"उज्जैन ने हजारों वर्षों तक भारत के धन और समृद्धि, ज्ञान और सम्मान, सभ्यता और साहित्य का नेतृत्व किया है"
उज्जैन के हर कण में अध्यात्म समाया हुआ है और यह कोने-कोने में ईश्वरीय ऊर्जा का संचार करता है"
"सफलता के शिखर तक पहुंचने के लिए जरूरी है कि राष्ट्र अपने सांस्कृतिक उत्कर्ष को छुए और अपनी पहचान के साथ गौरव से सर उठाकर खड़ा हो जाए"
"आज़ादी के अमृत काल में भारत ने ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’और 'अपनी विरासत में गर्व' जैसे पंच प्रणों का आह्वान किया है"
"मेरा मानना है, हमारे ज्योतिर्लिंगों का विकास भारत की आध्यात्मिक ज्योति का विकास, भारत के ज्ञान और दर्शन का विकास है"
"भारत का सांस्कृतिक दर्शन एक बार फिर शिखर पर पहुंच रहा है और दुनिया का मार्गदर्शन करने के लिए तैयार हो रहा है"
"भारत अपने आध्यात्मिक आत्मविश्वास के कारण हजारों वर्षों से अमर है"
"भारत के लिए धर्म का अर्थ है हमारे कर्तव्यों का सामूहिक संकल्प"
"आज का नया भारत अपने प्राचीन मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है, तो आस्था के साथ-साथ विज्ञान और शोध की परंपरा को पुनर्जीवित कर रहा है"
"भारत अपने गौरव, वैभव की पुनर्स्थापना कर रहा है और इसका लाभ पूरे विश्व और पूरी मानवता को मिलेगा"
"भारत की दिव्यता शांतिपूर्ण विश्व का मार्ग प्रशस्त करेगी"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महाकाल लोक परियोजना के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित करने और मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के आंतरिक गर्भगृह में पूजा और आरती करने के बाद एक सार्वजनिक समारोह को संबोधित किया। प्रधानमंत्री के आगमन पर उनका अभिनंदन किया गया। इसके बाद प्रसिद्ध गायक श्री कैलाश खेर द्वारा श्री महाकाल का स्तुति गान और ध्वनि, प्रकाश और सुगंध शो का आयोजन किया गया।

 

प्रधानमंत्री ने भगवान महाकाल की जय-जयकार करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की और कहा, “उज्जैन की ये ऊर्जा, ये उत्साह! अवंतिका की ये आभा, ये अद्भुतता, ये आनंद! महाकाल की ये महिमा, ये महात्म्य! ‘महाकाल लोक’ में लौकिक कुछ भी नहीं है। शंकर के सानिध्य में साधारण कुछ भी नहीं है। सब कुछ अलौकिक है, असाधारण है। अविस्मरणीय है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि किसी को महाकाल का आशीर्वाद मिलता है तो काल की रेखाएं मिट जाती हैं, समय की सीमाएं सिमट जाती हैं और अनंत के अवसर प्रस्फुटित हो जाते हैं।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्योतिषीय गणनाओं में उज्जैन न केवल भारत का केंद्र रहा है, बल्कि ये भारत की आत्मा का भी केंद्र रहा है। ये वो नगर है, जो हमारी पवित्र सात पुरियों में से एक गिना जाता है। ये वो नगर है, जहां स्वयं भगवान कृष्ण ने भी आकर शिक्षा ग्रहण की थी। उज्जैन ने महाराजा विक्रमादित्य का वो प्रताप देखा है, जिसने भारत के नए स्वर्णकाल की शुरुआत की थी। महाकाल की इसी धरती से विक्रम संवत के रूप में भारतीय कालगणना का एक नया अध्याय शुरू हुआ था। उज्जैन के क्षण-क्षण में,पल-पल में इतिहास सिमटा हुआ है, कण-कण में आध्यात्म समाया हुआ है, और कोने-कोने में ईश्वरीय ऊर्जा संचारित हो रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उज्जैन ने हजारों वर्षों तक भारत के धन और समृद्धि, ज्ञान और सम्मान, सभ्यता और साहित्य का नेतृत्व किया है।

 

प्रधानमंत्री ने कहा, “सफलता के शिखर तक पहुंचने के लिए यह जरूरी है राष्ट्र अपने सांस्कृतिक उत्कर्ष को छुए और अपनी पहचान के साथ गौरव से सर उठाकर खड़ा हो जाए।" सांस्कृतिक विश्वास के महत्व को जारी रखते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, "किसी राष्ट्र का सांस्कृतिक वैभव इतना विशाल तभी होता है, जब उसकी सफलता का परचम, विश्व पटल पर लहराता है। उन्होंने कहा, “आज़ादी के अमृत काल में भारत ने ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’और 'अपनी विरासत में गर्व' जैसे पंच प्रणों का आह्वान किया है।” इसलिए आज अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण पूरी गति से हो रहा है। “काशी में विश्वनाथ धाम भारत की सांस्कृतिक राजधानी का गौरव बढ़ा रहा है। सोमनाथ में विकास कार्य नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उत्तराखंड में बाबा केदार के आशीर्वाद से केदारनाथ-बद्रीनाथ तीर्थ क्षेत्र में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। आजादी के बाद पहली बार हमारे चारों धाम ऑल वेदर रोड से जुड़ने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना के माध्यम से देश भर में हमारी आध्यात्मिक चेतना के ऐसे कई केंद्रों का गौरव बहाल किया जा रहा है। और अब इसी कड़ी में यह भव्य 'महाकाल लोक' भी अतीत के गौरव के साथ भविष्य का स्वागत करने को तैयार है।"

 

प्रधानमंत्री ने ज्योतिर्लिंगों के महत्व के बारे में अपनी अवधारणा के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है, हमारे ज्योतिर्लिंगों का यह विकास भारत की आध्यात्मिक ज्योति का विकास, भारत के ज्ञान और दर्शन का विकास है। भारत का यह सांस्कृतिक दर्शन एक बार फिर शिखर पर पहुंच रहा है और दुनिया के मार्गदर्शन के लिए तैयार हो रहा है।" प्रधानमंत्री ने कहा, "भगवान महाकाल एकमात्र ऐसा ज्योर्तिलिंग है, जो दक्षिणमुखी है। ये शिव का ऐसा स्वरूप है, जिसकी भस्मारती पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।" उन्होंने कहा, “हर भक्त अपने जीवन में भस्मारती के दर्शन जरूर करना चाहता है। मैं इस परंपरा में हमारे भारत की जीवटता और जीवंतता के दर्शन भी करता हूं।”

भगवान शिव के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा "सोयं भूति विभूषणः", अर्थात भस्म को धारण करने वाले हैं, वो 'सर्वाधिपः सर्वदा' भी है। वह शाश्वत और अविनाशी भी है। इसलिए जहां महाकाल हैं, वहां कालखंडों की कोई सीमा नहीं होती हैं। "महाकाल की शरण में विष में भी स्पंदन होता है। महाकाल के सानिध्य में अवसान से भी पुनर्जीवन होता है।”

राष्ट्र के जीवन में आध्यात्म की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने कहा, “यह हमारी सभ्यता का वह आध्यात्मिक आत्मविश्वास है, जिसके सामर्थ्य से भारत हजारों वर्षों से अमर बन हुआ है। जब तक हमारी आस्था के ये केंद्र जागृत हैं, भारत की चेतना जागृत है, भारत की आत्मा जागृत है।”

इतिहास को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने इल्तुतमिश जैसे आक्रमणकारियों की चर्चा की, जिसने उज्जैन की ऊर्जा को भी नष्ट करने के प्रयास किए। श्री मोदी ने पूर्व में भारत को नष्ट करने के लिए किए गए प्रयासों को भी याद किया। श्री मोदी ने संतों और ऋषियों का हवाला देते हुए कहा, “महाकाल शिव की शरण में मृत्यु भी हमारा क्या कर लेगी?” उन्होंने कहा, “भारत अपनी आस्था के इन प्रामाणिक केंद्रों की ऊर्जा से फिर पुनर्जीवित हो उठा, फिर उठ खड़ा हुआ। एक बार फिर, आजादी के इस अमृतकाल में अमर अवंतिका भारत की सांस्कृतिक अमरत्व की घोषणा कर रही है।”

भारत में धर्म के अर्थ पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “यह हमारे कर्तव्यों का सामूहिक संकल्प है। हमारे संकल्पों का ध्येय है, विश्व का कल्याण, मानव मात्र की सेवा।” प्रधानमंत्री ने दोहराया कि हम शिव की आराधना करते हैं, और विश्वपति को नमन करते हैं, जो अनेक रूपों से पूरे विश्व के हितों में लगे हैं। यही भावना हमेशा भारत के तीर्थों, मंदिरों, मठों और आस्था केन्द्रों की भी रही है। उन्होंने कहा कि विश्व के हित के लिए, विश्व की भलाई के लिए कितनी प्रेरणाएं यहां निकल सकती हैं।

अध्यात्म और शिक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी जैसे हमारे आध्यात्मिक केंद्र धर्म के साथ-साथ ज्ञान, दर्शन और कला की राजधानी भी रहे, और उज्जैन जैसे स्थान खगोल विज्ञान से जुड़े शोधों का शीर्ष केंद्र रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का नया भारत जब अपने प्राचीन मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है, तो आस्था के साथ-साथ विज्ञान और शोध की परंपरा को भी पुनर्जीवित कर रहा है। आज हम खगोल विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया की बड़ी ताकतों के बराबर खड़े हो रहे हैं। भारत के अंतरिक्ष मिशनों जैसे चंद्रयान और गगनयान पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत अंतरिक्ष में अन्य देशों के उपग्रह भेज रहा है। इन अभियानों के जरिए भारत आकाश की वह छलांग लगाने के लिए तैयार है, जो हमें एक नई ऊंचाई देगी। श्री मोदी ने कहा कि आज रक्षा के क्षेत्र में भी भारत पूरी ताकत से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। खेलों से लेकर स्टार्टअप तक भारत के युवा अपनी प्रतिभा का दुनिया में डंका बजा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां नवोन्मेष है, वहीं पर नवीकरण भी है। उन्होंने कहा कि हमने गुलामी के कालखंड में जो खोया, आज भारत उसे फिर से हासिल कर रहा है। भारत के गौरव, वैभव की पुनर्स्थापना हो रही है और इसका लाभ पूरे देश और मानवता को मिलेगा। अपना भाषण समाप्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “महाकाल के आशीर्वाद से भारत की भव्यता विश्व के विकास की नई संभावनाओं को जन्म देगी और भारत की दिव्यता दुनिया के लिए शांति का मार्ग प्रशस्त करेगी।”

 

इससे पहले प्रधानमंत्री ने उज्जैन में श्री महाकाल लोक में महाकाल लोक परियोजना का पहला चरण राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल, छत्तीसगढ़ की राज्यपाल श्री अनुसुईया उइके, झारखंड के राज्यपाल श्री रमेश बैंस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, डॉ. वीरेन्द्र कुमार, श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और श्री जी. किशनरेड्डी, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री फग्गनसिंह कुलस्ते और श्री प्रह्लाद पटेल उपस्थित थे।

 

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Text of PM’s interaction with Space Startup CEOs
August 23, 2026
मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों ने भारत के अंतरिक्ष उद्योग द्वारा विकसित प्रौद्योगिकी अपनाने में दुनिया में बढ़ती रुचि की जानकारी दी
मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों ने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने की सराहना की, कहा इससे कई नए अवसर उत्‍पन्‍न हुए हैं
प्रधानमंत्री ने लोगों के जीवन सुगमता के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के व्यापक अनुप्रयोगों का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में वैश्विक प्रतिभा, कंपनियों और निवेश आकर्षित करने की क्षमता
प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष उद्योग और अन्य सामाजिक विकास क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने युवाओं में अंतरिक्ष क्षेत्र के प्रति जिज्ञासा और रुचि पोषित करने के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ सहयोग बढ़ाने का सुझाव दिया

प्रधानमंत्री - आपने एक नए क्षेत्र में साहस दिखाया है, सबसे बड़ी बात है कि आपने सरकार की बात पर भरोसा किया। मेरा एक मत रहा कि जो भी हम निर्णय करें, हम उसमें कंसिस्टेंट रहें, हम बार-बार उसमें बदलाव ना करें, ताकि कोई भी रिस्क लेना चाहता है, तो उसको भरोसा रहे कि भाई ठीक है मेरी गलती के कारण कुछ गड़बड़ होगा तो ठीक है, लेकिन कोई मेरा हाथ नहीं छोड़ देगा। और ये विश्वास पैदा करने का हमारा प्रयास था।

CEO –We are India’s first Space Tech Unicorn. अभी July, 18 को हम भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट सक्सेसफुली सैटेलाइट्स को इजेक्ट करके लॉन्च किया था। And, this is just the beginning. Generally, we say that just warm up for Skyroot, अभी शुरुआत है। एंड नेक्स्ट ईयर मिड तक हम एक लॉन्च per month हम कर रहे हैं। And also like thanks to you sir for opening up the sector. तीन फैक्ट्री बन चुका है। एक रॉकेट per month का कैपेसिटी है ऑलरेडी। And, this is just the beginning. अभी फ्यूचर ड्रीम है कि एक लॉन्च per week करना है और several launches per day.

CEO – एक ऐसा इंजन बनाया जो दुनिया का सबसे आधुनिक इंजनों में से आता है। सर इसको अभी हमने तैयार किया है, इसकी टेस्टिंग जारी है।

प्रधानमंत्री - उनका कॉन्फिडेंस है, इन्वेस्टर्स का?

CEO – सर,स्काई रूट का जो लॉन्च हुआ है फर्स्ट, उसके बाद से बढ़ गया है।

प्रधानमंत्री –अच्छा। वो रूट आपको काम आ रहा है?

CEO – वो बहुत काम आ रहा है।

प्रधानमंत्री –दुनिया अब भारत के स्टार्टअप को खोजती होगी, भई कौन है इसमें? क्योंकि एक जब ब्रेक थ्रू होता है, तो तुरंत लोगों का ध्यान जाता है।

CEO – I think, स्पेस इंडस्ट्री ओपन होने के बाद हमने एक बहुत अच्छी सी ट्रेंड देखी है। हमारे जितने सिटीजंस यूएस और यूरोप में हैं वे वापस आकर हमारे साथ काम करना चाह रहे हैं।

प्रधानमंत्री –बहुत लोगों को हमें जोड़ना है और जैसा मेहता ने कहा कि भई अब विदेश से लोग गए हुए वापस आ रहे हैं। मैं समझता हूं कि हमें ऐसा एक aura खड़ा कर देना चाहिए कि इस फील्ड में दुनियाभर के लोगों को लगे कि भई जिंदगी बनानी है, तो हिंदुस्तान जाओ। भारत की कोई स्टार्टअप से जुड़ जाओ। भारत की कोई स्पेस एजेंसी से जुड़ जाओ। मैं पक्का मानता हूं जी, पूरा टैलेंट पूल जो है, एक मैग्नेट की तरह आपके कारण हम खींच सकते हैं और वो हमारी एक बहुत बड़ी ताकत बन सकता है।

CEO –हमारा विज़न है कि नेक्स्ट 18 months में हम ग्लोबल ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क लगाना चाहते हैं।

CEO –हम जो सैटेलाइट्स का इंजन होता है, जो सैटेलाइट को एक जगह से दूसरा जगह ले जाता है स्पेस में। 5 साल या 15 साल तक ले जाता है सैटेलाइट्स को, वो इंजंस बनाते हैं सर। ग्लोबली बहुत अच्छा ट्रैक्शन मिला है एंड ये भी आपका एफर्ट भी इसमें बहुत है सर कि इंडिया का कंपनीज़ अभी एक्सपोर्ट करने के लिए गवर्नमेंट का सपोर्ट है।

प्रधानमंत्री –कॉस्ट में हम बहुत कॉम्पिटिटिव हैं, टैलेंट में तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता है और रिस्क टेकिंग कैपेसिटी हमारे देश के लोगों की वैसे भी ज्यादा होती है। और उसके कारण हम बहुत तेजी से अपनी जगह बना सकते हैं।

CEO –This robotic spacecraft will go to space, physically capture the dead satellite and remove it from the orbit.

CEO –We are the first Indian company working on the docking under refueling technologies with the vision of establishing a fuel station in space.

CEO – मेरा नाम अंतरिक्ष है, my co-founder Monika is also here. सर हम इंडिया का फर्स्ट स्पेस फार्मा स्टार्टअप हैं। हम ऐसे सेटेलाइट्स बना रहे हैं, जो स्पेस में जाके Pharmaceuticals मैन्युफैक्चर कर सके और उसे वापस ले आ सके अंतरिक्ष से।

प्रधानमंत्री –आपका नाम अंतरिक्ष रखा है, आपके परिवार के लोग इसमें थे पहले से?

CEO – जी सर, नहीं मेरी मम्मी ने रखा था सर।

CEO – एक लॉन्च के बाद last one month में आठ लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट मिला।

प्रधानमंत्री – अच्छा, अच्छा।

CEO – और मोस्टली इंटरनेशनल हैं।

CEO – सर अभी तो 10 लाख फार्मर के साथ we are planned to launch this innovation.

CEO – सर ये आपके लिए ताकि एक याद बनी रहेगी।

प्रधानमंत्री – वाह।

CEO – ये ओपनिंग, जो आपने ओपन किया था प्राइवेट सेक्टर को, उससे जो private सैटेलाइट है, उससे भारत की ब्यूटी जो दिख रही है।