Published By : Admin |
September 29, 2022 | 18:18 IST
Share
प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी ने जी20 सचिवालय का हिस्सा बनने और भारत की अध्यक्षता में वैश्विक एजेंडा तय करने में योगदान देने के लिए भर्ती के रोमांचक अवसरों को साझा किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची के एक ट्वीट को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया;
प्रधानमंत्री ने सेना दिवस पर भारतीय सेना के शौर्य को सलाम किया
January 15, 2026
Share
प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों के साहस, आत्मविश्वास और अटूट कर्तव्यनिष्ठा की शाश्वत भावना की सराहना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के अदम्य साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता को हृदय से नमन किया है।
श्री मोदी ने सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले निस्वार्थ सेवा के सर्वोच्च आदर्शों के प्रतीक जवानों के अटूट समर्पण की सराहना करते हुए इस भाव से जुड़े संस्कृत के एक सुभाषितम को साझा किया।
प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना को सलाम करते हुए उनके शौर्य और बलिदान के लिए राष्ट्र की ओर से शाश्वत कृतज्ञता व्यक्त की।
एक्स पर अलग-अलग पोस्ट साझा करते हुए श्री मोदी ने कहा:
“सेना दिवस के अवसर पर, हम भारतीय सेना के साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं।”
हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं, जो सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र की रक्षा करते हैं। कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा पूरे देश में विश्वास और कृतज्ञता की भावना जगाती है।
हम उन सभी को अत्यंत श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।
@adgpi”
On Army Day, we salute the courage and resolute commitment of the Indian Army.
Our soldiers stand as a symbol of selfless service, safeguarding the nation with steadfast resolve, at times under the most challenging conditions. Their sense of duty inspires confidence and… pic.twitter.com/IRLSsmvRF0
"दुर्गम स्थानों से लेकर बर्फीली चोटियों तक हमारी सेना का शौर्य और पराक्रम हर देशवासी को गौरवान्वित करने वाला है। सरहद की सुरक्षा में डुटे किले का दिल से समर्पण!
अस्माकमिन्द्रः समृतेषु ध्वजेष्वसमाकं या ईशावस्ता जयन्तु।
दुर्गम स्थलों से लेकर बर्फीली चोटियों तक हमारी सेना का शौर्य और पराक्रम हर देशवासी को गौरवान्वित करने वाला है। सरहद की सुरक्षा में डटे जवानों का हृदय से अभिनंदन!
अस्माकमिन्द्रः समृतेषु ध्वजेष्वस्माकं या इषवस्ता जयन्तु।