प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सांसद खेल महोत्सव में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि देशभर में 290 से अधिक सांसदों द्वारा आयोजित सांसद खेल महोत्सवों में एक करोड़ से ज्यादा युवा खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। इसमें गांवों से लेकर शहरों तक, देश के हर कोने में बसे लोगों की हिस्सेदारी है। इस सहभागिता से पता चलता है कि इसका स्केल कितना बड़ा है। उन्होंने कहा कि अब यह सांसद खेल महोत्सव एक जनआंदोलन बन चुका है। काशी का सांसद होने के नाते मैं भी अपने संसदीय क्षेत्र में इस खेल महोत्सव से बहुत करीब से जुड़ा रहा हूं। मुझे ये देखकर खुशी होती है कि युवाओं ने सांसद खेल महोत्सव प्लेटफॉर्म के जरिए नए-नए कीर्तिमान गढ़े हैं। अनेक दिव्यांग खिलाड़ियों को भी इनमें आगे बढ़ने का मौका मिला है।

अपने संबोधन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ खिलाड़ियों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने असम से दोरांग की शांति कुमारी, पश्चिम बंगाल से दार्जिलिंग के गुणवंश छेत्री, तमिलनाडु से नीलगिरी की नेशिका के. पी. और हरियाणा से सिरसा के नीरज कुमार से बातचीत की। इन युवाओं से उन्होंने कहा कि यह जानकर खुशी होती है कि छोटी सी उम्र में खिलाड़ी अपनी ऐसी पहचान बना रहे हैं, जो हर किसी के लिए मिसाल है। सांसद खेल महोत्सव खिलाड़ियों के टैलेंट को उभारने और उनका कॉन्फिडेंस बढ़ाने में बहुत कारगर साबित हो रहा है। यह महोत्सव जहां हर खिलाड़ी में जोश और उत्साह को बढ़ा रहा है, वहीं आने वाली अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए उनमें नया आत्मविश्वास और हौसला भी जगा रहा है।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं का महत्व बताते हुए पीएम ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव का स्केल जितना बड़ा है, उतना ही बड़ा इसका इंपैक्ट भी है। ये महोत्सव युवा निर्माण से राष्ट्र निर्माण के मंत्र का एक मजबूत स्तंभ भी बन रहा है। क्योंकि जीत और हार से अलग खेलों में हमें जो स्पोर्ट्स स्पिरिट सीखने को मिलती है, उससे सक्षम और अनुशासित युवाओं का निर्माण होता है। ऐसे युवा ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। सांसद खेल महोत्सव के जरिए देश के युवाओं में इस भावना का निरंतर विकास हो रहा है।

सांसद खेल महोत्सव की खासियत बताते हुए पीएम ने कहा कि यह समाज की सोच बदलने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। आज देश के सुदूर इलाकों से कितने ही ऐसे उदाहरण आ रहे हैं, जो पूरे देश को प्रेरित कर रहे हैं। कहीं छोटे से गांव में कोई बेटा फुटबॉल के साथ अपना पसीना बहा रहा है। कहीं कोई दिव्यांग खिलाड़ी चुनौतियों को छोटा बनाकर बुलंदियों को छू रहा है। कहीं किसी स्पोर्ट्स ग्राउंड पर कोई बिटिया अपने सपनों को पूरा करने में लगी है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि आज समाज और पैरेंट्स को भी एहसास हुआ है कि खेलने से जीवन बर्बाद नहीं होता। वे समझने लगे हैं कि उनके बेटे-बेटी खेल में आगे बढ़कर केवल अपनी और परिवार की ही नहीं, पूरे गांव और समाज की किस्मत बदल सकते हैं।

खेलों के जरिए करियर बनाने को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने इस क्षेत्र में असीमित अवसर बनाए हैं। आज देश में एक ऐसा इको सिस्टम बना है, जहां खिलाड़ियों का सिलेक्शन पहुंच, परिचय और पहचान से नहीं, बल्कि प्रतिभा के आधार पर होता है। 2014 से पहले खेल विभाग में टीम सिलेक्शन में और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में जो गड़बड़ी होती थी, वो अब बंद हो चुकी है। गरीब से गरीब परिवार का बच्चा भी आज कम उम्र में ही शिखर तक पहुंच सकता है। आज केंद्र सरकार युवा प्रतिभाओं के लिए खेलने के ज्यादा से ज्यादा मौके बना रही है। खेलो इंडिया, स्कूल गेम्स, यूथ गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स और सांसद खेल महोत्सव इन सबसे प्रतिभाओं की पहचान हो रही है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीमें हर कोने में जाकर नए सितारे खोज रही हैं। 2014 से पहले देश का स्पोर्ट्स बजट 1200 करोड़ था, जो अब बढ़कर 3000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

पीएम ने कहा कि इन सारे प्रयासों का देश को लाभ भी हो रहा है। स्पोर्ट्स में बीते कुछ साल भारत के लिए नए रिकॉर्ड्स और नई उपलब्धियों के रहे हैं। 65 साल बाद वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भारत ने 26 मेडल जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में सात मेडल जीतकर एक नई शुरुआत की है। पेरिस पैरा ओलंपिक में देश ने 29 मेडल जीतकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। एशियन गेम्स में भारत ने 100 से अधिक मेडल जीतकर अपने खेल इतिहास का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया। आज भारत के खिलाड़ी रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हमें ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट से टेबल टॉप करने को अपना टारगेट बनाना है। आने वाले समय में भारत बड़े-बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स को होस्ट करने जा रहा है। 2030 में भारत अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित करेगा। तब पूरी दुनिया की नजर भारत पर होगी। युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक बड़ा मौका होगा। यही नहीं 2036 में स्पोर्ट्स के सबसे बड़े आयोजन यानी ओलंपिक्स की मेजबानी के लिए भी भारत प्रयासरत है। 2036 ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व वो युवा करेंगे, जो आज 10 या 12 साल के हैं। हमें अभी से उन्हें तलाशना है, तराशना है और राष्ट्रीय पटल पर लेकर आना है। सांसद खेल महोत्सव इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभा सकता है।
सांसदों से खेल प्रतिभाओं को खोजने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप अपने क्षेत्रों में ऐसी प्रतिभाओं को खोजें, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और खेलते-खेलते ओलंपिक्स में भी भारत का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि हमारे जो सांसद इस खेल महोत्सव में रुचि से जुड़े हैं, उन्हें युवाओं से और Gen-Z से करीब से जुड़ने का बहुत बड़ा अवसर मिल रहा है। इससे उन्हें Gen-Z को जानने-समझने का और बेहतर मौका मिलता है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि खिलाड़ी इस भावना से खेलें कि वे केवल अपनी जीत के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए खेल रहे हैं। तिरंगे के मान-सम्मान के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल सीखने का हिस्सा नहीं है। खेलना स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क की भी अनिवार्य शर्त है। इसलिए खेलों को बढ़ावा एक पैरेंट्स के रूप में आपकी पारिवारिक जिम्मेदारी तो है ही, एक नागरिक के रूप में ये हम सभी का राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भी है। माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों को खेलने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए।
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आज सांसद खेल महोत्सव एक जन आंदोलन बन चुका है: PM @narendramodi
— narendramodi_in (@narendramodi_in) December 25, 2025
देश के हर कोने की हिस्सेदारी... शहरों से लेकर गाँवों तक... हर पृष्ठभूमि के युवाओं की सहभागिता... ये दिखाता है कि इसका scale कितना बड़ा है: PM @narendramodi
— narendramodi_in (@narendramodi_in) December 25, 2025
सांसद खेल महोत्सव का scale जितना बड़ा है, उतना ही बड़ा इसका impact भी है।
— narendramodi_in (@narendramodi_in) December 25, 2025
आज इससे देश को हजारों की संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिल रहे हैं और साथ ही साथ... ये महोत्सव ‘युवा निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ के मंत्र का एक मजबूत स्तम्भ भी बन रहा है: PM @narendramodi
आज खेलों में अवसर सीमित नहीं, असीमित अवसर हैं: PM @narendramodi
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आज केंद्र सरकार देश के आप सभी युवा खिलाड़ियों को हर स्तर पर सपोर्ट कर रही है।
— narendramodi_in (@narendramodi_in) December 25, 2025
हम अपनी युवा प्रतिभाओं के लिए खेलने के ज्यादा से ज्यादा मौके बना रहे हैं: PM @narendramodi
आज भारत के खिलाड़ी record तोड़ रहे हैं, नए मानक गढ़ रहे हैं और भारत को global sporting map पर नई ऊंचाई दे रहे हैं: PM @narendramodi
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2030 में भारत अहमदाबाद में Commonwealth Games आयोजित करेगा।
— narendramodi_in (@narendramodi_in) December 25, 2025
तब पूरी दुनिया की नज़र भारत पर होगी।
आप जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए ये एक बड़ा मौका होगा।
यही नहीं, 2036 में sports के सबसे बड़े आयोजन, यानी Olympics की मेज़बानी के लिए भी भारत प्रयासरत है: PM @narendramodi


