प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को केरल के एर्नाकुलम में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का यह समय राज्य के लिए एक नई शुरुआत का अवसर है। उन्होंने कहा कि केरल के पास प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रतिभाशाली युवा और विशाल समुद्री संसाधन जैसी अनेक शक्तियां हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य का विकास उस गति से नहीं हो पाया, जैसा होना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से राज्य में सत्ता में रही एलडीएफ और यूडीएफ सरकारों के कारण विकास की गति प्रभावित हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के नाम को “केरल” से “केरलम” के रूप में पहचान देने का निर्णय यहां की जनता की भावनाओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह मलयालम भाषा और संस्कृति की समृद्ध विरासत को सम्मान देने का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि यह ऐतिहासिक कार्य भाजपा-एनडीए सरकार के कार्यकाल में संभव हुआ और अब देश और दुनिया इस राज्य को “केरलम” के नाम से पहचान रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केरलम की जनता अब पारंपरिक राजनीतिक ढांचे से आगे बढ़कर नई सोच के साथ आगे बढ़ने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों, जैसे त्रिशूर और तिरुवनंतपुरम समेत कई पंचायतों में भाजपा-एनडीए के प्रति बढ़ता समर्थन इस बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास आने वाले समय में पूरे राज्य में परिवर्तन की नई दिशा तय करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केरलम के तेज विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता और स्पष्ट नीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में लंबे समय से चली आ रही सत्ता परिवर्तन की राजनीति ने विकास को प्रभावित किया है, क्योंकि विभिन्न सरकारें यह सोचकर काम करती रहीं कि कुछ वर्षों बाद सत्ता बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सोच के कारण कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं बाधित हुईं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला।

प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे इस बार भाजपा-एनडीए को अवसर दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वाम दलों को राज्य की जनता ने कई दशक दिए हैं और अब समय आ गया है कि राज्य के विकास के लिए एक नई दिशा अपनाई जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि राज्य में भाजपा-एनडीए की सरकार बनती है तो विकसित केरलम का सपना तेजी से साकार होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा-एनडीए का लक्ष्य केरलम को वैश्विक स्तर पर पर्यटन, वेलनेस और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए पहली पसंद बनाना है। उन्होंने कहा कि केरलम को वेडिंग डेस्टिनेशन, अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस और वैश्विक कॉन्सर्ट जैसे आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है। इसके लिए राज्य में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास और केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे परियोजनाओं का समय पर पूरा होना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए पर्यटन, प्रतिभा और प्रौद्योगिकी को नए अवसर देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केरलम के युवा अत्यंत प्रतिभाशाली हैं और उन्हें नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार केरलम को एआई और भविष्य की तकनीकों का एक प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रयास करेगी। इसके साथ ही राज्य में कौशल विकास के नए अवसर तैयार किए जाएंगे ताकि युवाओं को आधुनिक उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्लू इकोनॉमी को मजबूत बनाने के लिए सरकार कई बड़े कदम उठा रही है, जिनमें विझिंजम अंतरराष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह जैसी परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे हालात के कारण वहां काम कर रहे भारतीयों को लेकर चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और संकट की हर स्थिति में देश अपने नागरिकों को अकेला नहीं छोड़ता।
उन्होंने कहा कि अतीत में भी भारत सरकार ने संकटग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए अनेक सफल अभियान चलाए हैं। इराक में फंसी नर्सों को सुरक्षित वापस लाने से लेकर यमन और अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों की मदद तक, भारत ने हर परिस्थिति में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भी भारतीय दूतावास और मिशन चौबीसों घंटे अपने नागरिकों की सहायता कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकटों ने आत्मनिर्भरता के महत्व को और अधिक स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत अपनी निर्भरता कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि देश में सौर ऊर्जा क्षमता का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर पहल की जा रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है और रेलवे के पूर्ण विद्युतीकरण की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य भारत को दीर्घकालिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा-एनडीए का लक्ष्य केरलम और देश दोनों का समग्र विकास है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में डबल इंजन सरकार बनने पर विकास की गति और तेज होगी तथा केरलम आर्थिक और सामाजिक प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
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People of Keralam have now made up their minds to come out of the vicious cycle of LDF and UDF. pic.twitter.com/2Gs2iXOBp7
— narendramodi_in (@narendramodi_in) March 11, 2026
LDF and UDF have caused great harm to Keralam. pic.twitter.com/O1crac7cIp
— narendramodi_in (@narendramodi_in) March 11, 2026
The people of Keralam have seen that the prince of Congress does not even know how remarkable Indian youth are in drone manufacturing today. pic.twitter.com/K8iF4G5Z33
— narendramodi_in (@narendramodi_in) March 11, 2026
Congress does not even trust the potential of the youth of Keralam or the youth of India. pic.twitter.com/ZWfo0mMd1b
— narendramodi_in (@narendramodi_in) March 11, 2026
Today's India does not leave its citizens alone in times of crisis. pic.twitter.com/xyGNydcFKL
— narendramodi_in (@narendramodi_in) March 11, 2026
The BJP-NDA government is working to make the country self-reliant.
— narendramodi_in (@narendramodi_in) March 11, 2026
But the Congress and the Left only mock the Aatmanirbhar Bharat mission. pic.twitter.com/q8jhxPmxVO


