प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एकता के महत्व को रेखांकित करते हुए यह संस्कृत सुभाषित साझा किया:
“समानो मन्त्रः समितिः समानी समानं मनः सह चित्तमेषाम्।
समानं मन्त्रमभि मन्त्रये वः समानेन वो हविषा जुहोमि॥"
प्रधानमंत्री ने इस सुभाषित के माध्यम से यह संदेश दिया है कि जब हमारे संकल्प, विचार और भावनाएं एक हो जाती हैं, तो प्रत्येक प्रयास सफल होता है। हमें भारतवर्ष के हर लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए इसी एकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:
जब हमारे संकल्प, विचार और मन की भावनाएं एक होती हैं, तब हर कार्य सफल होता है। आइए, एकजुटता के साथ आगे बढ़ें और मिलकर भारतवर्ष के हर लक्ष्य को हासिल करें।
समानो मन्त्रः समितिः समानी समानं मनः सह चित्तमेषाम्।
समानं मन्त्रमभि मन्त्रये वः समानेन वो हविषा जुहोमि॥
जब हमारे संकल्प, विचार और मन की भावनाएं एक होती हैं, तब हर कार्य सफल होता है। आइए, एकजुटता के साथ आगे बढ़ें और मिलकर भारतवर्ष के हर लक्ष्य को हासिल करें।
— Narendra Modi (@narendramodi) June 30, 2026
समानो मन्त्रः समितिः समानी समानं मनः सह चित्तमेषाम्।
समानं मन्त्रमभि मन्त्रये वः समानेन वो हविषा जुहोमि॥ pic.twitter.com/gR3JZ8ws4J


