भारतीय सेना दृढ़ संकल्प, दक्षता और समर्पण का प्रतीक है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार सशस्त्र बलों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेना दिवस पर भारतीय सेना के अदम्य साहस को सलाम किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारतीय सेना दृढ़ संकल्प, दक्षता और समर्पण का प्रतीक है। श्री मोदी ने कहा, "हमारी सरकार सशस्त्र बलों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ वर्षों में हमने कई सुधार किए हैं और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है।"

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा:

"आज सेना दिवस पर हम भारतीय सेना के अदम्य साहस को सलाम करते हैं, जो हमारे देश की सुरक्षा के प्रहरी के रूप में खड़ी है। हम उन वीरों के बलिदान को भी याद करते हैं जो हर दिन करोड़ों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।"

"भारतीय सेना दृढ़ संकल्प, दक्षता और समर्पण का प्रतीक है। हमारी सीमाओं की सुरक्षा के अलावा, हमारी सेना ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता प्रदान करने में भी अपनी छाप छोड़ी है।"

 

"हमारी सरकार सशस्त्र बलों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ वर्षों में हमने कई सुधार किए हैं और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। यह आने वाले समय में भी जारी रहेगा।"

 

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लिकटेंस्टीन रियासत के वंशानुगत राजकुमार महामहिम प्रिंस एलोइस का भारत दौरा
February 20, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के निमंत्रण पर, लिकटेंस्टीन रियासत के वंशानुगत राजकुमार प्रिंस एलोइस ने नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 20 फरवरी, 2026 को समिट के दौरान प्रिंस एलोइस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और लिकटेंस्टीन के बीच सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों की पुष्टि की।

अक्टूबर 2025 में भारत-टीईपीए मुक्त व्यापार समझौते के प्रभावी होने का स्वागत करते हुए, दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति प्रदान करेगा। दोनों नेताओं ने कहा कि टीईपीए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश को सुगम बनाएगा। उन्होंने विशेष रूप से उच्च मूल्य वाले विनिर्माण, उन्नत प्रौद्योगिकियों और नवाचार-संचालित सेक्‍टरों में सहयोग और बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

यह बैठक भारत-लिकटेंस्टीन साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था और इसने पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के विस्तार के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।