प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित राष्ट्रपति भवन में त्रिनिदाद एवं टोबैगो गणराज्य की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू से भेंट की। पूर्ण उत्साह से परिपूर्ण यह भेंट दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता की पुष्टि करती है।

 

प्रधानमंत्री ने शानदार आतिथ्य के लिए उन्हें तथा उनके प्रतिनिधिमंडल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा 'ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एवं टोबैगो' प्रदान किए जाने के लिए अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इसे भारत के 1.4 बिलियन लोगों के लिए सम्मान बताया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति कंगालू को इस वर्ष प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई दी तथा उनकी विशिष्ट सार्वजनिक सेवा के लिए अत्यंत सराहना की। राष्ट्रपति कंगालू ने भारत के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व तथा उनकी दूरदृष्टि की प्रशंसा की।

दोनों नेताओं ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच मजबूत संबंधों पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने वैश्विक दक्षिण भागीदारी को बढ़ाने के लिए त्रिनिदाद एवं टोबैगो तथा कैरीकॉम के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति कंगालू को भारत आने का निमंत्रण दिया।

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प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 08, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राष्ट्र की गरिमा और सम्मान की रक्षा में भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और शौर्य से प्रत्येक नागरिक गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि भारत माता के लिए सब कुछ बलिदान करने का उनका जज्बा सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक साझा किया-

"स्वधर्ममपि चावेक्ष्य न विकंपितुमर्हसि |

धर्म्याधि युद्धाच्छ्रेयोऽन्यत्क्षत्रियौ न विद्यते ||"

इस श्लोक में यह बताया गया है कि जब व्यक्ति अपने कर्तव्य के प्रति सजग हो जाता है, तो उसके मन में किसी भी प्रकार की झिझक या भय नहीं होना चाहिए, क्योंकि न्याय की वेदी पर धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष एक योद्धा के लिए आत्म-कल्याण का सबसे उत्कृष्ट और गौरवशाली मार्ग है।