प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. मुखर्जी को एक विशिष्ट राष्ट्र निर्माता, प्रख्यात शिक्षाविद और दूरदर्शी नेता के रूप में याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपना जीवन भारत की एकता, गरिमा और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा, औद्योगिक विकास और राष्ट्रीय एकता में डॉ. मुखर्जी का अमिट योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। श्री मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, डॉ. मुखर्जी के विचार और आदर्श राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:
आज, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर, मैं भारत के उन असाधारण राष्ट्र निर्माताओं में से एक को नमन करता हूं, जिनका जीवन विद्वत्ता, साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति अटूट समर्पण से प्रेरित था। उन्होंने अपना जीवन भारत की एकता, गरिमा और प्रगति के लिए समर्पित कर दिया था।
डॉ. मुखर्जी का योगदान कई क्षेत्रों में रहा। वे एक उत्कृष्ट विचारक और शिक्षाविद थे, जिन्होंने नवाचार और भविष्योन्मुखी शिक्षा का समर्थन किया। उद्योग मंत्री के रूप में, उन्होंने पारंपरिक क्षेत्रों और आजीविका के विकास को सुनिश्चित करते हुए औद्योगिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी। बंगाल में अकाल के दौरान उनके मानवीय प्रयासों से मुसीबत में घिरे लोगों के प्रति उनकी गहरी संवेदना झलकती थी। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत की एकता और अखंडता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
जैसे-जैसे हम विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं, उनकी दूरदृष्टि हमारे मार्ग को रोशन करती रहेगी।
Today, on the 125th Jayanti of Dr. Syama Prasad Mookerjee, I bow to one of India's most remarkable nation-builders, whose life was defined by scholarship, courage and an unwavering commitment to national service. He dedicated himself to the cause of India's unity, dignity and…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2026


