जिस अंडमान निकोबार द्वीप समुह ने भारत की आजादी के आंदोलन को ताकत दी उसकी आत्मनिर्भर भारत के लिए, नए भारत की रक्षा-सुरक्षा और समृद्धि के लिए भी व्यापक भूमिका है: प्रधानमंत्री मोदी
नए भारत के निर्माण के लिए पूरे देश का संतुलित विकास आवश्यक है और इसी को ध्यान में रखकर सरकार काम कर रही है: पीएम मोदी
हमने सुनिश्चित किया है कि सरकार भले ही एक जगह से काम करती हो लेकिन उसके कार्यों का लाभ देश के कोने-कोने तक पहुंचना चाहिए: प्रधानमंत्री

“पिछली बार जब मैं अंडमान गया था तो देवस्थली तुल्य सेल्यूलर जेल के दर्शन किए थे। मुझे पोर्ट ब्लेयर के दक्षिणी छोर पर तिरंगा फहराने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। उस समय अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के विकास को लेकर आप सभी से भी विस्तृत चर्चा की थी। इस दौरान अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के संपूर्ण और संतुलित विकास से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी भी दी गई थी। यह संतोष की बात है कि अंडमान और निकोबार की मोबाइल फोन कनेक्टिविटी, वहां तेज इंटरनेट की सुविधा देने वाले प्रोजेक्ट के लोकार्पण से एक दिन पहले मैं आपके साथ जुड़ा हूं। कल जब इस परियोजना का लोकार्पण हो जाएगा तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में इंटरनेट कनेक्टिविटी में बहुत बड़ा सुधार आएगा।“

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें रविवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि नए भारत के निर्माण के लिए पूरे देश का संतुलित विकास आवश्यक है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमने सुनिश्चित किया कि सरकार भले ही एक जगह से काम करती हो, लेकिन उसके कार्यों का लाभ पूरे देश को मिले। हमने समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति पर ही नहीं, बल्कि देश के आखिरी छोर में बसे व्यक्ति पर भी फोकस किया। इसी का नतीजा है कि किसी योजना या कार्यक्रम की लॉन्चिंग से लेकर उसके क्रियान्वयन तक, गवर्नेंस के हर पहलू को देशभर के सभी इलाकों में ले जाया गया है। एक तरफ हम गरीबों के घर, शौचालय, रसोई गैस, पीने का पानी, बिजली, मोबाइल, इंटरनेट, सड़क, रेल कनेक्टिविटी जैसी बहुत ही मूल जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ मेगा और आधुनिक प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम कर रहे हैं।”

श्री मोदी ने कहा कि सिर्फ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की ही बात करें तो केंद्र सरकार की योजनाओं की पहुंच यहां बेहद प्रभावकारी रही है। एक आइलैंड से दूसरे आइलैंड तक एयर कनेक्टिविटी में सुधार करते हुए देश के बाकी हिस्सों से आईलैंड्स को हवाई मार्ग से भी जोड़ा जा रहा है। पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा रहा है। लगभग 300 किलोमीटर के नेशनल हाइवे पर भी काम शुरू हो गया है और यह रिकॉर्ड समय में पूरा हो जाएगा। इससे द्वीप समूह के कई हिस्सों में न सिर्फ पहुंच आसान होगी, बल्कि मेडिकल, सोशल और टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ावा मिलेगा।

श्री मोदी ने कहा कि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह ने भारत की आजादी के आंदोलन को ताकत दी। आत्मनिर्भर भारत के लिए, नए भारत की रक्षा-सुरक्षा और समृद्धि के लिए भी अंडमान-निकोबार की व्यापक भूमिका है। इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं की बातें सुनीं और कोरोना के खिलाफ लड़ाई के साथ ही द्वीप समूह के विकास में उनके योगदान की सराहना की। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। उन्होंने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से निपटने के क्रम में उठाए गए कदमों के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “मेरा आपसे आग्रह है कि भाजपा का एक कर्मठ कार्यकर्ता होने के नाते आपको पहले की स्थिति, आज की स्थिति और आने वाले परिवर्तन का एक तुलनात्मक नजरिया लोगों के बीच रखते जाना है। पार्टी कार्यकर्ता के रूप में आपकी यह भी जिम्मेदारी है कि सरकार की हर योजना का लाभ हर लाभार्थी तक पहुंचे।”

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!