आपने कांग्रेस और लेफ्ट को 70 साल से ज्यादा दिए हैं। अब BJP-NDA को सेवा का मौका दीजिए। आपको #ViksitKeralam की एक शानदार झलक दिखेगी: पीएम
मैं आभारी हूं कि खाड़ी देशों की सरकारें हमारे नागरिकों की सुरक्षा कर रही हैं। हमारे भारतीय दूतावास भी उनकी 24 घंटे मदद कर रहे हैं: पीएम मोदी
पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। रेलवे का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन किया जा रहा है: पीएम मोदी
कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF अब MMC- मुस्लिम लीग माओवादी कांग्रेस है, जबकि LDF के PDP जैसे चरमपंथी तत्वों के साथ लंबे समय से संबंध हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को केरल के एर्नाकुलम में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का यह समय राज्य के लिए एक नई शुरुआत का अवसर है। उन्होंने कहा कि केरल के पास प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रतिभाशाली युवा और विशाल समुद्री संसाधन जैसी अनेक शक्तियां हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य का विकास उस गति से नहीं हो पाया, जैसा होना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से राज्य में सत्ता में रही एलडीएफ और यूडीएफ सरकारों के कारण विकास की गति प्रभावित हुई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के नाम को “केरल” से “केरलम” के रूप में पहचान देने का निर्णय यहां की जनता की भावनाओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह मलयालम भाषा और संस्कृति की समृद्ध विरासत को सम्मान देने का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उन्हें गर्व है कि यह ऐतिहासिक कार्य भाजपा-एनडीए सरकार के कार्यकाल में संभव हुआ और अब देश और दुनिया इस राज्य को “केरलम” के नाम से पहचान रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केरलम की जनता अब पारंपरिक राजनीतिक ढांचे से आगे बढ़कर नई सोच के साथ आगे बढ़ने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न हिस्सों, जैसे त्रिशूर और तिरुवनंतपुरम समेत कई पंचायतों में भाजपा-एनडीए के प्रति बढ़ता समर्थन इस बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास आने वाले समय में पूरे राज्य में परिवर्तन की नई दिशा तय करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केरलम के तेज विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता और स्पष्ट नीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में लंबे समय से चली आ रही सत्ता परिवर्तन की राजनीति ने विकास को प्रभावित किया है, क्योंकि विभिन्न सरकारें यह सोचकर काम करती रहीं कि कुछ वर्षों बाद सत्ता बदल जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सोच के कारण कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं बाधित हुईं और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला।

प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे इस बार भाजपा-एनडीए को अवसर दें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वाम दलों को राज्य की जनता ने कई दशक दिए हैं और अब समय आ गया है कि राज्य के विकास के लिए एक नई दिशा अपनाई जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि राज्य में भाजपा-एनडीए की सरकार बनती है तो विकसित केरलम का सपना तेजी से साकार होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा-एनडीए का लक्ष्य केरलम को वैश्विक स्तर पर पर्यटन, वेलनेस और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए पहली पसंद बनाना है। उन्होंने कहा कि केरलम को वेडिंग डेस्टिनेशन, अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस और वैश्विक कॉन्सर्ट जैसे आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है। इसके लिए राज्य में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास और केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे परियोजनाओं का समय पर पूरा होना आवश्यक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए पर्यटन, प्रतिभा और प्रौद्योगिकी को नए अवसर देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केरलम के युवा अत्यंत प्रतिभाशाली हैं और उन्हें नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार केरलम को एआई और भविष्य की तकनीकों का एक प्रमुख केंद्र बनाने के लिए प्रयास करेगी। इसके साथ ही राज्य में कौशल विकास के नए अवसर तैयार किए जाएंगे ताकि युवाओं को आधुनिक उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्लू इकोनॉमी को मजबूत बनाने के लिए सरकार कई बड़े कदम उठा रही है, जिनमें विझिंजम अंतरराष्ट्रीय समुद्री बंदरगाह जैसी परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे हालात के कारण वहां काम कर रहे भारतीयों को लेकर चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और संकट की हर स्थिति में देश अपने नागरिकों को अकेला नहीं छोड़ता।

उन्होंने कहा कि अतीत में भी भारत सरकार ने संकटग्रस्त क्षेत्रों से अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए अनेक सफल अभियान चलाए हैं। इराक में फंसी नर्सों को सुरक्षित वापस लाने से लेकर यमन और अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों की मदद तक, भारत ने हर परिस्थिति में अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भी भारतीय दूतावास और मिशन चौबीसों घंटे अपने नागरिकों की सहायता कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकटों ने आत्मनिर्भरता के महत्व को और अधिक स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में भारत अपनी निर्भरता कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि देश में सौर ऊर्जा क्षमता का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर पहल की जा रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है और रेलवे के पूर्ण विद्युतीकरण की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य भारत को दीर्घकालिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा-एनडीए का लक्ष्य केरलम और देश दोनों का समग्र विकास है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में डबल इंजन सरकार बनने पर विकास की गति और तेज होगी तथा केरलम आर्थिक और सामाजिक प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने बधाई दी
June 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को सबसे लंबे समय तक भारत का निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने गर्मजोशी भरी बधाई दी है। विश्‍व भर के नेताओं ने प्रधानमंत्री के बदलाव लाने वाले शासन, 'ग्लोबल साउथ' की वकालत और एक समावेशी व आर्थिक रूप से गतिशील भारत की उनकी कल्‍पना की सराहना की।

श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा दिसानायके ने 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में श्रीलंका की सरकार और वहां के लोगों की ओर से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा: "यह उपलब्धि न केवल आपके कार्यकाल की अवधि को दर्शाती है, बल्कि उस भरोसे और विश्वास का भी प्रमाण है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने बार-बार आपके नेतृत्व में जताया है।" राष्ट्रपति ने भारत के उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक बदलाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न ने भारत की सीमाओं से परे, श्रीलंका सहित कई देशों के लोगों को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4-6 अप्रैल 2025 के दौरान श्रीलंका का दौरा किया था। यह इस द्वीप देश की उनकी चौथी यात्रा थी, जिसके दौरान उन्हें 'मित्र विभूषण' से सम्मानित किया गया - यह श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी विदेशी गणमान्य व्यक्ति को दिया जाता है। इस यात्रा ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति को और मज़बूत किया; श्रीलंका भारत की अटूट साझेदारी से सबसे ज़्यादा लाभ उठाने वाले देशों में से एक है, जिसमें 2022 में श्रीलंका की आर्थिक मुश्किलों के दौरान भारत का अहम सहयोग भी शामिल है।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को "एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल" बताया। उन्होंने कहा - "आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है।" प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की। मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी। यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी। इस यात्रा ने 'ग्लोबल साउथ' के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।

त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रमुख आवाज़ बनकर उभरा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की साधारण शुरुआत से लेकर तीन कार्यकाल तक 1.4 अरब लोगों वाले देश का नेतृत्व करने तक के सफ़र पर प्रकाश डाला और विदेश नीति, आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की अहम उपलब्धियों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 3-4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो की एक ऐतिहासिक यात्रा की - जो 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी - और यह यात्रा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।