मलयाली लोग लंबे समय से केरल का नाम बदलकर केरलम रखने की मांग कर रहे थे। मैं आप सभी के चेहरों पर खुशी देख सकता हूँ: पीएम मोदी
पिछली सरकारों ने दशकों तक मछुआरा समुदाय की उपेक्षा की है। लेकिन अब NDA सरकार उनकी प्रगति कर रही है और उन्हें असीमित क्षमताओं तक पहुंचा रही है: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरलम के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि केरल की तटीय अर्थव्यवस्था का विकास एक विकसित भारत और विकसित केरलम के व्यापक विजन में योगदान देगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को केरलम के कोच्चि में अखिल केरला धीवरा सभा के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्र निर्माण में मछुआरा समुदाय के योगदान की उन्होंने खूब सराहना की। उन्होंने संगठन के 50 वर्षों की यात्रा को सेवा, समर्पण और समाज के अधिकारों की रक्षा का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर केरलम के सभी मछुआरा साथियों और संगठन के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण और परिश्रम की प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हाल ही में केरलम की यात्रा के दौरान उनकी धीवरा सभा के प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई थी और कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण आयोजन में शामिल होना उनके लिए प्रसन्नता का विषय है।

पीएम मोदी ने कहा कि प्रदेश के लोगों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा के अनुरूप राज्य का नाम “केरल” से बदलकर “केरलम” करने के प्रस्ताव को केंद्र की बीजेपी-एनडीए सरकार ने मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से राज्य को मलयाली संस्कृति के अनुरूप उसकी सही पहचान मिली है और इसके लिए उन्होंने राज्य के लोगों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धीवरा समुदाय प्रकृति और जीवन के संतुलन का अनूठा उदाहरण पेश करता है। उन्होंने कहा कि मछुआरा समुदाय समुद्र को केवल संसाधन नहीं बल्कि “अम्मा” के रूप में सम्मान देता है। समुद्र की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए समुदाय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत की सदियों पुरानी प्रकृति-सम्मत परंपरा को दिखाने वाला है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि धीवरा समुदाय की परंपरा भारत की प्राचीन विरासत से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली परंपरा को संजोकर रखना समाज और देश दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विषयों में धीवरा सभा ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। समुद्री सीमाओं की रक्षा में भी मछुआरा समुदाय पहली पंक्ति के प्रहरी के रूप में कार्य करता रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता को मजबूत करने में भी इस संगठन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री ने केरलम में आई विनाशकारी बाढ़ के समय मछुआरा समुदाय की सेवा भावना को याद करते हुए कहा कि उस कठिन समय में इस समाज के लोगों ने अपनी नावों को जोखिम में डालकर हजारों लोगों की जान बचाई थी और जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाई थी। उन्होंने कहा कि उन घटनाओं ने पूरे देश को मछुआरा समुदाय के साहस, सेवा और समर्पण से परिचित कराया और आज पूरा राष्ट्र उन्हें सम्मान के साथ याद करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मछुआरा समुदाय देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की क्षमता रखता है, लेकिन दशकों तक इस वर्ग की उपेक्षा होती रही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इस समुदाय की क्षमता को पहचानते हुए उसे विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

उन्होंने बताया कि सरकार ब्लू इकॉनमी की विशाल संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मछुआरा समुदाय के विकास के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसी दिशा में अलग मंत्रालय का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरलम को बड़ी मदद दी गई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि मछुआरा सहकारी समितियों और फिशरीज फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है ताकि समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि मछुआरा समुदाय के युवा ब्लू इकॉनमी में नेतृत्व करें और निर्यात जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ें। इसी उद्देश्य से क्रेडिट गारंटी प्रणाली के माध्यम से युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक भी अब मछुआरा समुदाय की ताकत बन रही है। इसी सोच के तहत नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जिससे मछुआरे, नाव मालिक और निर्यातक एक ही मंच पर पंजीकरण कर सकते हैं और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकता है।

समुद्र में जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सैटेलाइट आधारित तकनीक के माध्यम से सुरक्षा को मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि तटीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई पहल की जा रही हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आधुनिक तटीय मछली पकड़ने वाले गांव विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा कई हार्बरों को बेहतर बनाया जा रहा है। इसके साथ ही आइस प्लांट और कोल्ड स्टोरेज की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री अर्थव्यवस्था केवल पारंपरिक मछली पकड़ने तक सीमित नहीं है। सी-वीड उत्पादन जैसे क्षेत्रों में भी नई संभावनाएं उभर रही हैं। केरलम में सी-वीड उत्पादन क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं और युवाओं के लिए आय के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक फिश फार्मिंग प्रणाली को बढ़ावा दे रही है और सागर मित्र तथा मत्स्य सेवा केंद्रों का नेटवर्क भी बनाया जा रहा है। साथ ही राज्य के तटों पर आर्टिफिशियल रीफ लगाने की मंजूरी दी गई है, जिससे समुद्र में मछलियों की संख्या बढ़ेगी और समुद्री संसाधनों का सतत विकास सुनिश्चित होगा।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से केरलम के प्रत्येक परिवार के जीवन में समृद्धि आएगी और राज्य की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाई पर पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि यही भावना विकसित भारत और विकसित केरलम के निर्माण की आधारशिला है।

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ये सभी प्रोजेक्ट विकसित केरलम के हमारे संकल्प को सिद्ध करने में अहम भूमिका निभाएंगे: एर्नाकुलम में पीएम मोदी
March 11, 2026
These projects will promote industrial growth, boost tourism and enhance ease of living for the people of Keralam: PM
The expansion of the petroleum sector is essential for Make in India and a self-reliant India, the essence behind laying the foundation stone of the Poly-Propylene unit at Kochi Refinery today: PM
Today, the world praises India for its investments in modern infrastructure; This year's Union Budget has also allocated a record amount of funds for infrastructure: PM
Keralam is reaping tremendous benefits from this investment in infrastructure: PM
These projects will play a pivotal role in fulfilling our resolve for a 'Viksit Keralam': PM

केरलम के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी सुरेश गोपी जी, जॉर्ज कूरियन जी, सांसद और विधायकगण, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर जी, देवियों और सज्जनों!

कोच्चि आना हमेशा ही बहुत शानदार अनुभव होता है। आज इस वाइब्रेंट कोस्टल सिटी से मुझे केरलम के विकास को और गति देने का अवसर मिला है। थोड़ी देर पहले केरलम के विकास से जुड़े around eleven thousand crore rupees के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मैं केरलम की जनता को इन प्रोजेक्ट्स के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

एंडे सुहुर्तगड़े,

आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए, मेक इन इंडिया के लिए पेट्रोलियम सेक्टर का विस्तार बहुत आवश्यक है। आज कोच्चि रिफाइनरी में पॉली-प्रोपाइलीन यूनिट के शिलान्यास के पीछे भी यही लक्ष्य है। इस यूनिट से हर साल around four lakh टन पॉली-प्रोपाइलीन का प्रोडक्शन होगा। आने वाले समय में ये प्लांट Packaging, Textile, Automobile, Medical Devices, ऐसी अनेक इंडस्ट्रीज को सपोर्ट करेगा।

एंडे सुहुर्तगड़े,

भारत आज मैन्युफैक्चरिंग का बहुत बड़ा हब बनता जा रहा है। AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी देश तेज़ी से प्रगति कर रहा है। ऐसे हर काम के लिए, ज्यादा एनर्जी चाहिए, ज्यादा से ज्यादा ग्रीन और क्लीन एनर्जी की आवश्यकता है। और भारत सोलर पावर के मामले में दुनिया के टॉप के देशों में से एक बन चुका है। हमारा प्रयास है कि केरलम भी सोलर पावर जेनरेशन में और आगे बढ़े। इसी मकसद से आज वेस्ट कल्लाडा, उसमें 50 मेगावाट के Floating Solar Project का foundation stone रखा गया है। केरलम में तो बहुत बड़ी संख्या में वॉटर बॉडीज़ हैं। इसलिए, यहां फ्लोटिंग सोलर पावर क्षेत्र में बहुत पोटेंशियल भी है।

एंडे सुहुर्तगड़े,

आज दुनिया आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे निवेश के लिए भारत की भूरी-भूरी प्रशंसा करती है। इस वर्ष जो केंद्र सरकार का बजट आया है, उसमें भी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रिकॉर्ड फंड रखा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे इस निवेश का बहुत अधिक फायदा केरलम को मिल रहा है। अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत शोरनूर जंक्शन, कुट्टि-पुरम और चंगनासेरी रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया गया है। इसके साथ ही शोरनूर–नीलांबुर रेल लाइन के एक बड़े सेक्शन का Electrification भी पूरा किया गया है। आज पालक्कड़–पोल्लाच्ची ट्रेन सेवा की शुरुआत भी हुई है। इससे केरलम और तमिलनाडु, दोनों राज्यों के लोगों को और अधिक सुविधा होगी।

एंडे सुहुर्तगड़े,

आज केरलम के कई महत्वपूर्ण रोड प्रोजेक्ट्स की भी शुरुआत हुई है। सिक्स लेन की सड़क बनने से अलीक्क्ल पोर्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सिक्स लेन के कोज़िकोड बायपास से जाम की समस्या कम होगी और इससे ट्रैवल टाइम भी बहुत बच सकेगा। इन सारे प्रोजेक्ट्स से केरलम के किसानों को लाभ होगा, यहां टूरिज्म और दूसरी इंडस्ट्री को बल मिलेगा।

एंडे सुहुर्तगड़े,

इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगने वाला हर रुपया, नए रोजगार का सृजन करता है। ये जितने भी प्रोजेक्ट्स हैं, इनसे केरलम के हज़ारों नौजवानों को नए रोजगार मिलने वाले हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि ये सभी प्रोजेक्ट विकसित केरलम के हमारे संकल्प को सिद्ध करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

धन्यवाद !