राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के वीर कर्मियों के साहस, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज इसके स्थापना दिवस के अवसर पर उन्हें शुभकामनाएँ दीं।

एक एक्‍स पोस्‍ट में उन्‍होंने लिखा:

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के स्थापना दिवस के अवसर पर, हम उन सभी पुरुष तथा महिलाओं के प्रति अपनी गहन सराहना व्यक्त करते हैं, जिनकी पेशेवर दक्षता और दृढ़ संकल्प संकट की घड़ियों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होते हैं। आपदा के समय सदैव अग्रिम पंक्ति में तैनात रहकर, एनडीआरएफ के कर्मचारी अपने परिश्रम से मानव जीवन की रक्षा, राहत कार्यों का संचालन तथा अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आशा का संचार करते हैं। उनका कौशल और कर्तव्यनिष्ठा सेवा के सर्वोच्च मानकों का उदाहरण प्रस्तुत करती है। इन वर्षों के दौरान, एनडीआरएफ ने आपदा के लिए तैयारी एवं आपदा की स्थिति में प्रतिक्रिया के क्षेत्र में एक मानक के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सम्मान अर्जित किया है।

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प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया
July 20, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत के युवाओं के साहस और दृढ़ता की सराहना करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है।

"प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः।

दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥"

श्री मोदी ने कहा कि हमारे युवा अपने साहस, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम के बल पर ऐतिहासिक सफलता प्राप्त कर रहे हैं, और यही तेजी से विकासशील भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया:

आज हमारे युवा साथी धैर्य, आत्मविश्वास और अथक परिश्रम से ऐतिहासिक सफलता हासिल कर रहे हैं। यही विकसित हो रहे भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

प्राप्यापदं न व्यथते कदाचिदुद्योगमन्विच्छति चाप्रमत्तः।

दुःखं च काले सहते महात्मा धुरन्धरस्तस्य जिताः सपत्नाः॥