प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज अदीस अबाबा में अदवा विजय स्मारक पर पुष्पचक्र समर्पित करके श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक उन बहादुर इथियोपियाई सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने 1896 में अदवा की लड़ाई में अपने राष्ट्र की संप्रभुता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। यह स्मारक अदवा के नायकों के अदम्‍य उत्‍साह और देश की स्वतंत्रता, गरिमा और मजबूती की गौरवशाली विरासत के लिए सम्‍मान स्‍वरूप है। 

प्रधानमंत्री का इस स्मारक का दौरा भारत और इथियोपिया के बीच एक विशेष ऐतिहासिक संबंध को उजागर करता है जिसे दोनों देशों के लोग आज भी संजोकर रखते हैं। 

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प्रधानमंत्री ने विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया
June 16, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही सुख और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि हर निर्णय के लिए गहन समझ आवश्यक है, क्योंकि सफलता उन निर्णयों पर आधारित होती है जो उचित सोच-विचार के साथ लिए जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया है—

“सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”

यह सुभाषित संदेश देता है कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे प्रारंभ नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेकपूर्ण कार्य बड़ी आपदाओं को निमंत्रण देते हैं। इसके विपरीत, सफलता और समृद्धि स्वयं ऐसे व्यक्ति का चुनाव करती है जो प्रत्येक कार्य को सोच-विचार कर करता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है।

सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”