पीएम मोदी ने की बजट तारीफ की और कहा- आत्मनिर्भरता की बुनियाद पर नए भारत का निर्माण जरूरी।
2013-14 में भारत का निर्यात 2.85 लाख करोड़ रुपये था और आज इसने 4.7 लाख करोड़ रुपये हासिल कर लिए हैं: पीएम मोदी
आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि रिफॉर्म्स ने अर्थव्यवस्था का विस्तार किया है।
केन-बेतवा नदी को जोड़ने की परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले बुंदेलखंड का चेहरा बदलने के लिए तैयार है: पीएम मोदी
बजट 2020 में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं को बुनियादी जरूरतें मुहैया कराने पर जोर है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बजट 2022 को संकट को अवसर में बदलने का साहसिक कदम बताया।
सीमावर्ती गांवों से पलायन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अच्छा नहीं है; बजट में सीमा पर 'वाइब्रेंट गांवों' को विकसित करने का प्रावधान है: पीएम
बजट में गंगा नदी के किनारे 2,500 किलोमीटर लंबे नैचुरल फॉर्मिल कॉरिडोर की कल्पना की गई है, इससे स्वच्छ गंगा मिशन में भी मदद मिलेगी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट और आत्मनिर्भर भारत विषय पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ विस्तार से चर्चा की है। इस चर्चा में देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार का बजट गरीबों, किसानों और सामान्य मानवी की आकांक्षाओं को नई उड़ान देने के साथ-साथ सशक्त और समृद्ध न्यू इंडिया की नींव को भी नई मजबूती देने वाला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी के कालखंड को दुनिया के लिए Turning point बताते हुए कहा, “बीते सात वर्षों में जो निर्णय लिए गए, जो नीतियां बनीं, पहले की जिन नीतियों में सुधार हुआ, उस वजह से आज भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है। 7-8 साल पहले भारत की GDP 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये थी। आज भारत की अर्थव्यवस्था 2 लाख 30 हजार करोड़ के आसपास की है। वर्ष 2013-14 में भारत का एक्सपोर्ट 2 लाख 85 हजार करोड़ रुपये होता था। आज भारत का एक्सपोर्ट 4 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के आसपास पहुंच रहा है। सात साल पहले करीब 275 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा रिजर्व देश के पास था। आज देश का विदेशी मुद्रा रिजर्व 630 बिलियन डॉलर को पार कर गया है। वर्ष 2013 में देश में 36 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आया था। पिछले साल ये 80 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है। कोरोना के इस काल में भी भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था की मजबूती से दुनिया को हैरान कर दिया है। आज भारत दुनिया के उन देशों में है जहां के इकोनॉमिक इंडिकेटर्स में बहुत तेजी से सुधार आ रहा है और fundamentals मजबूत है। इस साल का बजट इसे और गति देगा।“

पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट का भी फोकस गरीब, किसान, मिडिल क्लास और युवाओं को बुनियादी सुविधाएं देने के साथ आय के स्थायी समाधानों से जोड़ने पर है। उन्होंने कहा, “जब गरीब को मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं तो वो अपनी ऊर्जा को अपने विकास और देश के विकास में लगाता है। इसका एक उदाहरण है- जल जीवन मिशन। सरकार के प्रयासों से आज देश में करीब-करीब 9 करोड़ ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचने लगा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में नदियों को लिंक करने के अनेक प्रस्ताव इस बजट में है। विशेष रूप से केन-बेतवा को लिंक करने के लिए जो हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, उससे यूपी और एमपी के बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर भी बदलने वाली है। इस योजना पर लगभग 44 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों के घर का सपना पूरा कर रही है। इसके लिए बजट में भी इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा, “इस साल के बजट में गरीबों के लिए 80 लाख पक्के घर बनाने की बात कही गई है। इस पर 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। पहले के मुकाबले, सरकार ने इन घरों के लिए ज्यादा राशि दी है, घरों का साइज भी बढ़ाया है।’’ पीएम मोदी ने आकांक्षी जिलों की चर्चा करते हुए कहा, ‘’भारत जैसे देश में कोई क्षेत्र पिछड़ा रहे, ये ठीक नहीं। इसलिए इस बजट में घोषणा की गई है कि आकांक्षी जिलों में राज्यों के साथ मिलकर आकांक्षी ब्लॉक प्रोग्राम चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर जरूरी सुविधाएं पहुंचे, इस पर सरकार का जोर है।”

बजट में राष्ट्र की सुरक्षा पर किस तरह ध्यान दिया गया है, इसका जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सीमा पर मौजूद गांवों के विकास के बारे में नए सिरे से सोचा गया है। ऐसे गांवों में हर प्रकार की सुविधा हो, बिजली-पानी-सड़क का इंतजाम हो, इसके लिए बजट में विशेष वाइब्रेंट विलेज प्रोगाम का ऐलान किया गया है। हमारे अनकों सीमावर्ती गांव टूरिस्ट स्पॉट बन सकते हैं, प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। राष्ट्र रक्षा से जुड़े एक और बड़े अभियान की बजट में घोषणा की गई है। ये है- पर्वतमाला परियोजना। इससे पहाड़ों में आवाजाही भी आसान होगी और हमारी सेनाओं को भी इससे बहुत सुविधा होगी। इसका बड़ा लाभ हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लेह-लद्दाख और नॉर्थ ईस्ट के लोगों को मिलेगा। नॉर्थ ईस्ट को लेकर भी पीएम-डिवाइन नाम से एक बड़ी योजना की घोषणा बजट में की गई है।’’

देश में कृषि को आधुनिक बनाने और किसानों की कमाई बढ़ाने के उपायों पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये समय की मांग है कि भारत की कृषि भी आधुनिक बने और नए तौरतरीके अपनाए। उन्होंने कहा, “देश की कृषि को टेक्नोलॉजी आधारित और केमिकल फ्री बनाने के लिए बड़े कदम इस बजट में उठाए गए हैं। बीते बजट में हमने किसान रेल और किसान उड़ान की सुविधा सुनिश्चित की, अब किसान ड्रोन किसान का नया साथी बनने वाला है।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि को हाइटेक करने के साथ-साथ उसे नेचुरल बनाने पर भी अभूतपूर्व फोकस है। उन्होंने कहा, “देश के अनेक हिस्सों में जीरो बजट प्राकृतिक खेती पर काम चल रहा है। देश पहली बार नैचुरल फार्मिंग का कॉरिडोर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नैचुरल फार्मिंग का कॉरिडोर लगभग ढाई हजार किलोमीटर लंबा और 10 किलोमीटर चौड़ा होगा। पहले चरण में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मां गंगा के किनारे 5-5 किलोमीटर चौड़ा नैचुरल फार्मिंग का एक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसका बड़ा लाभ विशेष रूप से छोटे किसानों और हमारे आदिवासी भाई-बहनों को होगा।’’

श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने हमेशा किसानों के हित में हर जरूरी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, “बजट में फर्टिलाइजर सब्सिडी को 79 हजार करोड़ से बढ़ाकर सीधा 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपये किया गया है। बीते सालों में MSP पर रिकॉर्ड खरीद की गई है। बजट में प्रावधान किया गया है कि 2 लाख 37 हजार करोड़ रुपये का MSP किसानों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर किया जाएगा। इस साल के बजट में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 68 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 36 प्रतिशत बढ़ाया गया है। वहीं रेलवे भी छोटे किसानों की मदद के लिए विशेष प्रावधान करने वाली है।“

पीएम मोदी ने कहा कि इनोवेशन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में इस बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, वो अधिक से अधिक युवाओं को इनोवेट करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। देश में बढ़ते स्टार्टअप्स का जिक्र करते हए उन्होंने कहा, “मैंने खेती में जिस ड्रोन टेक्नोलॉजी की पहले चर्चा की, वो भी एग्रीटेक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देगा। डिफेंस के क्षेत्र में स्टार्ट अप्स हों या फिर डिजिटल करेंसी जैसे प्रावधानों से फिनटेक से जुड़े स्टार्ट अप्स युवाओं के लिए अनंत संभावनाएं बनाने वाले हैं। युवाओं को शिक्षा और स्किल के बेहतर अवसर देने के लिए बीते सालों में टेक्नोलॉजी का दायरा निरंतर बढ़ाया गया है। इस बजट में इसको विस्तार देते हुए पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने का फैसला किया गया है। इससे गरीब के बच्चों को भी रोजगार करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। सरकार ने इस बार के स्पोर्ट्स बजट में भी रिकॉर्ड वृद्धि की है। खेलो इंडिया अभियान के बजट को भी बढ़ाया गया है। स्पोर्ट्स का बजट पिछले सात सालों में तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा है। इसका भी लाभ हमारे युवा साथियों को होगा।”

पीएम मोदी ने कहा कि अब पोस्ट ऑफिस में भी बैंकों की तरह ही मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधा मिल पाएगी। इससे गांव में रहने वाले किसानों, मजदूरों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को विशेष रूप से बहुत राहत मिलेगी। 5G की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बहुत जल्द सभी गांव तक ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी पूरी होगी।

देश में तेजी से बढ़ती Animation, Visual Effects, Gaming और Comic (AVGC) सेक्टर में तेज विकास की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘’आने वाले 2 सालों में ये सेक्टर 3 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। इस सेक्टर में 'Create in India' और 'Brand India' को सशक्त करने का भरपूर पोटेंशियल है।’’

पीएम मोदी ने डिजिटल करेंसी, MSMEs और Public Investment पर चर्चा करते हुए कहा, “Central Bank Digital Currency से डिजिटल इकोनॉमी को बहुत बल मिलेगा। ये डिजिटल रुपया, अभी जो हमारी फिजिकल करेंसी है उसका ही डिजिटल स्वरूप होगा और इसे RBI द्वारा जारी किया जाएगा। इससे ग्लोबल डिजिटल पेमेंट सिस्टम के निर्माण में भी आसानी होगी।’’

Manufacturing Sector की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में MSMEs का एक नया ecosystem खड़ा होगा, जिससे इस क्षेत्र में कई नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि Public Investment इस बजट की सबसे खास और अलग बात है, जो 7 लाख 50 हजार करोड़ रुपए रखा गया है। वहीं शहरीकरण और शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “ये हमारे शहर ही हैं, जहां Neo-middle classes और middle classes बड़ी संख्या में रहता है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। बीते 7 सालों में देश के शहरों को आधुनिक बनाने पर हमारा निरंतर जोर रहा है, जिसे इस बजट में नया आयाम दिया गया है। बेहतर घर, सड़क, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और स्कूल शहरों में Ease of Living को बढ़ाएंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट को ग्रीन बजट भी कहा जा रहा है, क्योंकि ये बजट ना सिर्फ ग्रीन ग्रोथ सुनिश्चित करेगा बल्कि ये ग्रीन जॉब्स भी जेनरेट करेगा। अपने संबोधन के आखिर में पीएम मोदी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के फंडामेंटल्स मजबूत हैं, दिशा सही है और गति तेज है।

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आइए हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन सेंट्रिक और फ्यूचर रेडी बनाएं: भारत-ऑस्ट्रिया जॉइंट प्रेस मीट में पीएम मोदी
April 16, 2026

Your Excellency, चांसलर स्टॉकर

दोनों देशों के delegates,

मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

ग्रूस गॉट

चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।

Friends,

इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनिबिलिटी में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर दस हजार फीट की ऊँचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की टनलिंग एक्स्पर्टीज़ ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है।

इतना ही नहीं, रेल्वे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर urban डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियाँ सक्रिय भागीदार रही हैं।

Friends,

चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। हमे बहुत खुशी है, कि वे एक बड़े vision और बड़े बिजनस delegation के साथ भारत आए हैं।

हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़, और भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर, पूरे विश्व के लिए reliable टेक्नॉलजी और supply chain सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेन्स, सेमीकन्डक्टर, quantum, और bio-टेक्नॉलजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे।

साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा MOU, इस knowledge एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।

Friends,

भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की innovation और productivity को बढ़ाने की क्षमता रखता है।

2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एण्ड मोबिलिटी अग्रीमन्ट किया। अब इस अग्रीमन्ट के अंतर्गत, हम nursing सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे।

हम जॉइन्ट रिसर्च और start-up सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहें हैं।

Friends,

आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया, हम एकमत हैं कि, मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक stable, सस्टेनबल और lasting peace का समर्थन करते हैं।

हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते ग्लोबल challenges के समाधान के लिए Global institutions का रिफॉर्म अनिवार्य है। और आतंकवाद को जड़ से मिटाना, हमारी साझी प्रतिबद्धता है।

Your Excellency,

2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी, चार दशकों बाद हुई थी। उस विज़िट के बाद आज भारत में आपका स्वागत करना, हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है। आइए, हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन centric और फ्यूचर रेडी बनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।