कोरोना वैश्विक महामारी से निपटने के लिए, भारत के अब तक के प्रयासों ने दुनिया के सामने एक अलग ही उदाहरण प्रस्तुत किया है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत दुनिया के उन देशों में है, जिसने कोरोना वायरस की गंभीरता को समझा और समय रहते इसके खिलाफ एक व्यापक जंग का ऐलान किया: पीएम मोदी
हमें श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय, अटल जी, भंडारी जी, कुशाभाऊ ठाकरे जी, जैसे महापुरुषों ने राष्ट्र प्रथम का आदर्श दिया है: प्रधानमंत्री
कल भी, रात को 9 बजे, हमने 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति के दर्शन किए हैं। हर वर्ग, हर आयु के लोग सभी ने मिलकर, एकजुटता की इस ताकत को नमन किया, कोरोना के खिलाफ लड़ाई का अपना संकल्प और मजबूत किया: प्रधानमंत्री मोदी
आज देश का लक्ष्य एक है, मिशन एक है, और संकल्प एक है - कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में जीत: पीएम मोदी
हम ‘चरैवति-चरैवति’ के मंत्र पर विश्वास करने वाले लोग हैं, हमें बढ़ते रहना है, गरीबों के लिए, देश के लिए कार्य करते रहना है: प्रधानमंत्री

“भारत जैसा इतना बड़ा देश, 130 करोड़ लोगों का देश, लॉकडाउन के समय भारत की जनता ने जिस तरह की Maturity दिखाई है, गांभीर्य दिखाया है, यह अभूतपूर्व है। हम भारत के कोटि-कोटि जनों का जितना नमन करें, उतना कम है।कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि इस विशाल देश में, लोग इस तरह अनुशासन और सेवा भाव का पालन करेंगे।“

प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी ने ये बातें भारतीय जनता पार्टी के 40वें स्थापना दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में कहीं। उन्होंने कहा कि 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का महाप्रयास और उससे जन्मे महाप्रकाश ने देशको लंबी लड़ाई के लिए तैयार किया है। उन्होंने कहा, “येलंबी लड़ाई है, न थकना है, न हारना है। लंबी लड़ाई के बाद भी जीतना है, विजयी होकर निकलना है। आज देश का लक्ष्य एक है, मिशन एक हैऔर संकल्प भी एक ही है- कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में जीत।“

श्री मोदी ने कहा कि रविवार रात 9 बजेसभी लोगों ने 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति केदर्शन किए। हर वर्ग, हर आयु, अमीर-गरीब, पढ़ा-लिखा, अनपढ़, सभी ने मिलकर एकजुटता की इस ताकत का साक्षात्कार व वंदन किया और कोरोना के खिलाफ लड़ाई का अपना संकल्प और मजबूत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए भारत के अबतक के प्रयासों ने दुनिया के सामने एक अलग ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। भारत दुनिया के उन देशों में है, जिसने कोरोना वायरस की गंभीरता को समझा और समय रहते इसके खिलाफ एक व्यापक जंग की शुरुआत की। उन्होंने कहा, “एयरपोर्ट पर विदेश से आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग हो, विदेश में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने की बात हो, दुनिया के कई देशों से भारत में आने वाले हवाई यातायात को बंद करने का कठिन निर्णय हो, इस महामारी से निपटने के लिएमेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का प्रयास हो, हर स्तर पर, एक के बाद एक भारत ने प्रोएक्टिव होकर कई फैसले लिए। राज्य सरकारों के सहयोग से इन फैसलों को गति भी मिली। भारत ने जितनी तेजी से काम किया, जितनी समग्रता से काम किया है, आज उसकी प्रशंसा विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी की है।"

श्री मोदी नेकहा कि तमाम देश एकजुट होकर कोरोना का मुकाबला करें, इसके लिए सार्क देशों की विशेष बैठक हो या G-20 देशों का विशेष सम्मेलन, भारत ने इन सारे आयोजनों में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा किइस दौरान दुनिया के अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भारत लगातार संपर्क में है और उनकी बातचीत भी होती रहती है। सभी देशों ने भारत के प्रयासों की सराहना की है। 

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को एक ही मंत्र सिखाया गया है कि दल से बड़ा देश है। सेवा हमारे संस्कार में है। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस मुश्किल घड़ी में भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं पर राष्ट्रसेवा और मानव सेवा का दायित्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

कोरोना के संकट को देखते हुए श्री मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं सेकुछ विशेष आग्रह भी किए, जिन्हें पंच-आग्रह का नाम दिया। इसमें पहला आग्रह गरीबों और जरूरतमंदों के लिए अविरत सेवा अभियान चलाने का है। श्री मोदी ने कहा कि एक-एक भाजपा कार्यकर्ता को यह सुनिश्चित करना है कि एक भी गरीब भूखा न रहे, उसके पास पर्याप्त भोजन हो। अपने दूसरे आग्रह में श्री मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी की मदद के लिए जाते समय वे फेस-कवर जरूर पहनें। यह फेस-कवर साधारण कपड़ों का बना भी हो सकता है, जिसे कार्यकर्ता कुछ और लोगों के लिए भी बनवाएं।

प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरा आग्रह धन्यवाद अभियान चलाने के लिए किया। उन्होंने कहा कि ये अभियान नर्सेस और डॉक्टर्स, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, बैंक और पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी एवं आवश्यक सेवाओं में जुटे सभी कर्मचारियों के पांच वर्ग बनाकर चलाए जा सकते हैं। चौथा आग्रह करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता 'आरोग्य सेतु एप' की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं औरकम से कम 40 लोगों के मोबाइल पर ये एप इंस्टॉल करवाएं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पांचवें आग्रह में कहा कि भाजपा कार्यकर्ताPM-CARES फंड में अंशदान करें, साथ ही दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।


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प्रधानमंत्री ने शक्ति और क्षमता के सामंजस्य पर बल देने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 13, 2026
प्रधानमंत्री ने 1998 के परमाणु परीक्षणों को हमारे राष्ट्र के संकल्प का निर्णायक क्षण बताया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज मई 1998 में पोखरण में भारत द्वारा किए गए ऐतिहासिक परमाणु परीक्षणों को याद करते हुए उन्हें हमारे राष्ट्र के संकल्प का निर्णायक क्षण बताया। श्री मोदी ने कहा, “11 मई के परीक्षणों के बाद, पूरी दुनिया ने भारत पर दबाव बनाया, लेकिन हमने यह सिद्ध कर दिया कि कोई भी शक्ति भारत को झुका नहीं सकती।”

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

“एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।

न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पोस्‍ट पर लिखा;

“1998 में इसी दिन भारत ने जो परमाणु परीक्षण किए थे, उनसे दुनिया को पता चला कि हमारे देश की इच्छाशक्ति कितनी अटल है! 11 मई के टेस्ट के बाद पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन हमने दिखाया कि कोई भी ताकत भारत को झुका नहीं सकती।

एवं परस्परापेक्षा शक्तिशक्तिमतोः स्थिता ।

न शिवेन विना शक्तिर्न शक्त्या विना शिवः।।”