Published By : Admin |
October 27, 2024 | 09:07 IST
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इन्फैंट्री दिवस के अवसर पर इन्फैंट्री के सभी अधिकारियों और सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की अदम्य हिम्मत और साहस की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:
“इन्फैंट्री दिवस पर हम सभी इन्फैंट्री के सभी अधिकारियों और सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों की अदम्य हिम्मत और साहस को सलाम करते हैं जो निरंतर हमारी रक्षा करते हैं। वे सदैव किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ खड़े रहते हैं और हमारे राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इन्फैंट्री शक्ति, वीरता और कर्तव्य का सार है जो हर भारतीय को प्रेरित करती है।”
On Infantry Day, we all salute the indomitable spirit and courage of all Ranks and Veterans of the Infantry, who tirelessly protect us. They always stand resolute in the face of any adversity, ensuring the safety and security of our nation. The infantry embodies the essence of… pic.twitter.com/lJHRob40ya
कैबिनेट ने असम में ₹8,970.20 करोड़ की लागत वाले हाईवे निर्माण प्रोजेक्ट को मंजूरी दी
August 06, 2026
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने आज असम में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 15 के 135.871 किलोमीटर लंबे, चार लेन वाले पहुंच-नियंत्रित गुवाहाटी–तेजपुर कॉरिडोर विकसित करने को मंजूरी दी। यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग (मूल) के तहत निर्मित-संचालन-स्थानांतरण (टोल) मोड पर 8,970.20 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी।
परियोजना के तहत तेजपुर बाईपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा विकसित की जाएगी, जिसे भारतीय वायु सेना के समन्वय से अंतिम रूप दिया गया है। इससे ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर) पर यातायात भीड़भाड़ कम होगी। इसके अलावा, बैहाटा चारियाली, सिपाझार, खारूपेटिया, ढेकियाजुली और तेजपुर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात सुगमता के लिए कुल 58.7 किलोमीटर लंबाई के पांच प्रमुख बाईपास भी बनाए जाएंगे।
इस परियोजना में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर तथा तेजपुर बाईपास पर एक हाथी अंडरपास के निर्माण का प्रावधान है। नियंत्रित पहुंच वाले राजमार्ग पर सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 46 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर के 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का भी निर्माण किया जाएगा।
परियोजना से औसत यात्रा गति लगभग दोगुनी होगी, यात्रा समय आधा रह जाएगा, समग्र सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, ईंधन खपत कम होगी तथा वाहनों के परिचालन लागत में कमी आएगी। इससे क्षेत्रीय गतिशीलता और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और प्रचालन केंद्रों को निर्बाध रूप से जोड़ेगी। साथ ही, यह आठ पीएम गति शक्ति आर्थिक केंद्रों (आठ औद्योगिक पार्कों), दो सामाजिक केंद्रों (दरांग और उदलगुरी आकांक्षी जिले), तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों (मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और ओरंग राष्ट्रीय उद्यान) तथा सात लॉजिस्टिक केंद्रों (तीन प्रमुख रेलवे स्टेशन, दो हवाई अड्डे और दो जलमार्ग टर्मिनल) तक बेहतर संपर्क प्रदान करेगी, जिससे इस पूरे क्षेत्र में यात्री परिवहन और माल ढुलाई में तेज़ी आएगी।