साझा करें
 
Comments
पीएम मोदी ने की बजट तारीफ की और कहा- आत्मनिर्भरता की बुनियाद पर नए भारत का निर्माण जरूरी।
2013-14 में भारत का निर्यात 2.85 लाख करोड़ रुपये था और आज इसने 4.7 लाख करोड़ रुपये हासिल कर लिए हैं: पीएम मोदी
आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि रिफॉर्म्स ने अर्थव्यवस्था का विस्तार किया है।
केन-बेतवा नदी को जोड़ने की परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले बुंदेलखंड का चेहरा बदलने के लिए तैयार है: पीएम मोदी
बजट 2020 में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं को बुनियादी जरूरतें मुहैया कराने पर जोर है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बजट 2022 को संकट को अवसर में बदलने का साहसिक कदम बताया।
सीमावर्ती गांवों से पलायन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अच्छा नहीं है; बजट में सीमा पर 'वाइब्रेंट गांवों' को विकसित करने का प्रावधान है: पीएम
बजट में गंगा नदी के किनारे 2,500 किलोमीटर लंबे नैचुरल फॉर्मिल कॉरिडोर की कल्पना की गई है, इससे स्वच्छ गंगा मिशन में भी मदद मिलेगी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट और आत्मनिर्भर भारत विषय पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ विस्तार से चर्चा की है। इस चर्चा में देशभर के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार का बजट गरीबों, किसानों और सामान्य मानवी की आकांक्षाओं को नई उड़ान देने के साथ-साथ सशक्त और समृद्ध न्यू इंडिया की नींव को भी नई मजबूती देने वाला है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी के कालखंड को दुनिया के लिए Turning point बताते हुए कहा, “बीते सात वर्षों में जो निर्णय लिए गए, जो नीतियां बनीं, पहले की जिन नीतियों में सुधार हुआ, उस वजह से आज भारत की अर्थव्यवस्था का निरंतर विस्तार हो रहा है। 7-8 साल पहले भारत की GDP 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये थी। आज भारत की अर्थव्यवस्था 2 लाख 30 हजार करोड़ के आसपास की है। वर्ष 2013-14 में भारत का एक्सपोर्ट 2 लाख 85 हजार करोड़ रुपये होता था। आज भारत का एक्सपोर्ट 4 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के आसपास पहुंच रहा है। सात साल पहले करीब 275 बिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा रिजर्व देश के पास था। आज देश का विदेशी मुद्रा रिजर्व 630 बिलियन डॉलर को पार कर गया है। वर्ष 2013 में देश में 36 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आया था। पिछले साल ये 80 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है। कोरोना के इस काल में भी भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था की मजबूती से दुनिया को हैरान कर दिया है। आज भारत दुनिया के उन देशों में है जहां के इकोनॉमिक इंडिकेटर्स में बहुत तेजी से सुधार आ रहा है और fundamentals मजबूत है। इस साल का बजट इसे और गति देगा।“

पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट का भी फोकस गरीब, किसान, मिडिल क्लास और युवाओं को बुनियादी सुविधाएं देने के साथ आय के स्थायी समाधानों से जोड़ने पर है। उन्होंने कहा, “जब गरीब को मूलभूत सुविधाएं मिलती हैं तो वो अपनी ऊर्जा को अपने विकास और देश के विकास में लगाता है। इसका एक उदाहरण है- जल जीवन मिशन। सरकार के प्रयासों से आज देश में करीब-करीब 9 करोड़ ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचने लगा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में नदियों को लिंक करने के अनेक प्रस्ताव इस बजट में है। विशेष रूप से केन-बेतवा को लिंक करने के लिए जो हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, उससे यूपी और एमपी के बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर भी बदलने वाली है। इस योजना पर लगभग 44 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों के घर का सपना पूरा कर रही है। इसके लिए बजट में भी इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा, “इस साल के बजट में गरीबों के लिए 80 लाख पक्के घर बनाने की बात कही गई है। इस पर 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। पहले के मुकाबले, सरकार ने इन घरों के लिए ज्यादा राशि दी है, घरों का साइज भी बढ़ाया है।’’ पीएम मोदी ने आकांक्षी जिलों की चर्चा करते हुए कहा, ‘’भारत जैसे देश में कोई क्षेत्र पिछड़ा रहे, ये ठीक नहीं। इसलिए इस बजट में घोषणा की गई है कि आकांक्षी जिलों में राज्यों के साथ मिलकर आकांक्षी ब्लॉक प्रोग्राम चलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर जरूरी सुविधाएं पहुंचे, इस पर सरकार का जोर है।”

बजट में राष्ट्र की सुरक्षा पर किस तरह ध्यान दिया गया है, इसका जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सीमा पर मौजूद गांवों के विकास के बारे में नए सिरे से सोचा गया है। ऐसे गांवों में हर प्रकार की सुविधा हो, बिजली-पानी-सड़क का इंतजाम हो, इसके लिए बजट में विशेष वाइब्रेंट विलेज प्रोगाम का ऐलान किया गया है। हमारे अनकों सीमावर्ती गांव टूरिस्ट स्पॉट बन सकते हैं, प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। राष्ट्र रक्षा से जुड़े एक और बड़े अभियान की बजट में घोषणा की गई है। ये है- पर्वतमाला परियोजना। इससे पहाड़ों में आवाजाही भी आसान होगी और हमारी सेनाओं को भी इससे बहुत सुविधा होगी। इसका बड़ा लाभ हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लेह-लद्दाख और नॉर्थ ईस्ट के लोगों को मिलेगा। नॉर्थ ईस्ट को लेकर भी पीएम-डिवाइन नाम से एक बड़ी योजना की घोषणा बजट में की गई है।’’

देश में कृषि को आधुनिक बनाने और किसानों की कमाई बढ़ाने के उपायों पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये समय की मांग है कि भारत की कृषि भी आधुनिक बने और नए तौरतरीके अपनाए। उन्होंने कहा, “देश की कृषि को टेक्नोलॉजी आधारित और केमिकल फ्री बनाने के लिए बड़े कदम इस बजट में उठाए गए हैं। बीते बजट में हमने किसान रेल और किसान उड़ान की सुविधा सुनिश्चित की, अब किसान ड्रोन किसान का नया साथी बनने वाला है।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि को हाइटेक करने के साथ-साथ उसे नेचुरल बनाने पर भी अभूतपूर्व फोकस है। उन्होंने कहा, “देश के अनेक हिस्सों में जीरो बजट प्राकृतिक खेती पर काम चल रहा है। देश पहली बार नैचुरल फार्मिंग का कॉरिडोर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। नैचुरल फार्मिंग का कॉरिडोर लगभग ढाई हजार किलोमीटर लंबा और 10 किलोमीटर चौड़ा होगा। पहले चरण में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मां गंगा के किनारे 5-5 किलोमीटर चौड़ा नैचुरल फार्मिंग का एक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। इसका बड़ा लाभ विशेष रूप से छोटे किसानों और हमारे आदिवासी भाई-बहनों को होगा।’’

श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने हमेशा किसानों के हित में हर जरूरी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, “बजट में फर्टिलाइजर सब्सिडी को 79 हजार करोड़ से बढ़ाकर सीधा 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपये किया गया है। बीते सालों में MSP पर रिकॉर्ड खरीद की गई है। बजट में प्रावधान किया गया है कि 2 लाख 37 हजार करोड़ रुपये का MSP किसानों के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर किया जाएगा। इस साल के बजट में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 68 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 36 प्रतिशत बढ़ाया गया है। वहीं रेलवे भी छोटे किसानों की मदद के लिए विशेष प्रावधान करने वाली है।“

पीएम मोदी ने कहा कि इनोवेशन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में इस बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, वो अधिक से अधिक युवाओं को इनोवेट करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। देश में बढ़ते स्टार्टअप्स का जिक्र करते हए उन्होंने कहा, “मैंने खेती में जिस ड्रोन टेक्नोलॉजी की पहले चर्चा की, वो भी एग्रीटेक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देगा। डिफेंस के क्षेत्र में स्टार्ट अप्स हों या फिर डिजिटल करेंसी जैसे प्रावधानों से फिनटेक से जुड़े स्टार्ट अप्स युवाओं के लिए अनंत संभावनाएं बनाने वाले हैं। युवाओं को शिक्षा और स्किल के बेहतर अवसर देने के लिए बीते सालों में टेक्नोलॉजी का दायरा निरंतर बढ़ाया गया है। इस बजट में इसको विस्तार देते हुए पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने का फैसला किया गया है। इससे गरीब के बच्चों को भी रोजगार करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। सरकार ने इस बार के स्पोर्ट्स बजट में भी रिकॉर्ड वृद्धि की है। खेलो इंडिया अभियान के बजट को भी बढ़ाया गया है। स्पोर्ट्स का बजट पिछले सात सालों में तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा है। इसका भी लाभ हमारे युवा साथियों को होगा।”

पीएम मोदी ने कहा कि अब पोस्ट ऑफिस में भी बैंकों की तरह ही मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधा मिल पाएगी। इससे गांव में रहने वाले किसानों, मजदूरों, वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को विशेष रूप से बहुत राहत मिलेगी। 5G की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बहुत जल्द सभी गांव तक ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी पूरी होगी।

देश में तेजी से बढ़ती Animation, Visual Effects, Gaming और Comic (AVGC) सेक्टर में तेज विकास की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘’आने वाले 2 सालों में ये सेक्टर 3 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा। इस सेक्टर में 'Create in India' और 'Brand India' को सशक्त करने का भरपूर पोटेंशियल है।’’

पीएम मोदी ने डिजिटल करेंसी, MSMEs और Public Investment पर चर्चा करते हुए कहा, “Central Bank Digital Currency से डिजिटल इकोनॉमी को बहुत बल मिलेगा। ये डिजिटल रुपया, अभी जो हमारी फिजिकल करेंसी है उसका ही डिजिटल स्वरूप होगा और इसे RBI द्वारा जारी किया जाएगा। इससे ग्लोबल डिजिटल पेमेंट सिस्टम के निर्माण में भी आसानी होगी।’’

Manufacturing Sector की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश में MSMEs का एक नया ecosystem खड़ा होगा, जिससे इस क्षेत्र में कई नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि Public Investment इस बजट की सबसे खास और अलग बात है, जो 7 लाख 50 हजार करोड़ रुपए रखा गया है। वहीं शहरीकरण और शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “ये हमारे शहर ही हैं, जहां Neo-middle classes और middle classes बड़ी संख्या में रहता है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। बीते 7 सालों में देश के शहरों को आधुनिक बनाने पर हमारा निरंतर जोर रहा है, जिसे इस बजट में नया आयाम दिया गया है। बेहतर घर, सड़क, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और स्कूल शहरों में Ease of Living को बढ़ाएंगे।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट को ग्रीन बजट भी कहा जा रहा है, क्योंकि ये बजट ना सिर्फ ग्रीन ग्रोथ सुनिश्चित करेगा बल्कि ये ग्रीन जॉब्स भी जेनरेट करेगा। अपने संबोधन के आखिर में पीएम मोदी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के फंडामेंटल्स मजबूत हैं, दिशा सही है और गति तेज है।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज का भारत एक आकांक्षी समाज है: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज का भारत एक आकांक्षी समाज है: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी
The Largest Vaccination Drive: Victory of People, Process and Technology

Media Coverage

The Largest Vaccination Drive: Victory of People, Process and Technology
...

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Text of PM’s address at the India Mobile Congress & launch of 5G services in India
October 01, 2022
साझा करें
 
Comments
PM inaugurates 6th edition of India Mobile Congress
“5G is a knock on the doors of a new era in the country. 5G is the beginning of an infinite sky of opportunities”
“New India will not remain a mere consumer of technology, but India will play an active role in the development and implementation of that technology”
“With 5G, India is setting a global standard in telecom technology for the first time”
“From exporting zero mobile phones in 2014, today we have become a mobile phone exporting country worth thousands of crores”
“I always had full faith in the understanding, wisdom and inquisitive mind of the common man of the country”
“Digital India has given a platform to small traders, small entrepreneurs, local artists and artisans”
“5G technology will not be limited to speedy internet access, but it has the capability to change lives”

इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगीगण, देश के उद्योगजगत के प्रतिनिधिगण, अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों,

ये समिट तो ग्लोबल है लेकिन आवाज लोकल है। इतना ही नहीं आगाज भी लोकल है। आज 21वीं सदी के विकसित होते भारत के सामर्थ्य का, उस सामर्थ्य को देखने का, उसके प्रदर्शन का एक विशेष दिवस है। आजादी के अमृत महोत्सव के इस ऐतिहासिक कालखंड में एक अक्टूबर 2022, ये तारीख इतिहास में दर्ज होने वाली है। दूसरा ये नवरात्र का पर्व चल रहा है। शक्ति उपासना का पर्व होता है और 21वीं सदी की जो सबसे बड़ी शक्ति है उस शक्ति को नई ऊंचाई पर ले जाने का आज भी आरंभ हो रहा है। आज देश की ओर से, देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री की ओर से, 130 करोड़ भारतवासियों को 5G के तौर पर एक शानदार उपहार मिल रहा है। 5G, देश के द्वार पर नए दौर की दस्तक लेके आया है। 5G, अवसरों के अनंत आकाश की शुरुआत है। मैं प्रत्येक भारतवासी को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

मैं गौरव से भरे इन क्षणों के साथ ही, मुझे खुशी इस बात की भी है कि 5G की शुरुआत में ग्रामीण स्कूलों के बच्चे भी हमारे साथ सहभागी हैं, गाँव भी सहभागी हैं, मजदूर-गरीब भी सहभागी हैं। अभी मैं यूपी के एक ग्रामीण स्कूल की बेटी 5G होलोग्राम टेक्नालजी के जरिए रूबरू हो रहा था। जब मैं 2012 के चुनाव में होलोग्राम लेकर के चुनाव प्रसार कर रहा था तो दुनिया के लिए अजूबा था। आज वो घर-घर पहुंच रहा है। मैंने महसूस किया कि नई तकनीक उनके लिए किस तरह पढ़ाई के मायने बदलते जा रही है। इसी तरह, गुजरात, महाराष्ट्र और ओड़िशा के गाँवों के सुदूर स्कूल तक, 5G के जरिए बच्चे बड़े-बड़े विशेषज्ञों के साथ क्लास में नई-नई चीजें सीख रहे हैं। उनके साथ नए दौर की क्लास का हिस्सा बनना, ये वाकई बहुत रोमांचित करने वाला अनुभव है।

साथियों,

5G को लेकर भारत के प्रयासों का एक और संदेश है। नया भारत, टेक्नॉलजी का सिर्फ़ consumer बनकर नहीं रहेगा बल्कि भारत उस टेक्नॉलजी के विकास में, उसके implementation में बहुत बड़ी active भूमिका निभाएगा। भविष्य की wireless टेक्नॉलजी को design करने में, उस से जुड़ी manufacturing में भारत की बड़ी भूमिका होगी। 2G, 3G, 4G के समय भारत टेक्नॉलजी के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा। लेकिन 5G के साथ भारत ने नया इतिहास रच दिया है। 5G के साथ भारत पहली बार टेलीकॉम टेक्नॉलजी में global standard तय कर रहा है। भारत लीड कर रहा है। आज इन्टरनेट का इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति इस बात को समझ रहा है कि 5G, Internet का पूरा आर्किटेक्चर बदल कर रख देगा। इसलिए भारत के युवाओं के लिए आज 5G बहुत बड़ी opportunity लेकर आया है। मुझे खुशी है कि विकसित भारत का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा हमारा देश, दुनिया के अन्य देशों के साथ किस तरह कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। ये भारत की बहुत बड़ी सफलता है, डिजिटल इंडिया अभियान की बहुत बड़ी सफलता है।

साथियों,

जब हम डिजिटल इंडिया की बात करते हैं तो कुछ लोग समझते हैं कि ये सिर्फ एक सरकारी योजना है। लेकिन डिजिटल इंडिया सिर्फ एक नाम नहीं है, ये देश के विकास का बहुत बड़ा विजन है। इस विजन का लक्ष्य है उस टेक्नॉलजी को आम लोगों तक पहुंचाना, जो लोगों के लिए काम करे और लोगों के साथ जुड़कर काम करे। मुझे याद है, जब मोबाइल सेक्टर से जुड़े इस विजन के लिए strategy बनाई जा रही थी, तो मैंने कहा था कि हमारी अप्रोच टुकड़ों-टुकड़ों में नहीं होनी चाहिए, बल्कि holistic होनी चाहिए। डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए जरूरी था कि वो इस सेक्टर के सभी आयामों को एक साथ कवर करे। इसलिए हमने 4 Pillars पर और चार दिशाओं में एक साथ फोकस किया। पहला - डिवाइस की कीमत, दूसरा - डिजिटल कनेक्टिविटी, तीसरा - डेटा की कीमत, चौथा और जो सबसे जरूरी है - ‘digital first’ की सोच।

साथियों,

जब हम पहले पिलर की बात करते हैं, डिवाइस की कीमत की बात करते हैं, तो एक बात बहुत स्पष्ट है। डिवाइस की कीमत तभी कम हो सकती है जब हम आत्मनिर्भर हों, और आपको याद होगा बहुत लोगों ने आत्मनिर्भर की मेरी बात की मजाक उड़ाई थी। 2014 तक, हम करीब 100 प्रतिशत मोबाइल फोन आयात करते थे, विदेशों से इम्पोर्ट करते थे, और इसलिए, हमने तय किया कि हम इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे। हमने mobile manufacturing units को बढ़ाया। 2014 में जहां देश में सिर्फ 2 mobile manufacturing units थी, 8 साल पहले 2, अब उनकी संख्या 200 के ऊपर है। हमने भारत में मोबाइल फोन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए incentive दिए, प्राइवेट सेक्टर को प्रोत्साहित किया। आज इसी योजना का विस्तार आप PLI scheme में भी देख रहे हैं। इन प्रयासों का नतीजा बहुत पॉजिटिव रहा। आज भारत, मोबाइल फोन उत्पादन करने में दुनिया में नंबर 2 पर हैं। इतना ही नहीं जो कल तक हम मोबाइल इम्पोर्ट करते थे। आज हम मोबाइल एक्सपोर्ट कर रहे हैं। दुनिया को भेज रहे हैं। जरा सोचिए, 2014 में जीरो मोबाइल फोन निर्यात करने से लेकर आज हम हजारों करोड़ के मोबाइल फोन निर्यात करने वाले देश बन गये हैं, एक्सपोर्ट करने वाले देश बन चुके हैं। स्वाभाविक है इन सारे प्रयासों का प्रभाव डिवाइस की कीमत पर पड़ा है। अब कम कीमत पर हमें ज्यादा फीचर्स भी मिलने लगे हैं।

साथियों,

डिवाइस Cost के बाद जो दूसरे पिलर पर हमने काम किया, वो है डिजिटल कनेक्टिविटी का। आप भी जानते हैं कि कम्युनिकेशन सेक्टर की असली ताकत कनेक्टिविटी में है। जितने ज्यादा लोग कनेक्ट होंगे, इस सेक्टर के लिए उतना अच्छा है। अगर हम ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की बात करें, तो 2014 में 6 करोड़ यूजर्स थे। आज इनकी संख्या बढ़कर 80 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। अगर हम इंटरनेट कनेक्शन की संख्या की बात करें, तो 2014 में जहां 25 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन थे, वहीं आज इसकी संख्या करीब-करीब 85 करोड़ पहुंच रही है। ये बात भी नोट करने वाली है कि आज शहरों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या के मुकाबले हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। और इसकी एक खास वजह है। 2014 में जहां देश में 100 से भी कम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचा था, आज एक लाख 70 हजार से भी ज्यादा पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंच चुका है। अब कहां 100, कहां एक लाख 70 हजार। जैसे सरकार ने घर-घर बिजली पहुंचाने की मुहिम शुरू की, जैसे हर घर जल अभियान के जरिए हर किसी तक साफ पानी पहुंचाने के मिशन पर काम किया, जैसे उज्जवला योजना के जरिए गरीब से गरीब आदमी के घर में भी गैस सिलेंडर पहुंचाया, जैसे हमने करोड़ों की तादाद में लोग बैंक अकाउंट से वंचित थे। करोड़ों लोग जो बैंक से नहीं जुड़े थे। आजादी के इतने साल के बाद जनधन एकाउंट के द्वारा हिन्दुस्तान के नागरिकों को बैंक के साथ जोड़ दिया। वैसे ही हमारी सरकार, Internet for all के लक्ष्य पर काम कर रही है।

साथियों,

Digital connectivity बढ़ने के साथ ही डेटा की कीमत भी उतनी ही अहम हो जाती है। ये डिजिटल इंडिया का तीसरा पिलर था, जिस पर हमने पूरी शक्ति से काम किया। हमने टेलीकॉम सेक्टर के रास्ते में आने वाली तमाम अड़चनों को हटाया। पहले विजन की कमी और पारदर्शिता के अभाव में टेलीकॉम सेक्टर को तमाम मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। आप परिचित हैं कि कैसे हमने 4G तकनीक के विस्तार के लिए policy support दिया। इससे डेटा की कीमत में भारी कमी आई और देश में डेटा क्रांति का जन्म हुआ। देखते ही देखते ये तीनों फैक्टर, डिवाइस की कीमत, डिजिटल कनेक्टिविटी और डेटा की कीमत – इसका Multiplier Effect हर तरफ नजर आने लगा।

लेकिन साथियों,

इन सबके साथ एक और महत्वपूर्ण काम हुआ। देश में ‘digital first’ की सोच विकसित हुई। एक वक्त था जब बड़े-बड़े विद्वान इलीट क्लास, उसके कुछ मुट्ठी भर लोग, सदन के कुछ भाषण देख लेना, कैसे-कैसे भाषण हमारे नेता लोग करते हैं। वे मजाक उड़ाते थे। उनको लगता था कि गरीब लोगों में क्षमता ही नहीं है, ये डिजिटल समझ ही नहीं सकते, संदेह करते थे। उन्हें शक था कि गरीब लोग डिजिटल का मतलब भी नहीं समझ पाएंगे। लेकिन मुझे देश के सामान्य मानवी की समझ पर, उसके विवेक पर, उसके जिज्ञासु मन पर हमेशा भरोसा रहा है। मैंने देखा है कि भारत का गरीब से गरीब व्यक्ति भी नई तकनीकों को अपनाने में आगे रहता है और मैं एक छोटा अनुभव बताता हूं। शायद ये 2007-08 का कालखंड होगा या 2009-10 का मुझे याद नहीं है। मैं गुजरात में मुख्यमंत्री रहा लेकिन एक क्षेत्र ऐसा रहा जहां मैं कभी गया नहीं और बहुत ही Tribal इलाके में, बहुत ही पिछड़ा, मैं हमारे सरकार के अधिकारियों ने भी मुझे एक बार वहां कार्यक्रम करना ही करना है, मुझे जाना है। तो वो इलाका ऐसा था कोई-कोई बड़ा प्रोजेक्ट की संभावना नहीं थी, फॉरेस्ट लेंड थी, कोई संभावना रही थी। तो आखिर में एक चिलिंग सेंटर, दूध का चिलिंग सेंटर वो भी 25 लाख रुपये का। मैनें कहा भले वो 25 लाख का होगा, 25 हजार का होगा मैं खुद उद्धघाटन करूंगा। अब लोगों को लगता है ना भई चीफ मिनिस्टर को इससे नीचे तो करना नहीं चाहिए। लेकिन मुझे ऐसा कुछ होता नहीं है। तो मैं उस गांव में गया और जब वहां मैं एक पब्लिक मीटिंग करने के लिए भी जगह नहीं थी तो वहां से 4 किलोमीटर दूर स्कूल का छोटा सा मैदान था। वहां पब्लिक मीटिंग आर्गेनाइज की गई।

लेकिन जब वो चिलिंग सेंटर पर गया मैं तो आदिवासी माताएं-बहनें दूध भरने के लिए कतार में खड़ी थीं। तो दूध का अपना बर्तन नीचे रखकर के जब हम लोग गए और उसकी उद्धघाटन की विधि कर रहे थे तो मोबाइल से फोटो ले रही थीं। मैं हैरान था इतने दूर-दराज के क्षेत्र में मोबाइल से फोटो ले रही है तो मैं उनके पास गया। मैंने कहा ये फोटो लेकर क्या करोगी? तो बोली डाउनलोड करेंगे। ये शब्द सुनकर के मैं सचमुच में surprise हुआ था। कि ये ताकत है हमारे देश के गांव में। आदिवासी क्षेत्र की गरीब माताएं-बहनें जो दूध भरने आई थीं वो मोबाइल फोन से अपनी फोटो ले रही थीं और उनको ये मालुम था कि इसमें तो नहीं अब डाउनलोड करवा देंगे और डाउनलोड शब्द उनके मुह से निकलना ये उनकी समझ शक्ति और नई चीजों को स्वीकारने के स्वभाव का परिचय देती है। मैं कल गुजरात में था तो मैं अम्बा जी तीर्थ क्षेत्र पर जा रहा था तो रास्ते में छोटे-छोटे गांव थे। आधे से अधिक लोग ऐसे होंगे जो मोबाइल से वीडियो उतार रहे थे। आधे से अधिक, यानि हमारे देश की जो ये ताकत है इस ताकत को हम नजरअंदाज नहीं कर सकते और सिर्फ देश के इलीट क्लास के कुछ लोगों को ही हमारे गरीब भाई-बहनों पर यकीन नहीं था। आखिरकार हम ‘digital first’ के अप्रोच के साथ आगे बढ़ने में कामयाब हुए।

सरकार ने खुद आगे बढ़कर digital payments का रास्ता आसान बनाया। सरकार ने खुद ऐप के जरिए citizen-centric delivery service को बढ़ावा दिया हैं। बात चाहे किसानों की हो, या छोटे दुकानदारों की, हमने उन्हें ऐप के जरिए रोज की जरूरतें पूरी करने का रास्ता दिया। इसका नतीजा आज आप देख सकते हैं। आज टेक्नॉलजी सही मायने में democratic हो गई है, लोकतांत्रिक हो गई है। आपने भी देखा है कि ‘digital first’ की हमारी अप्रोच ने कोरोना वैश्विक महामारी के इस दौर में देश के लोगों की कितनी मदद की। दुनिया के बड़े-बड़े विकसित देश जब अपने नागरिकों की मदद करने में संघर्ष कर रहे थे। खजाने में रुपये पड़े थे, डॉलर थे, पाउंड थे, सब था, यूरो था और देने का तय भी किया था। लेकिन पहुंचाने का रास्ता नहीं था। भारत एक क्लिक पर हजारों करोड़ रुपए मेरे देश के नागरिकों के खाते में ट्रांसफर कर रहा था। ये डिजिटल इंडिया की ही ताकत थी कि जब दुनिया थमी हुई थी, तो भी हमारे बच्चे ऑनलाइन क्लासेस ले रहे थे, पढ़ाई कर रहे थे। अस्पतालों के सामने असाधारण चुनौती थी, लेकिन डॉक्टर्स अपने मरीजों का इलाज टेली-मेडिसिन के जरिए भी कर रहे थे। ऑफिसेस बंद थे, लेकिन ‘work from home’ चल रहा था। आज हमारे छोटे व्यापारी हों, छोटे उद्यमी हों, लोकल कलाकार हों, कारीगर हों, डिजिटल इंडिया ने सबको मंच दिया है, बाजार दिया है। आज आप किसी लोकल मार्केट में आप सब्जी मंडी में जाकर देखिए, रेहड़ी-पटरी वाला छोटा दुकानदार भी आपसे कहेगा, कैश नहीं है ‘UPI’ कर दीजिए। मैंने तो बीच में एक वीडियो देखा कोई भिक्षुक भी digitally payment लेता है। Transparency देखिए, ये बदलाव बताता है कि जब सुविधा सुलभ होती है तो सोच किस तरह सशक्त हो जाती है।

साथियों,

आज टेलीकॉम सेक्टर में जो क्रांति देश देख रहा है, वो इस बात का सबूत है कि अगर सरकार सही नीयत से काम करे, तो नागरिकों की नियत बदलने में देर नहीं लगती है। 2जी की नीयत और 5जी की नियत में यही फर्क है। देर आए दुरुस्त आए। भारत आज दुनिया के उन देशों में है जहां डेटा इतना सस्ता है। पहले 1GB डेटा की कीमत जहां 300 रुपए के करीब होती थीं, वहीं आज 1GB डेटा का खर्च केवल 10 रुपए तक आ गया है। आज भारत में महीने भर में एक व्यक्ति मोबाइल पर करीब-करीब एवरेज 14 GB डेटा इस्तेमाल कर रहा है। 2014 में इस 14 GB डेटा की कीमत होती थी करीब–करीब 4200 रुपए प्रति महीना। आज इतना ही डेटा वो सौ रुपए, या ज्यादा से ज्यादा डेढ़ सौ रुपए, सवा सौ या डेढ़ सौ रुपये में मिल जाता है। यानि आज गरीब के, मध्यम वर्ग के मोबाइल डेटा के करीब करीब 4 हजार रुपए हर महीने बच रहा है उसकी जेब में। हमारी सरकार के इतने सारे प्रयासों से भारत में डेटा की कीमत बहुत कम बनी हुई है। ये बात अलग है 4000 रुपया बचना कोई छोटी बात नहीं है हर महीना लेकिन जब मैं बता रहा हूं तब आपको ध्यान में आया क्योंकि हमने इसका हो-हल्ला नहीं किया, विज्ञापन नहीं दिए, झूठे-झूठे बड़े गपगोले नहीं चलाए, हमने फोकस किया कि देश के लोगों की सहूलियत बढ़े, Ease of Living बढ़े।

साथियों,

अक्सर ये कहा जाता है कि भारत पहली तीन औद्योगिक क्रांतियों का लाभ नहीं उठा पाया। लेकिन मेरा विश्वास है कि भारत ना सिर्फ चौथी औद्योगिक क्रांति का पूरा लाभ उठाएगा बल्कि उसका नेतृत्व भी करेगा और विद्वान लोग तो कहने भी लगे हैं कि भारत का दशक नहीं ये भारति की शताब्दी है। ये decade नहीं century है। भारत ने किस तरह 4G आने के बाद टेक्नॉलजी की दुनिया में ऊंचाई छलांग लगाई है, इसके हम सभी साक्षी हैं। भारत के नागरिकों को जब टेक्नॉलजी के समान अवसर मिल जाते हैं, तो दुनिया में उन्हें कोई पछाड़ नहीं सकता। इसलिए आज जब भारत में 5जी का लॉन्च हो रहा है, तो मैं बहुत विश्वास से भरा हुआ हूं दोस्तों। मैं दूर का देख पा रहा हूं और जो सपने हमारे दिल दिमाग मे चल रहे हैं। उसको अपनी आंखों के सामने हम साकार होते देखेंगे। हमारे बाद वाली पीढ़ी ये देखेगी ऐसा काम होने वाला नहीं है हम ही हमारे आखों के सामने देखने वाले हैं। ये एक सुखद संयोग है कि कुछ सप्ताह पहले ही भारत विश्व की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। और इसलिए, ये अवसर है हमारे युवाओं के लिए, जो 5 जी टेक्नॉलजी की मदद से दुनिया भर का ध्यान खींचने वाले Innovations कर सकते हैं। ये अवसर है हमारे entrepreneurs के लिए जो 5 जी टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करते हुए अपना विस्तार कर सकते हैं। ये अवसर है भारत के सामान्य मानवी के लिए जो इस टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करते हुए अपनी skill को सुधार सकता है, up skill कर सकता है, Re-skill कर सकता है, अपने ideas को सच्चाई में बदल सकता है।

साथियों,

आज का ये ऐतिहासिक अवसर एक राष्ट्र के तौर पर, भारत के एक नागरिक के तौर पर हमारे लिए नई प्रेरणा लेकर आया है। क्यों ना हम इस 5जी टेक्नॉलजी का उपयोग करके भारत के विकास को अभूतपूर्व गति दें? क्यों ना हम इस 5 जी टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करके अपनी अर्थव्यवस्था को बहुत तेजी से विस्तार दें? क्यों ना हम इस 5 जी टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करके अपनी Productivity में रिकॉर्ड वृद्धि करें?

साथियों,

इन सवालों में हर भारतीय के लिए एक अवसर है, एक चुनौती है, एक सपना है और एक संकल्प भी है। मुझे पता है कि आज 5G की इस launching को जो वर्ग सबसे ज्यादा उत्साह से देख रहा है, वो मेरा युवा साथी है, मेरे देश की युवा पीढ़ी है। हमारी टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए भी कितने ही बड़े अवसर इंतज़ार कर रहे हैं, रोजगार के कितने ही नए अवसर बनने जा रहे हैं। मुझे विश्वास है, हमारी इंडस्ट्री, हमारे इंस्टीट्यूट्स और हमारे युवा मिलकर इस दिशा में निरंतर काम करेंगे और अभी जब मैं काफी समय पूरा जो exhibition लगा है तो समझने का प्रयास करता था। मैं कोई टेक्नोलॉजी का विद्यार्थी तो नहीं हूं। लेकिन समझने की कोशिश कर रहा था। ये देखकर के मुझे लगा है कि मैं सरकार में तो सूचना करने वाला हूं। कि हमारी सरकार के सभी विभाग, उसके सारे अधिकारी जरा देखें कहां कहां इसका उपयोग हो सकता है। ताकि सरकार की नीतियों में भी इसका असर नजर आना चाहिए। मैं देश के स्टूडेंट्स को भी चाहुंगा कि पांच दिन तक ये exhibition चलने वाला है। मैं खासकर के टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टूडेंट्स से आग्रह करूंगा कि आप आइये, इसे देखिए, समझिए और कैसे दुनिया बदल रही है और आप एक बार देखेंगे तो अनेक चीजें नई आपके भी ध्यान में आएंगी। आप उसमे जोड़ सकते हैं और मैं इस टेलिकॉम सेक्टर के लोगों से भी कहना चाहुंगा मुझे खुशी होती थी, जिस-जिस स्टॉल में मैं गया हर कोई कहता था ये Indigenous है, आत्मनिर्भर है, ये हमने बनाया है।

सब बड़ गर्व से कहते थे। मुझे आनंद हुआ लेकिन मेरा दिमाग कुछ और चल रहा था मैं ये सोच रहा था जैसे कई प्रकार की कार आती हैं। हरेक की अपनी एक ब्रांड होती है। हरेक की अपनी विशेषता भी होती है। लेकिन उसमें जो स्पेयर पार्ट पहुंचाने वाले होते हैं। वो एमएसएमई सेक्टर के होते हैं और एक ही एमएसएमई के ये फैक्ट्री वाला छह प्रकार की गाड़ियों के स्पेयर पार्ट बनाता है, छोटे-मोटे जो भी सुधार करने करे वो देता है। मैं चाहता हूं कि आज हार्डवेयर भी आप लगा रहे ऐसा लगा मुझे आपकी बातों से। क्या एमएसएमई सेक्टर को इसके लिए जो हार्डवेयर की जरूरत है उसके छोटे-छोटे पूर्जे बनाने के लिए उनको काम दिया जाए। बहुत बड़ा इकोसिस्टम बनाया जाए। एक दम से मैं व्यापारी तो नहीं हूं। मुझे रुपयों पैसों से लेना देना नहीं है लेकिन मैं इतना समझता हूं कि कोस्ट एक दम कम हो जाएगी, एक दम कम हो जाएगी। हमारे एमएसएमई सेक्टर की ये ताकत है और वो सप्लाई आपको सिर्फ अपने यूनिकनेस के साथ उसमे सॉफ्टवेयर वगैरह जोड़कर के सर्विस देनी है और इसलिए मैं समझता हूं कि आप सब मिलकर के एक नया और मिलकर के करना पड़ेगा और तभी जाकर के इसकी कोस्ट हम नीचे ला सकते हैं। बहुत से काम हैं हम मिलकर के करते ही हैं।

तो मैं जरूर इस क्षेत्र के लोगों से भी कहुंगा। मैंने ये भी देखा है कि स्टार्टअप में जिन बच्चों ने काम किया है, जिन नौजवानों ने काम किया है। ज्यादातर इस क्षेत्र में उन्हीं स्टार्टप को ऑन कर करके उसको स्किलअप किया गया है। मैं स्टार्टअप वाले साथियों को भी कहता हूं। कि आपके लिए भी इस क्षेत्र में कितनी सेवाएं अधिकतम आप दे सकते हैं। कितनी user friendly व्यवस्थाओं को विकसित कर सकते हैं। आखिरकार इसका फायदा यही है। लेकिन एक और चीज मैं चाहुंगा। ये भी आपका जो एसोशिएसन है वो मिलकर के एक मूवमेंट चला सकता है क्या? Atleast हिन्दुस्तान के सभी district headquarter में ये 5जी जीवन में कैसे उपयोगी हो सकता है। उसके लोगों को एजुकेट करने वाले exhibition उसकी व्यवस्था हो सकती है क्या? मेरा अनुभव है छोटा सा उदाहरण बताता हूं। हमारे देश में 24 घंटे बिजली ये सपना था। मैं गुजरात में जब था तो मैंने एक योजना बनाई ज्योतिग्राम योजना और मेरा सपना था कि मैं गुजरात के हर घर में 24x7 बिजली दूंगा। अब मेरे सारे अफसर कहते थे शायद संभव ही नहीं है, ये तो हम कर ही नहीं सकते हैं। तो मैंने एक सिम्पल से सॉल्यूशन दिया था। मैंने कहा हम agriculture feeder अलग करते हैं, domestic feeder अलग करते हैं और फिर उस काम को किया और एक-एक जिले को पकड़कर के काम पूरा करता था। बाकि जगह पर चलता था लेकिन एक काम पूरा था।

फिर उस जिले का बड़ा समिट करता था। ढाई-तीन लाख लोग आते थे क्योंकि 24 घंटे बिजली मिलना एक बड़ा आनंद उत्सव का समय था वो 2003-04-05 का कालखंड था। लेकिन उसमें मैंने देखा, मैंने देशभर में बिजली से होने वाले काम, बिजली से चलने वाले यंत्र उनकी एक बहुत बड़ी प्रदर्शनी लगाई थी। जब लोगों ने, वरना लोगों को क्या लगता है। बिजली आई यानि रात को खाना खाने समय बिजली मिलेगी। बिजली आई मतलब टीवी देखने के लिए काम आ जायेगा। इसका कई प्रकार से उपयोग हो सकता है, उसका एजुकेशन भी जरूरी था। मैं ये 2003-04-05 की बात कर रहा हूं और जब वो सारा exhibition लगाया तो लोग टेलर भी सोचने लगा, मैं इलेक्ट्रिक मेरा equipment ,ऐसे लुंगा। कुम्हार भी सोचने लगा कि मैं ऐसे इलेक्ट्रिक व्हीकल लुंगा।

माताएं-बहनें भी लगी किचन में हमारे इलेक्ट्रिक वाले इतनी इतनी चीजें आ सकती हैं। यानि एक बहुत बड़ा मार्केट खड़ा हुआ और बिजली का multiple utility जीवन के सामान्य जीवन में 5जी भी उतना जल्दी लोगों को लगेगा हां यार अब तो वीडियो बहुत जल्दी डाउनलोड हो जाता है। रील देखना है तो बहुत इंतजार नही करता है। फोन कट नहीं होता है। साफ-सुथरी वीडियों कांन्फ्रेंस हो सकती है। फोन कॉल हो सकता है। इतने से सीमित नहीं है। ये जीवन को बदलने वाली व्यवस्था के रूप में आ रहा है और इसलिए मैं इस उद्योग जगत के मित्रों के association को कहुंगा कि आप स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और हिन्दुस्तान के हर डिस्ट्रिक में जाकर के इसके कितने पहलु हैं और आप देखिए कि वो लोग उसमें value addition करेंगे।

तो एक आपके लिए सेवा का काम भी हो जायेगा और मैं चाहुंगा कि इस टेक्नोलॉजी जीवन में सिर्फ बातचीत करने के लिए या कोई वीडियो देखने के लिए सीमित नहीं रहनी चाहिए। ये पूरी तरह एक क्रांति लाने के लिए उपयोग होना चाहिए और हमें 130 करोड़ दिशवासियों तक एक बार पहुंचना है बाद में तो वो पहुंचा देगा आप देख लीजिए, आपकों टाईम नहीं लगेगा। अभी मैंने ड्रोन पॉलिसी अभी-अभी लाया था। आज कई क्षेत्रों में मैं देख रहा हूं। वो ड्रोन से अपना दवाईयां छिड़काव का काम शुरू कर दिया उन्होंने। ड्रोन चलाना सिख लिया है और इसलिए मैं समझता हूं कि हमें इन व्यवस्थाओं की तरफ जाना चाहिए।

और साथियों,

आने वाले समय में देश निरंतर ऐसी technologies का नेतृत्व करेगा, जो भारत में जन्मेंगी, जो भारत को ग्लोबल लीडर बनाएँगी। इसी विश्वास के साथ, आप सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं! एक बार फिर सभी देशवासियों को शक्ति उपासना के पावन पर्व पर शक्ति का एक बहुत बड़ा माध्यम 5 जी लॉन्च होने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद!