प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अभयदान और जीवन रक्षा के गुणों को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा:
"अभयस्यैव यो दाता तस्यैव सुमहत्फलम्।
न हि प्राणसमं दानं त्रिषु लोकेषु विद्यते॥"
जो व्यक्ति लोगों के भय को दूर करता है, वह विशेष पुण्य प्राप्त करता है और तीनों लोकों में जीवन रक्षा से बढ़कर कोई मूल्यवान उपहार नहीं है।
अभयस्यैव यो दाता तस्यैव सुमहत्फलम् ।
— Narendra Modi (@narendramodi) September 2, 2026
न हि प्राणसमं दानं त्रिषु लोकेषु विद्यते ॥ pic.twitter.com/PS3svT2yra


