बंगाल का जनादेश सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि डर और तानाशाही राजनीति की हार है: पीएम मोदी
वैश्विक संकटों के दौर में हर नागरिक की जिम्मेदारी बढ़ी, भारत की अर्थव्यवस्था की रक्षा में सबको योगदान देना होगा: हैदराबाद में पीएम मोदी
वैश्विक अनिश्चितता के बीच पीएम मोदी ने ईंधन खपत घटाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, EV और वर्चुअल मीटिंग को बढ़ावा देने की अपील की।
स्वदेशी अपनाइए, मेड-इन-इंडिया उत्पादों को समर्थन दीजिए और देश को आत्मनिर्भर बनाइए: तेलंगाना में पीएम मोदी की अपील
नेचुरल फार्मिंग, फर्टिलाइजर पर कम निर्भरता और सोलर पंप भारत के सस्टेनेबल भविष्य के लिए जरूरी हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देशभर में भारतीय जनता पार्टी के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और अब तेलंगाना में भी परिवर्तन की स्पष्ट लहर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल में पहली बार भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनने के बाद पूरे देश में उत्साह का वातावरण है और उसका प्रभाव तेलंगाना में भी साफ दिखाई दे रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लोग भाजपा के विकास मॉडल और सुशासन पर लगातार अपनी मुहर लगा रहे हैं। उन्होंने असम में भाजपा सरकार की लगातार तीसरी जीत और पुडुचेरी में एनडीए सरकार की वापसी का उल्लेख करते हुए कहा कि लोग अब परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को नकार रही है। उन्होंने लोगों के उत्साह का उल्लेख करते हुए कहा कि तेलंगाना की जनता भी अब बदलाव चाहती है और राज्य में भाजपा सरकार बनाने का संकल्प ले चुकी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की जीत केवल एक राजनीतिक विजय नहीं, बल्कि तानाशाही और भय की राजनीति पर लोकतंत्र की जीत है। उन्होंने कांग्रेस, वाम दलों और टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और संस्थाओं को कमजोर करने की राजनीति को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने उस राजनीतिक संस्कृति को पराजित किया है जिसने लोगों को वर्षों तक भय और दबाव में रखा।

उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में भाजपा को सीमित प्रभाव वाली पार्टी माना जाता था, लेकिन आज भाजपा देश के हर कोने में जनता का विश्वास जीत रही है। उन्होंने कहा कि असम से लेकर ओडिशा और बंगाल से पुडुचेरी तक भाजपा का विस्तार केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि देश की राजनीतिक चेतना में आए परिवर्तन का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना और भाजपा के पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि जब भाजपा के केवल दो सांसद थे, तब उनमें से एक तेलंगाना से था। उन्होंने कहा कि तेलंगाना ने हमेशा भाजपा को समर्थन और विश्वास दिया है और अब राज्य की जनता-जनार्दन कांग्रेस और बीआरएस की वादाखिलाफी और परिवारवादी राजनीति से तंग आ चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगली बार तेलंगाना में भी भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा का मूल मंत्र ‘राज्य के विकास से देश का विकास’ है और विकसित भारत के निर्माण में तेलंगाना की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तेलंगाना और हैदराबाद को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

उन्होंने बताया कि देशभर में 14 औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से एक तेलंगाना में भी बन रहा है। जहीराबाद इंडस्ट्रियल एरिया में वाहन निर्माण से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि वारंगल में बनने वाला पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क तेलंगाना के कपड़ा उद्योग और कपास किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के कपास किसानों के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए नए मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे कपास उत्पादन और क्वालिटी दोनों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और कपड़ा उद्योग के लिए आयातित कपास पर निर्भरता भी कम होगी।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का मॉडल केवल झूठे वादे करने और बाद में उन्हें भूल जाने का है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकारें लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस अब देश को बांटने वाली राजनीति का केंद्र बन गई है। उन्होंने कहा कि माओवादी हिंसा और आतंकवाद को वैचारिक समर्थन देने में कांग्रेस और वामपंथी दलों की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार के प्रयासों से माओवादी आतंकवाद पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और तेलंगाना भी अब इससे मुक्त हो रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यदि तेलंगाना पुलिस को पहले पूरी स्वतंत्रता और समर्थन मिला होता तो माओवादी हिंसा का अंत बहुत पहले हो सकता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि तेलंगाना में भाजपा सरकार बनने से राज्य को नई सोच, नया विजन और विकास आधारित शासन मिलेगा।

वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी, सप्लाई चेन संकट और अंतरराष्ट्रीय युद्धों ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि इन संकटों का बोझ आम नागरिकों पर कम से कम पड़े।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण और विदेशी मुद्रा बचाने का आह्वान करते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने देशवासियों से स्वदेशी अपनाने और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि देशभक्ति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने लोगों से विदेशी उत्पादों की बजाय मेड इन इंडिया वस्तुओं के उपयोग का संकल्प लेने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती, रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग और सोलर पंपों के प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की लागत घटेगी, विदेशी मुद्रा बचेगी और पर्यावरण की रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयास भी भारत को वैश्विक संकटों से मजबूती से उबार सकते हैं।

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।