केवल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए सुधार किए हैं: प्रधानमंत्री मोदी
हमारा प्रयास अधिक से अधिक किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान करना है ताकि वे आसानी से ऋण प्राप्त कर सकें, हमें किसान का भविष्य उज्ज्वल बनाना है: पीएम मोदी
पिछली सरकारें वादों और कानूनों का एक जटिल जाल बुनती थीं, जिसे किसान या मजदूर कभी समझ नहीं पाते थे, इससे उत्पादन बढ़ने के बाद भी किसानों की आय में वृद्धि नहीं हुई लेकिन उनके ऋण बढ़ते रहे: प्रधानमंत्री

“हमारा वैचारिक तंत्र और राजनीतिक मंत्र साफ है, गोलमोल नहीं है और हमने उसको जी कर दिखाया है। हम लोगों के लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। नेशन फर्स्ट- यही हमारा मंत्र है, यही हमारा कर्म है। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को 21वीं सदी की राजनीति में अपनी यह पहचान और सशक्त करनी है।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ये बातें शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा, “मुझे दीनदयाल जी के दर्शन करने का सौभाग्य नहीं मिला था, लेकिन उनका स्मरण, उनके बताए हुए रास्ते, उनका दर्शन, उनका चिंतन और उनका जीवन प्रतिपल हमें पावन भी करता है, प्रेरणा भी देता है और ऊर्जा से भर देता है। एक राष्ट्र के रूप में, एक समाज के रूप में भारत को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने जो योगदान दिया है, वो पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला है। भारतीय जनता पार्टी के हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए उनका दिखाया मार्ग प्रेरणा देता है, प्रोत्साहित करता है।”

पीएम मोदी ने कहा कि वे दीनदयाल जी ही थे, जिन्होंने भारत की राष्ट्रनीति, अर्थनीति, समाज नीति और राजनीति को देश के अथाह सामर्थ्य के हिसाब से तय करने की बात मुखरता से कही थी और लिखी थी। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत को विश्व पटल पर नई ऊंचाई देने के लिए, 130 करोड़ से अधिक भारतीयों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए, आज जो कुछ भी हो रहा है, उसमें दीनदयाल जी जैसे महान व्यक्तित्व का बहुत बड़ा आशीर्वाद है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के किसान, गरीब, श्रमिक और महिलाएं ही आत्मनिर्भर भारत के मजबूत स्तंभ हैं, इसलिए इनका आत्मसम्मान और आत्मगौरव ही आत्मनिर्भर भारत की प्राण-शक्ति है और प्रेरणा हैं। इनको सशक्त करने से ही भारत की प्रगति संभव है। उन्होंने कहा, “देश के किसान, श्रमिक भाई-बहन, युवाओं, मध्यम वर्ग के हित में अनेक अच्छे और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। जहां-जहां राज्यों में हमें सेवा करने का मौका मिला है, वहां-वहां इन्हीं आदर्शों को परिपूर्ण करने के लिए उतने ही जी जान से लगे हुए हैं। आज जब देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक-एक देशवासी अथक परिश्रम कर रहा है, तभी तो गरीबों को, दलितों, वंचितों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, आदिवासी, मजदूरों को उनका हक देने का ऐतिहासिक काम हुआ है।’’

श्री मोदी ने कहा कि आजादी के अनेक दशकों तक किसान और श्रमिक के नाम पर खूब नारे लगे, बड़े-बड़े घोषणापत्र लिखे गए। लेकिन समय की कसौटी ने सिद्ध कर दिया है कि वे सारी बातें कितनी खोखली थीं। किसान और श्रमिक के नाम पर देश और राज्यों में कई बार सरकारें बनीं, लेकिन उन्हें मिला क्या? सिर्फ वादों और कानूनों का एक उलझा हुआ जाल। किसानों को ऐसे कानूनों में उलझाकर रखा गया, जिसके कारण वे अपनी ही उपज को, अपने मन मुताबिक बेच तक नहीं सकते थे।

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व में NDA सरकार ने निरंतर इस स्थिति को बदलने का काम किया है। पहले लागत का डेढ़ गुना MSP तय किया, उसमें रिकॉर्ड बढ़ोतरी की और रिकॉर्ड सरकारी खरीद भी सुनिश्चित की। उन्होंने कहा,बीते सालों में यह निरंतर प्रयास किया गया है कि किसान को बैंकों से सीधे जोड़ा जाए। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश के 10 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में कुल एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए जा चुके हैं। सरकार ने इस बात का भी प्रयास किया है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों के पास किसान क्रेडिट कार्ड हो, उन्हें खेती के लिए आसानी से कर्ज उपलब्ध हो। भाजपा सरकार के 5 वर्ष में किसानों को लगभग 35 लाख करोड़ रुपये KCC के माध्यम से दिए गए हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दशकों बाद किसान को अपनी उपज पर सही हक मिल पाया है। कृषि में जो सुधार किए हैं, उसका सबसे ज्यादा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा। लेकिन किसानों से हमेशा झूठ बोलने वाले कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से किसानों को भ्रमित करने में लगे हैं। देश के किसानों को ऐसी किसी भी अफवाह से बचाना भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।

पीएम मोदी ने कहा कि किसानों की तरह ही दशकों तक देश के श्रमिकों को भी कानून के जाल में उलझाकर रखा गया। जब-जब श्रमिकों ने आवाज उठाई, तब-तब उनको कागज पर एक कानून दे दिया गया। जो पहले के श्रमिक कानून थे, वो देश की आधी आबादी, हमारी महिला श्रमशक्ति के लिए काफी नहीं थे। अब इन नए कानूनों से हमारी बहनों को, बेटियों को, समान मानदेय दिया गया है, उनकी ज्यादा भागीदारी को सुनिश्चित किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “किसानों, श्रमिकों और महिलाओं की ही तरह छोटे-छोटे स्वरोजगार से जुड़े साथियों का एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा था, जिसकी सुध कभी नहीं ली गई। रेहड़ी, पटरी, फेरी वाले लाखों साथी जो आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, उनके लिए भी पहली बार एक विशेष योजना बनाई गई है। किसानों, खेत मजदूरों, छोटे दुकानदारों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन और बीमा से जुड़ी योजनाएं सरकार ने पहले ही शुरू कर दी हैं। अब नए प्रावधानों से सामाजिक सुरक्षा का यह कवच और मजबूत होगा।”

पीएम मोदी ने कहा कि जिस संकल्प पत्र को लेकर भाजपा कार्यकर्ता घर-घर गए थे, आज जब वे उसको देखेंगे तो पाएंगे कि कितनी तेजी से काम हुआ है। वह चाहे अनुच्छेद-370 हो, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। ये हमारे वे वादे रहे हैं, जो दशकों की हमारी तपस्या का भी आधार रहे हैं, ध्येय रहे हैं। संकल्प लेकर उसे सिद्ध करने की इस ताकत को हमें बनाए रखना है, ऊर्जावान रखना है। क्योंकि हमारी बातें, हमारे विचार, हमारा आचरण, 21वीं सदी के भारत की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप ही होने चाहिए। हमारे आदर्श, हमारी परंपरा, हमारी प्रेरणा, जितनी प्राचीन है, उतनी ही नवीन भी होनी चाहिए। हम भले ही दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल हों, लेकिन हमारी पहुंच भारत के छोटे से छोटे गांव तक, छोटी से छोटी गली तक होनी ही चाहिए।

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