प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बालासाहेब ठाकरे जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि लोग श्री ठाकरे को लोक कल्याण और महाराष्ट्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए सम्मान देते हैं और याद करते हैं।

एक्स पर एक पोस्ट मेंप्रधानमंत्रीने लिखा:

"मैं बालासाहेब ठाकरे जी को उनके जन्मदिन पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्हें जन कल्याण और महाराष्ट्र के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए व्यापक रूप से सम्मान दिया जाता है और याद किया जाता है। उन्होंने अपनी मूल मान्यताओं से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा भारतीय संस्कृति के गौरव को बढ़ाने में अपना योगदान दिया।"

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प्रधानमंत्री ने विवेक और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया
June 16, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से प्रेरित कार्यों के माध्यम से ही सुख और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि हर निर्णय के लिए गहन समझ आवश्यक है, क्योंकि सफलता उन निर्णयों पर आधारित होती है जो उचित सोच-विचार के साथ लिए जाते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया है—

“सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”

यह सुभाषित संदेश देता है कि किसी भी कार्य को बिना सोचे-समझे प्रारंभ नहीं करना चाहिए, क्योंकि अविवेकपूर्ण कार्य बड़ी आपदाओं को निमंत्रण देते हैं। इसके विपरीत, सफलता और समृद्धि स्वयं ऐसे व्यक्ति का चुनाव करती है जो प्रत्येक कार्य को सोच-विचार कर करता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“धैर्य, विवेक और दूरदर्शिता से किए गए कार्यों से ही सुख-समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इसलिए हर निर्णय में पूरी समझदारी जरूरी है, क्योंकि सोच-समझकर उठाया गया कदम ही सफलता का आधार बनता है।

सहसा विदधीत न क्रियामविवेकः परमापदां पदम्।

वृणते हि विमृश्यकारिणं गुणलुब्धाः स्वयमेव सम्पदः॥”