मुझे हमारे युवा एथलीटों के जोश, एनर्जी और पक्के इरादे में नए भारत का आत्मविश्वास दिखता है: पीएम मोदी
सांसद खेल महोत्सव एक जन-आंदोलन बन गया है: पीएम मोदी
आज भारत में टैलेंट का चुनाव योग्यता के आधार पर होता है, न कि जान-पहचान या पहुंच के आधार पर: पीएम मोदी
भारत 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा, जिससे पूरी दुनिया की नजर हमारे देश पर होगी: पीएम मोदी
भारत को ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट्स में मेडल टैली में टॉप पर रहने का लक्ष्य रखना चाहिए: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सांसद खेल महोत्सव में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि देशभर में 290 से अधिक सांसदों द्वारा आयोजित सांसद खेल महोत्सवों में एक करोड़ से ज्यादा युवा खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं। इसमें गांवों से लेकर शहरों तक, देश के हर कोने में बसे लोगों की हिस्सेदारी है। इस सहभागिता से पता चलता है कि इसका स्केल कितना बड़ा है। उन्होंने कहा कि अब यह सांसद खेल महोत्सव एक जनआंदोलन बन चुका है। काशी का सांसद होने के नाते मैं भी अपने संसदीय क्षेत्र में इस खेल महोत्सव से बहुत करीब से जुड़ा रहा हूं। मुझे ये देखकर खुशी होती है कि युवाओं ने सांसद खेल महोत्सव प्लेटफॉर्म के जरिए नए-नए कीर्तिमान गढ़े हैं। अनेक दिव्यांग खिलाड़ियों को भी इनमें आगे बढ़ने का मौका मिला है।

अपने संबोधन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ खिलाड़ियों के साथ संवाद भी किया। उन्होंने असम से दोरांग की शांति कुमारी, पश्चिम बंगाल से दार्जिलिंग के गुणवंश छेत्री, तमिलनाडु से नीलगिरी की नेशिका के. पी. और हरियाणा से सिरसा के नीरज कुमार से बातचीत की। इन युवाओं से उन्होंने कहा कि यह जानकर खुशी होती है कि छोटी सी उम्र में खिलाड़ी अपनी ऐसी पहचान बना रहे हैं, जो हर किसी के लिए मिसाल है। सांसद खेल महोत्सव खिलाड़ियों के टैलेंट को उभारने और उनका कॉन्फिडेंस बढ़ाने में बहुत कारगर साबित हो रहा है। यह महोत्सव जहां हर खिलाड़ी में जोश और उत्साह को बढ़ा रहा है, वहीं आने वाली अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए उनमें नया आत्मविश्वास और हौसला भी जगा रहा है।

राष्ट्र निर्माण में युवाओं का महत्व बताते हुए पीएम ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव का स्केल जितना बड़ा है, उतना ही बड़ा इसका इंपैक्ट भी है। ये महोत्सव युवा निर्माण से राष्ट्र निर्माण के मंत्र का एक मजबूत स्तंभ भी बन रहा है। क्योंकि जीत और हार से अलग खेलों में हमें जो स्पोर्ट्स स्पिरिट सीखने को मिलती है, उससे सक्षम और अनुशासित युवाओं का निर्माण होता है। ऐसे युवा ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। सांसद खेल महोत्सव के जरिए देश के युवाओं में इस भावना का निरंतर विकास हो रहा है।

सांसद खेल महोत्सव की खासियत बताते हुए पीएम ने कहा कि यह समाज की सोच बदलने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। आज देश के सुदूर इलाकों से कितने ही ऐसे उदाहरण आ रहे हैं, जो पूरे देश को प्रेरित कर रहे हैं। कहीं छोटे से गांव में कोई बेटा फुटबॉल के साथ अपना पसीना बहा रहा है। कहीं कोई दिव्यांग खिलाड़ी चुनौतियों को छोटा बनाकर बुलंदियों को छू रहा है। कहीं किसी स्पोर्ट्स ग्राउंड पर कोई बिटिया अपने सपनों को पूरा करने में लगी है। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि आज समाज और पैरेंट्स को भी एहसास हुआ है कि खेलने से जीवन बर्बाद नहीं होता। वे समझने लगे हैं कि उनके बेटे-बेटी खेल में आगे बढ़कर केवल अपनी और परिवार की ही नहीं, पूरे गांव और समाज की किस्मत बदल सकते हैं।

खेलों के जरिए करियर बनाने को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने इस क्षेत्र में असीमित अवसर बनाए हैं। आज देश में एक ऐसा इको सिस्टम बना है, जहां खिलाड़ियों का सिलेक्शन पहुंच, परिचय और पहचान से नहीं, बल्कि प्रतिभा के आधार पर होता है। 2014 से पहले खेल विभाग में टीम सिलेक्शन में और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में जो गड़बड़ी होती थी, वो अब बंद हो चुकी है। गरीब से गरीब परिवार का बच्चा भी आज कम उम्र में ही शिखर तक पहुंच सकता है। आज केंद्र सरकार युवा प्रतिभाओं के लिए खेलने के ज्यादा से ज्यादा मौके बना रही है। खेलो इंडिया, स्कूल गेम्स, यूथ गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स और सांसद खेल महोत्सव इन सबसे प्रतिभाओं की पहचान हो रही है। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीमें हर कोने में जाकर नए सितारे खोज रही हैं। 2014 से पहले देश का स्पोर्ट्स बजट 1200 करोड़ था, जो अब बढ़कर 3000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है।

पीएम ने कहा कि इन सारे प्रयासों का देश को लाभ भी हो रहा है। स्पोर्ट्स में बीते कुछ साल भारत के लिए नए रिकॉर्ड्स और नई उपलब्धियों के रहे हैं। 65 साल बाद वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भारत ने 26 मेडल जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया है। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में सात मेडल जीतकर एक नई शुरुआत की है। पेरिस पैरा ओलंपिक में देश ने 29 मेडल जीतकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। एशियन गेम्स में भारत ने 100 से अधिक मेडल जीतकर अपने खेल इतिहास का अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया। आज भारत के खिलाड़ी रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब हमें ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट से टेबल टॉप करने को अपना टारगेट बनाना है। आने वाले समय में भारत बड़े-बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स को होस्ट करने जा रहा है। 2030 में भारत अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित करेगा। तब पूरी दुनिया की नजर भारत पर होगी। युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक बड़ा मौका होगा। यही नहीं 2036 में स्पोर्ट्स के सबसे बड़े आयोजन यानी ओलंपिक्स की मेजबानी के लिए भी भारत प्रयासरत है। 2036 ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व वो युवा करेंगे, जो आज 10 या 12 साल के हैं। हमें अभी से उन्हें तलाशना है, तराशना है और राष्ट्रीय पटल पर लेकर आना है। सांसद खेल महोत्सव इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभा सकता है।

सांसदों से खेल प्रतिभाओं को खोजने का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आप अपने क्षेत्रों में ऐसी प्रतिभाओं को खोजें, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और खेलते-खेलते ओलंपिक्स में भी भारत का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि हमारे जो सांसद इस खेल महोत्सव में रुचि से जुड़े हैं, उन्हें युवाओं से और Gen-Z से करीब से जुड़ने का बहुत बड़ा अवसर मिल रहा है। इससे उन्हें Gen-Z को जानने-समझने का और बेहतर मौका मिलता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि खिलाड़ी इस भावना से खेलें कि वे केवल अपनी जीत के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए खेल रहे हैं। तिरंगे के मान-सम्मान के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल सीखने का हिस्सा नहीं है। खेलना स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क की भी अनिवार्य शर्त है। इसलिए खेलों को बढ़ावा एक पैरेंट्स के रूप में आपकी पारिवारिक जिम्मेदारी तो है ही, एक नागरिक के रूप में ये हम सभी का राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भी है। माता-पिता और अभिभावकों को बच्चों को खेलने के लिए भी प्रेरित करना चाहिए।

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।