आज, मैं 15 से 20 मई 2026 तक यूनाइटेड अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की यात्रा पर रवाना हो रहा हूं।
मेरा पहला पड़ाव यूएई है। पिछले 12 वर्षों में यह मेरी यूएई की आठवीं यात्रा होगी, जो गहरे आपसी भरोसे, व्यक्तिगत मित्रता और दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाती है। मैं अपने भाई, यूएई के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात को लेकर उत्साहित हूं। उनके नेतृत्व में पश्चिम एशिया में गहरे भू-राजनीतिक बदलावों के बीच यूएई ने मजबूती और स्थिरता का परिचय दिया है। इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमारी एनर्जी साझेदारी स्थिरता का मजबूत स्तंभ बनकर उभरी है और भारत की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए रणनीतिक आधार साबित हुई है। हम क्षेत्रीय हालात पर विचार-विमर्श करेंगे, एनर्जी सिक्योरिटी और मजबूत सप्लाई चेन पर सहयोग को और गहरा करेंगे, साथ ही निवेश साझेदारी को और मजबूत बनाने के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। यूएई में रह रहे 45 लाख भारतीयों का कल्याण, जो हमारी दोस्ती की मजबूत नींव हैं, भी हमारी बातचीत के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेगा।
यूएई से मैं प्रधानमंत्री महामहिम श्री रॉब जेटन के निमंत्रण पर नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर जाऊंगा। इस दौरान मैं महामहिम किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करूंगा तथा प्रधानमंत्री जेटन के साथ वार्ता करूंगा। भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद हो रही यह यात्रा हमारे व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति देगी, साथ ही सेमीकंडक्टर्स, वॉटर मैनेजमेंट, क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, डिफेंस और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगी। मैं नीदरलैंड में बसे जीवंत भारतीय समुदाय से भी मिलने को उत्साहित हूं, जो दोनों देशों के बीच एक लिविंग ब्रिज की भूमिका निभाता है।
नीदरलैंड से मैं प्रधानमंत्री महामहिम श्री उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर 17 मई को स्वीडन के गोथेनबर्ग जाऊंगा। प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन के साथ मेरी बातचीत का उद्देश्य व्यापार और निवेश, इनोवेशन, ग्रीन ट्रांजिशन, जॉइंट स्टडी और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और व्यापक और मजबूत बनाना होगा। प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट महामहिम सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ मैं यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री में यूरोपियन इंडस्ट्री लीडर्स के साथ सार्थक संवाद को लेकर भी उत्साहित हूं। यह महत्वपूर्ण चर्चा यूरोपियन कारोबारों से भारत में निवेश बढ़ाने को नई गति देगी।
स्वीडन से मैं प्रधानमंत्री महामहिम श्री जोनास गार स्टोरे के निमंत्रण पर नॉर्वे की दो दिवसीय यात्रा पर जाऊंगा। यह मेरी पहली नॉर्वे यात्रा होगी और पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा भी होगी। इस दौरान मैं महामहिम किंग हेराल्ड पंचम और क्वीन सोन्या से मुलाकात करूंगा, प्रधानमंत्री स्टोरे के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करूंगा और संयुक्त रूप से इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट का उद्घाटन करूंगा। 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुए इंडिया-EFTA ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट के आधार पर हम व्यापार और निवेश, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, ऑफशोर इंडस्ट्री, रिसर्च और हायर एजुकेशन, आर्कटिक और पोलर रिसर्च, स्पेस तथा टैलेंट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के अगले अध्याय को आगे बढ़ाएंगे।
19 मई को मैं ओस्लो में तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में अपने नॉर्डिक समकक्षों के साथ बातचीत करूंगा। यह समिट स्टॉकहोम (2018) और कोपेनहेगन (2022) में हुए पिछले समिट्स की निरंतरता में आयोजित हो रहा है। हमारी चर्चाएं भारत-नॉर्डिक संबंधों को नई मजबूती देंगी और टेक्नोलॉजी व इनोवेशन, व्यापार और निवेश, ग्रीन ट्रांजिशन, ब्लू इकोनॉमी, डिफेंस, डिजिटलाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल गवर्नेंस संस्थाओं में सुधार जैसे क्षेत्रों में संयुक्त सहयोग को और मजबूत करेंगी। इस दौरान मुझे नॉर्डिक नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात का अवसर भी मिलेगा।
19-20 मई को मैं अपनी यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री महामहिम सुश्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर इटली का दौरा करूंगा। इस दौरान मैं इटालियन गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री सर्जियो मातारेला से मुलाकात करूंगा और प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ वार्ता करूंगा। हमारी चर्चाओं का प्रमुख केंद्र इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) होगा, जो खाड़ी क्षेत्र के जरिए भारत को यूरोप से जोड़ने वाली एक परिवर्तनकारी पहल है और जिसमें इटली एक प्रमुख यूरोपियन साझेदार है। IMEC अब विजन से आगे बढ़कर क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में समृद्धि और मजबूत सप्लाई चेन सुनिश्चित करने वाली कनेक्टिविटी संरचना तैयार करने में भारत और इटली की विशेष जिम्मेदारी है। हम जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029 के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे और व्यापार व निवेश, डिफेंस और सिक्योरिटी, क्लीन एनर्जी तथा साइंस और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाएंगे। रोम में मैं फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) के मुख्यालय का भी दौरा करूंगा। यह भारत की बहुपक्षवाद के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता और ग्लोबल फूड सिक्योरिटी व पोषण के लिए FAO के साथ मिलकर काम करने के हमारे संकल्प को दोहराने का अवसर होगा।
मुझे विश्वास है कि खाड़ी क्षेत्र से लेकर नॉर्डिक देशों और भूमध्यसागरीय क्षेत्र तक की ये यात्राएं भारत की भविष्य के लिए अहम रणनीतिक साझेदारियों को और मजबूत करेंगी। इससे व्यापार, निवेश और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को नई गहराई मिलेगी, साथ ही भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को भी मजबूती मिलेगी। ये यात्राएं कनेक्टिविटी, समृद्धि और स्टेबल ग्लोबल ऑर्डर के हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।


