Your Excellency प्रधानमंत्री वॉन्ग,
दोनों देशों के delegates,
मीडिया के साथियों,
नमस्कार!

पदभार संभालने के बाद, प्रधानमंत्री वॉन्ग की पहली भारत यात्रा पर, मैं उनका हार्दिक स्वागत करता हूँ। यह यात्रा और भी विशेष है, क्योंकि इस वर्ष हम अपने संबंधों की साठवीं वर्षगांठ मना रहे हैं।

Friends,

पिछले साल, मेरी सिंगापुर यात्रा के दौरान, हमने अपने संबंधों को Comprehensive Strategic Partnership का दर्जा दिया था। इस एक वर्ष में, हमारे संवाद और सहयोग में गति और गहराई आई है।

आज, साउथ ईस्ट एशिया क्षेत्र में, सिंगापुर हमारा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। सिंगापुर से भारत में बड़े स्तर पर निवेश हुआ है। हमारे रक्षा संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं। People to people संबंध गहरे और जीवंत हैं।

आज हमने अपनी पार्टनरशिप के भविष्य के लिए एक detailed रोडमैप तैयार किया है। हमारा सहयोग केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। बदलते समय के अनुरूप, Advanced manufacturing, green shipping, skilling, civil nuclear, और urban water management जैसे क्षेत्र भी हमारे सहयोग के केंद्र बिंदु बनेंगे।

हमने निर्णय लिया है कि आपसी व्यापार को गति देने के लिए, द्विपक्षीय Comprehensive Economic Cooperation Agreement, और आसियान के हमारे Free Trade Agreement का समयबद्ध तरीके से रिव्यू किया जाएगा ।

भारत और सिंगापुर के रिश्तों में हमारे राज्य भी अहम हिस्सेदार होंगे। जनवरी में, जब राष्ट्रपति थरमन भारत यात्रा पर आये थे, वे ओडिशा भी गए थे। पिछले एक साल में ओडिशा, तेलंगाना, असम और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री सिंगापुर जा चुके हैं। गुजरात का GIFT सिटी, हमारे स्टॉक मार्केट को जोड़ने का एक और नया सेतु बना है।

Friends,

पिछले साल हुए Semiconductor Ecosystem Partnership समझौते ने रिसर्च और development को भी नई दिशा दी है।‘Semicon India’ कांफ्रेंस में सिंगापुर की कंपनियों का बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना , यह अपने आप में एक बड़ी बात है।

चेन्नई में, सिंगापुर एक National Centre of Excellence for Skilling स्थापित करने में सहयोग देगा। यह सेंटर advanced manufacturing के क्षेत्र में स्किल्ड मैनपावर तैयार करेगा।

Friends,

Technology और Innovation हमारी साझेदारी के मजबूत स्तंभ है। हमने तय किया है कि AI, quantum, और अन्य Digital technologies में सहयोग को बढ़ाया जायेगा। आज स्पेस सेक्टर में हुए समझौते से अन्तरिक्ष विज्ञान क्षेत्र सहयोग में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। हमने निर्णय लिया है कि हमारे युवाओं के talent को जोड़ने के लिए, इस साल के अंत में, India-Singapore Hackathon का अगला राउंड किया जायेगा।

‘UPI’ और ‘Pay Now’, हमारे डिजिटल कनेक्टिविटी के सफल उदाहरण हैं। और यह प्रसन्नता का विषय है कि इसमें 13 नए भारतीय बैंक्स जुड़े हैं।

आज Green & Digital Shipping Corridors के लिए हुए समझौते से, maritime सेक्टर में green fuel supply chain और डिजिटल पोर्ट क्लियरेंस को बल मिलेगा। भारत अपने पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी से काम कर रहा है। इसमें सिंगापुर का अनुभव अत्यंत उपयोगी है। आज हमने सिंगापुर की कंपनी SPA international द्वारा विकसित, Bharat Mumbai Container Terminal Phase-2 का उद्घाटन किया। यह हमारे कंटेनर हैंडलिंग की क्षमता को और बढ़ाएगा।

Friends,

सिंगापुर हमारी Act East Policy का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। हम आसियान के साथ सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के Joint Vision को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।

आतंकवाद को लेकर हमारी समान चिंताएं हैं। हम मानते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता से लड़ना सभी मानवतावादी देशों का कर्तव्य है। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत के लोगों के प्रति संवेदना, और आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में समर्थन के लिए, मैं प्रधानमंत्री वॉन्ग और सिंगापुर सरकार का आभार व्यक्त करता हूँ।

Excellency,​

Our relations go far beyond diplomacy.

This is a partnership with purpose,

rooted in shared values,

guided by mutual interests,

and, driven by a common vision for peace, progress and prosperity.

हमारी इस भागीदारी में आपकी निजी प्रतिबद्धता के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूँ।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की
June 23, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को याद किया।

प्रधानमंत्री ने डॉ. मुखर्जी को एक विशिष्ट देशभक्त, विद्वान और राजनेता बताया, जिन्होंने अपना जीवन भारत के विकास के लिए समर्पित कर दिया। श्री मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का अटूट विश्वास, सार्वजनिक जीवन में साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति उनकी दृढता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का बलिदान राष्ट्र की सामूहिक स्मृति में अंकित है।

डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और समाज की निस्वार्थ सेवा में समर्पित कर दिया। श्री मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के गहन विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने संस्कृत में रचित सुभाषितम भी साझा किया:

“न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः।”

परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥”

सुभाषितम् में इस बात पर जोर दिया गया है कि अमरत्व कर्मों, धन-दौलत या वंश से नहीं, बल्कि त्याग और महान आदर्शों के प्रति पूर्ण समर्पण से प्राप्त होता है। वे महान आत्माएं जो राष्ट्र, समाज और सत्य के लिए अपने स्वार्थों का त्याग कर देते हैं, समय की सीमाओं को पार करते हुए जनमानस में अमर हो जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर, मैं उनको श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जो एक विशिष्ट देशभक्त, विद्वान और राजनेता थे जिन्होंने अपना जीवन भारत के विकास के लिए समर्पित कर दिया। सार्वजनिक जीवन में उनका अटूट विश्वास, साहस और राष्ट्रीय हित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। डॉ. मुखर्जी का बलिदान हमारी सामूहिक स्मृति में अंकित है। हम उनके द्वारा संजोए गए और अपनी अंतिम सांस तक सेवा किए गए मूल्यों के मार्गदर्शन में एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी दृढता की पुष्टि करते हैं।”

“निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र और समाज की सेवा में आजीवन समर्पित रहे देश की महान विभूति डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को उनके बलिदान दिवस पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उनके प्रखर विचार और आदर्श देश की हर पीढ़ी को मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

न कर्मणा न प्रजया धनेन त्यागेनैके अमृतत्वमानशुः।

परेण नाकं निहितं गुहायां विभ्राजते यद्यतयो विशन्ति॥”