने कहा कि हमारी क्षमता के आगे कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। पीएम ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। आज भारत में रिकॉर्ड विदेशी निवेश हो रहा है, आज भारत निर्यात में भी रिकॉर्ड बना रहा है। प्रधानमंत्री ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि "सभी को आगे आना चाहिए और अपने देश की प्रगति की यात्रा में अपनी भूमिका निभानी चाहिए"।

 

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PM to visit Uttarakhand and UP on 14 April
April 13, 2026
PM to inaugurate Delhi–Dehradun Economic Corridor
Corridor to reduce travel time between Delhi and Dehradun from over 6 hours to around 2.5 hours
Corridor has been designed with several features aimed at significantly reducing man-animal conflict
Project include a 12 km long wildlife elevated corridor which is one of the longest in Asia
PM to also visit and undertake review of the Wildlife Corridor

Prime Minister Shri Narendra Modi, will visit Uttarakhand and Uttar Pradesh on 14 April 2026. At around 11:15 AM, the Prime Minister will visit Saharanpur in Uttar Pradesh to undertake a review of the Wildlife Corridor on the elevated section of the Delhi-Dehradun Economic Corridor. At around 11:40 AM, the Prime Minister will perform Darshan and Pooja at Jai Maa Daat Kali Temple near Dehradun. Thereafter, at around 12:30 PM, Prime Minister will inaugurate the Delhi-Dehradun Economic Corridor at a public function in Dehradun and will also address the gathering on the occasion.

The 213 km long six-lane access-controlled Delhi-Dehradun Economic Corridor has been developed at a cost of over ₹12,000 crore. The corridor traverses through the states of Delhi, Uttar Pradesh and Uttarakhand, and will reduce travel time between Delhi and Dehradun from over six hours at present to around two and a half hours.

Implementation of the project also includes the construction of 10 interchanges, three Railway Over Bridges (ROBs), four major bridges and 12 wayside amenities to enable seamless high-speed connectivity. The corridor is equipped with an Advanced Traffic Management System (ATMS) to provide a safer and more efficient travel experience for commuters.

Keeping in view the ecological sensitivity, rich biodiversity and wildlife in the region, the corridor has been designed with several features aimed at significantly reducing man-animal conflict. To ensure the free movement of wild animals, the project incorporates several dedicated wildlife protection features. These include a 12 km long wildlife elevated corridor, which is one of the longest in Asia. The corridor also includes eight animal passes, two elephant underpasses of 200 metres each, and a 370 metre long tunnel near the Daat Kali temple.

The Delhi-Dehradun Economic Corridor will play a pivotal role in strengthening regional economic growth by enhancing connectivity between major tourism and economic centres as well as opening new avenues for trade and development across the region. The project reflects the vision of the Prime Minister to develop next-generation infrastructure that combines high-speed connectivity with environmental sustainability and improved quality of life for citizens.