प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने हिरोशिमा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान, 20 मई, 2023 को यूक्रेन के राष्ट्रपति महामहिम श्री वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से भेंट की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यूक्रेन में संघर्ष का पूरी दुनिया पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालांकि, यह उनके लिए कोई राजनीतिक या आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि मानवता का, मानवीय मूल्यों का मुद्दा है।

प्रधानमंत्री ने भारतीय छात्रों की सुरक्षित निकासी में यूक्रेन के सहयोग की सराहना की और छात्रों के लिए भारत में परीक्षा आयोजित करने के यूक्रेनी संस्थानों के निर्णय का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को आगे का रास्ता ढूंढने के लिए बातचीत और कूटनीति को भारत द्वारा दिए गए स्पष्ट समर्थन से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्थिति के समाधान के लिए, भारत और व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री अपने साधनों के भीतर सभी प्रयास करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत यूक्रेन के लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखेगा। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने प्रधानमंत्री को यूक्रेन की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। दोनों पक्ष संवाद-संपर्क में रहने पर सहमत हुए।

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प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प, आत्मसंयम और बुद्धिमत्ता के गुणों पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 02, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इसका तात्‍पर्य है दृढ़ संकल्प और आत्म-संयम ही वह शक्तियां हैं जो कठिनतम मार्गों को भी सुगम बना देती हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज हमारे युवा इसी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

"दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।

निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।

अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते॥"

जो व्यक्ति किसी कार्य को भली-भांति सोच-समझकर दृढ़ निश्‍चय के साथ आरंभ करता है और बीच में अधूरा नहीं छोड़ता, जो समय का सदुपयोग करता है तथा अपनी इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखता है। ऐसा व्‍यक्ति ही वास्‍तव में बुद्धिमान होता है।