उत्तराखंड में सिल्कयारा टनल में फंसे श्रमिकों की सकुशल वापसी के बाद उनका उत्साह और मनोबल बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने उनसे आत्मीय बातचीत की। उनके अटूट साहस और धैर्य की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने विपरीत परिस्थितियों में मानवता की अदम्य भावना का प्रदर्शन करने वाले श्रमिकों को सामूहिक शक्ति का प्रतीक बताया।

कृतज्ञता से भरी हुई श्रमिकों की आवाजों ने प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व और उनके बचाव के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के प्रति गहरी सराहना व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अपने दृढ़ विश्वास को दोहराया और संकट के कठिनतम दौर में कायम रहे अपने उत्साह की पुष्टि की। सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए श्रमिकों ने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने श्रमिकों से कहा कि उन सब पर बाबा केदारनाथ तथा बद्रीनाथ भगवान की कृपा रही और सब लोग सकुशल निकल कर बाहर आ गए। उन्होंने पूरे बचाव अभियान के दौरान उन्हें मिलने वाले नियमित अपडेट को रेखांकित किया। पीएम ने इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान श्रमिकों के परिवारों के धैर्य और अटूट समर्थन की प्रशंसा की।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
PLI schemes attract ₹2.4 lakh crore investments, create over 14 lakh jobs till March 2026

Media Coverage

PLI schemes attract ₹2.4 lakh crore investments, create over 14 lakh jobs till March 2026
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए आदर्श और श्रेष्ठ व्यक्ति के गुणों पर प्रकाश डाला
July 22, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए व्यक्तिगत, सामाजिक तथा राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने में एक आदर्श तथा वास्तविक अर्थों में उत्कृष्ट व्यक्ति के गुणों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा;

"परकार्येषु युक्तात्मा स्वकार्ये क्षिप्रसाधनम्।

सुहृत्कार्येषु निर्वृत्ती राजकार्येषु विक्रमः ।।"

जो व्यक्ति दूसरों के कार्यों में पूरी निष्ठा से लगा रहता है, अपने व्यक्तिगत कार्यों को शीघ्रता एवं कुशलता से पूरा करता है, मित्रों के कार्यों को नि:स्वार्थ भाव से संपन्न करता है और राष्ट्र के कर्तव्यों में अपना पूर्ण पराक्रम व शौर्य प्रदर्शित करता है, वही श्रेष्ठ है।