पिछले 11 वर्षों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए अभूतपूर्व गति से काम किया गया है: प्रधानमंत्री
देश ने आधुनिक किए जा रहे रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन नाम दिया है, आज इनमें से 100 से अधिक अमृत भारत स्टेशन बनकर तैयार हैं: प्रधानमंत्री
हम एक ही समय में सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण कर रहे हैं और नदियों को जोड़ रहे हैं: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार ने तीनों सशस्त्र सेनाओं को खुली छूट दी, तीनों सेनाओं ने मिलकर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर होना पड़ा: प्रधानमंत्री
दुनिया और देश के दुश्मनों ने देखा है कि जब 'सिंदूर' 'बारूद' में बदल जाता है तो परिणाम क्या होता है: प्रधानमंत्री
ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद से निपटने के लिए तीन सिद्धांत निर्धारित किए हैं: प्रधानमंत्री
अब भारत ने स्पष्ट कर दिया है, पाकिस्तान को हर आतंकवादी हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और यह कीमत पाकिस्तान की सेना, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भी चुकानी पड़ेगी: प्रधानमंत्री
पाकिस्तान को अब भारतीयों के जीवन से खेलने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज राजस्थान के बीकानेर में 26,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास करने के साथ-साथ इन्‍हें राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत किया और ऑनलाइन शामिल हुए 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों की महत्वपूर्ण भागीदारी के प्रति भी आभार प्रकट किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति का उल्‍लेख करते हुए देश भर से जुड़े सभी सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों और नागरिकों को अपनी शुभकामनाएं दीं।

श्री मोदी ने कहा कि वे करणी माता का आशीर्वाद लेकर इस कार्यक्रम में आए हैं। उन्होंने कहा कि ये आशीर्वाद विकसित भारत के निर्माण के राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करते हैं। 26,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का उल्लेख करते हुए उन्होंने देश के विकास को आगे बढ़ाने में इनके महत्व को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने इन परिवर्तनकारी पहलों के लिए नागरिकों को बधाई दी।

भारत के बुनियादी ढांचे में हो रहे बदलावों का उल्‍लेख करते हुए, आधुनिकीकरण के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने पिछले 11 वर्षों में सड़कों, हवाई अड्डों, रेलवे और रेलवे स्टेशनों में हुई तीव्र प्रगति की चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब पिछले वर्षों की तुलना में बुनियादी ढांचे के विकास में छह गुना अधिक निवेश कर रहा है, एक ऐसी प्रगति जिसने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने देश भर में प्रतिष्ठित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की चर्चा करते हुए उत्तर में उल्लेखनीय चिनाब ब्रिज, अरुणाचल प्रदेश में सेला सुरंग और पूर्व में असम में बोगीबील ब्रिज का उदाहरण दिया। उन्होंने पश्चिमी भारत में, मुंबई में अटल सेतु का उल्लेख किया जबकि दक्षिण में, उन्होंने भारत के अपनी तरह के पहले पंबन ब्रिज की चर्चा की।

अपने रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने के भारत के निरंतर प्रयासों पर बल देते हुए श्री मोदी ने देश की नई गति और प्रगति के प्रतीक के रूप में वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत रेलों के शुरूआत का उल्‍लेख किया। उन्होंने कहा कि अब लगभग 70 मार्गों पर वंदे भारत रेल चल रही हैं और इनसे दूरदराज के क्षेत्रों में आधुनिक रेल संपर्क स्‍थापित हो रहा हैं। उन्होंने पिछले 11 वर्षों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की प्रगति की ओर भी ध्यान दिलाया, जिसमें सैकड़ों सड़क ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के साथ ही 34,000 किलोमीटर से अधिक नई रेलवे पटरियां बिछाना शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रॉड गेज लाइनों पर मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को समाप्त कर दिया गया है, जिससे सुरक्षा में वृद्धि हुई है। श्री मोदी ने कार्गो परिवहन को सुव्यवस्थित करने के लिए समर्पित माल गलियारों के तेजी से विकास और भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के वर्तमान में जारी निर्माण का भी उल्‍लेख किया। इन प्रयासों के साथ-साथ, यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए 1,300 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक रेलवे स्टेशनों का नाम अमृत भारत स्टेशन रखा गया है और ऐसे 100 से अधिक स्टेशनों का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इन स्टेशनों के अद्भुत परिवर्तन को देखा है, जो स्थानीय कला और इतिहास के प्रदर्शन के रूप में कार्य करते हैं। उन्होंने राजस्थान के मंडलगढ़ स्टेशन सहित महत्वपूर्ण उदाहरणों पर चर्चा की जो राजपूत परंपराओं की भव्यता को दर्शाता के साथ-साथ बिहार का थावे स्टेशन, मधुबनी कलाकृति के साथ माँ थावेवाली की पवित्र उपस्थिति को दर्शाता है। मध्य प्रदेश का ओरछा रेलवे स्टेशन भगवान राम के दिव्य सार को दर्शाता है, जबकि श्रीरंगम स्टेशन का डिज़ाइन श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर से प्रेरणा लेता है। गुजरात का डाकोर स्टेशन रणछोड़राय जी को श्रद्धांजलि देता है, तिरुवन्नामलाई स्टेशन द्रविड़ वास्तुकला सिद्धांतों का पालन करता है और बेगमपेट स्टेशन काकतीय राजवंश की वास्तुकला विरासत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये अमृत भारत स्टेशन न केवल भारत की हजारों वर्ष पुरानी विरासत को संरक्षित करते हैं, बल्कि राज्यों में पर्यटन विकास के लिए उत्प्रेरक के रूप में भी कार्य करते हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन होता है। उन्होंने लोगों से स्टेशनों की स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया क्योंकि वे ही इन बुनियादी ढांचे के असली मालिक हैं।

बुनियादी ढांचे में सरकारी निवेश न केवल विकास को गति देता है बल्कि रोजगार के अवसरों का सृजन भी करता है और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देता हैं, इस बिंदु पर चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि खर्च किए जा रहे हजारों करोड़ रुपये सीधे तौर पर श्रमिकों, दुकानदारों, कारखाने के कर्मचारियों और ट्रक एवं टेम्पो ऑपरेटरों जैसे परिवहन क्षेत्रों से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक बार बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी हो जाने के बाद, लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं। किसान अपनी उपज को कम लागत पर बाजारों तक पहुंचा सकते हैं, जिससे बर्बादी कम होती है। अच्छी तरह से विकसित सड़कें और विस्तारित रेलवे नेटवर्क नए उद्योगों को आकर्षित करते हैं और पर्यटन को काफी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे पर खर्च से अंततः हर घर को लाभ होता है, जिसमें युवा लोग उभरते आर्थिक अवसरों से सबसे अधिक लाभान्वित होते हैं।

श्री मोदी ने राजस्थान में जारी बुनियादी ढांचे के विकास से होने वाले लाभों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि गांवों और यहां तक ​​कि सीमावर्ती क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्तायुक्‍त सड़कें बनाई जा रही हैं। पिछले 11 वर्षों में, अकेले राजस्थान के सड़क बुनियादी ढांचे में लगभग 70,000 करोड़ रूपये का निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस वर्ष राज्य में रेलवे विकास पर लगभग 10,000 करोड़ रूपये खर्च करने वाली है, जो 2014 से पहले के स्तर की तुलना में 15 गुना वृद्धि को दर्शाता है। उन्होंने बीकानेर को मुंबई से जोड़ने वाली एक नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि इससे कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कई क्षेत्रों में विभिन्न स्वास्थ्य, जल और बिजली परियोजनाओं के शुभारंभ और शिलान्यास पर बल दिया। इन पहलों का उद्देश्य राजस्थान के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की प्रगति में तेजी लाना है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि युवाओं को अपने शहरों और कस्बों में ही आशाजनक रोजगार के अवसर मिलें।

केंद्र और राज्य सरकारों के अंतर्गत राजस्थान में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों में नई औद्योगिक नीतियों का शुभारंभ किया हैं, जिससे बीकानेर जैसे क्षेत्रों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बीकानेरी भुजिया और बीकानेरी रसगुल्ले अपनी वैश्विक पहचान का विस्तार करेंगे, जिससे राज्य के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को और मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान की रिफाइनरी परियोजना अपने अंतिम चरण में है, जिससे राज्य पेट्रोलियम आधारित उद्योगों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन जाएगा। उन्होंने अमृतसर से जामनगर तक छह लेन के आर्थिक गलियारे के महत्व को भी रेखांकित किया, जो श्री गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर से होकर गुजरता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजस्थान में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लगभग पूरा होने की जानकारी देते हुए कहा कि ये कनेक्टिविटी परियोजनाएं राज्य के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

श्री मोदी ने राजस्थान में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना की त्‍वरित प्रगति का उल्‍लेख करते हुए कहा कि राज्य में 40,000 से ज़्यादा लोग इस पहल से लाभान्वित हो चुके हैं, जिससे उनके बिजली बिल खत्म हो गए हैं और उन्हें सौर ऊर्जा के माध्‍यम से आय अर्जित करने का अवसर मिला है। उन्होंने बिजली से जुड़ी कई परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास पर चर्चा करते हुए कहा कि इन विकास कार्यों से राजस्थान की बिजली आपूर्ति में और वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली उत्पादन में वृद्धि औद्योगिक विकास को गति देने में अहम भूमिका निभा रही है।

राजस्थान की भूमि के ऐतिहासिक महत्व का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने रेगिस्तानी इलाकों को उपजाऊ परिदृश्य में बदलने में महाराजा गंगा सिंह के दूरदर्शी प्रयासों को स्‍मरण किया। उन्होंने क्षेत्र के लिए जल के अत्‍यधिक महत्व और बीकानेर, श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ एवं पश्चिमी राजस्थान जैसे क्षेत्रों के विकास को आगे बढ़ाने में इसकी भूमिका का उल्‍लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के साथ-साथ नदियों को जोड़ने की पहल को लागू करने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के प्रभाव को रेखांकित किया, जिससे राजस्थान के कई जिलों को लाभ होगा, किसानों के लिए बेहतर कृषि संभावनाएं सुनिश्चित होंगी और क्षेत्र की स्थिरता बढ़ेगी।

राजस्थान की अटूट भावना पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि देश और उसके लोगों से बड़ा कुछ नहीं है। प्रधानमंत्री ने 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की निंदा की, जिसमें हमलावरों ने अपनी आस्था के आधार पर निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि पहलगाम में गोलियां चलाई गईं लेकिन उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों के दिलों को घायल कर दिया, जिससे आतंकवाद के खिलाफ राष्ट्र का संकल्प एकजुट हुआ। प्रधानमंत्री ने भारत के सशस्त्र बलों द्वारा की गई निर्णायक प्रतिक्रिया का उल्‍लेख करते हुए कहा कि उन्हें पूरी तरह से ऑपरेशनल स्वतंत्रता दी गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सावधानीपूर्वक निष्पादित ऑपरेशन में, तीनों सेनाओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा को ध्वस्त करने के लिए सहयोग किया, जिससे उन्हें झुकना पड़ा। प्रधानमंत्री ने बताया कि 22 अप्रैल के हमले के जवाब में, भारत ने 22 मिनट के भीतर ही जवाबी हमला किया जिसमें नौ प्रमुख आतंकवादी ठिकाने नष्ट कर दिए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्रवाई ने यह सिद्ध करते हुए देश की शक्ति का प्रदर्शन किया कि जब पवित्र सिंदूर बारूद में बदल जाता है, तो परिणाम निश्चित होता है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण संयोग भी बताया कि पांच वर्ष पहले, बालाकोट हवाई हमले के बाद, उनकी पहली सार्वजनिक रैली राजस्थान में हुई थी। इसी प्रकार, हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी उनकी पहली रैली पुनः राजस्थान के बीकानेर में हो रही है, जो इस भूमि की अदम्‍य वीरता और देशभक्ति की पुष्टि करती है।

श्री मोदी ने चुरू में दिए अपने बयान को याद करते हुए राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई: "इस मिट्टी की सौगंध, मैं देश को गिरने नहीं दूंगा, मैं देश को झुकने नहीं दूंगा।" उन्होंने राजस्थान से घोषणा की कि पवित्र सिंदूर को मिटाने का प्रयास करने वालों को धूल में मिला दिया गया है, और जिन्होंने भारत का खून बहाया है, उन्हें अब इसकी पूरी कीमत चुकानी पड़ी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग मानते थे कि भारत चुप रहेगा, वे अब छिप गए हैं, जबकि जो लोग अपने हथियारों के बारे में शेखी बघारते थे, वे अब मलबे के नीचे दबे पड़े हैं। उन्‍होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर बदले की कार्रवाई नहीं थी, बल्कि न्याय का एक नया रूप था। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल आक्रोश की अभिव्यक्ति नहीं थी बल्कि भारत की अटूट शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन था। उन्होंने कहा कि राष्ट्र ने एक साहसिक दृष्टिकोण अपनाया है और दुश्मन पर सटीक और निर्णायक हमला किया है। श्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद को कुचलना केवल एक रणनीति नहीं बल्कि एक सिद्धांत है, यह भारत है, यह नया भारत है।

आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से स्थापित तीन प्रमुख सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए, प्रधानमंत्री ने पहले सिद्धांत के बारे बताते हुए कहा कि अब भारत पर किसी भी आतंकवादी हमले का निर्णायक जवाब दिया जाएगा, जिसका समय, तरीका और शर्तें पूरी तरह से भारत के सशस्त्र बलों द्वारा निर्धारित की जाएंगी। दूसरा, उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत परमाणु खतरों से नहीं डरेगा। तीसरा, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब आतंकवादी मास्टरमाइंड और उन्हें समर्थन देने वाली सरकारों के बीच अंतर नहीं करेगा। प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के स्‍टेट और नॉन स्‍टेट के बीच के दावे के अंतर को खारिज कर दिया। आतंकवाद को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करने के लिए वर्तमान में जारी वैश्विक प्रयासों का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और विदेश नीति विशेषज्ञों से युक्त सात अलग-अलग समूह दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा पेश करने के लिए सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

श्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान कभी भी भारत के साथ सीधे टकराव में जीत नहीं सकता। उन्होंने अतीत में पाकिस्‍तान को बार-बार मिली असफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि खुली लड़ाई में सफल न होने के कारण पाकिस्तान ने लंबे समय से आतंकवाद को भारत के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है, हिंसा का सहारा लिया है और भय का माहौल बनाया है। उन्होंने घोषणा की कि पाकिस्तान ने भारत के संकल्प को कम करके आंका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में देश मजबूत और अडिग है। श्री मोदी ने कहा कि भारत पर किसी भी आतंकवादी हमले के गंभीर परिणाम होंगे, जिसकी भारी कीमत पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी और यह उसकी सेना और उसकी अर्थव्यवस्था को भी चुकानी पड़ेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीकानेर पहुंचने पर वे नल हवाई अड्डे पर उतरे, जिसे पाकिस्तान ने निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इस हवाई अड्डे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाया। उन्होंने कहा कि सीमा पार, पाकिस्तान के रहीम यार खान एयरबेस को भारत के सटीक सैन्य हमलों के कारण कई दिनों तक बंद करना पड़ा, जिससे उसके संचालन पर गंभीर असर पड़ा। प्रधानमंत्री ने दृढ़ता से घोषणा की कि पाकिस्तान के साथ न तो व्यापार होगा और न ही बातचीत। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी चर्चा केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के इर्द-गिर्द ही घूमेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान आतंकवादियों को भेजना जारी रखता है तो उसे आर्थिक बर्बादी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दोहराया कि भारत पाकिस्तान को उसके हिस्से के पानी तक पहुंच नहीं देगा और भारतीय खून से खेलने की उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह संकल्प भारत की प्रतिबद्धता है, जिसे दुनिया की कोई भी ताकत हिला नहीं सकती।

श्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए सुरक्षा और समृद्धि दोनों ही आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यह सपना तभी साकार हो सकता है जब देश के हर कोने को मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत के संतुलित और त्वरित विकास का एक अनुकरणीय प्रदर्शन है। अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने वीरता की भूमि से सभी उपस्थित लोगों को बधाई दी।

इस कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ किसनराव बागड़े, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, श्री अर्जुन राम मेघवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

देश में रेल अवसंरचना को निरंतर बेहतर बनाने और बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित 103 पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों का उद्घाटन किया। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 1,300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिन्हें क्षेत्रीय वास्तुकला को प्रतिबिंबित करने और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। करणी माता मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सेवा करने वाला देशनोक रेलवे स्टेशन मंदिर वास्तुकला और मेहराब एवं स्तंभ विषयवस्तु से प्रेरित है। तेलंगाना में बेगमपेट रेलवे स्टेशन काकतीय साम्राज्य की वास्तुकला से प्रेरित है। बिहार में थावे स्टेशन में 52 शक्तिपीठों में से एक माँ थावेवाली का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न भित्ति चित्र और कलाकृतियां शामिल हैं और यहां मधुबनी पेंटिंग को दर्शाया गया है। गुजरात में डाकोर स्टेशन रणछोड़राय जी महाराज से प्रेरित है। भारत भर में पुनर्विकसित अमृत स्टेशनों में आधुनिक अवसंरचना को सांस्कृतिक विरासत, दिव्यांगजनों के लिए यात्री-केंद्रित सुविधाओं और यात्रा के अनुभव को बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक कार्य प्रणालियों के साथ एकीकृत किया गया है।

भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के शत प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर है, जिससे रेलवे संचालन अधिक कुशल और पर्यावरण अनुकूल बन रहा है। इसी क्रम में, प्रधानमंत्री ने चुरू-सादुलपुर रेल लाइन (58 किमी) की आधारशिला रखी और सूरतगढ़-फलोदी (336 किमी); फुलेरा-डेगाना (109 किमी); उदयपुर-हिम्मतनगर (210 किमी); फलोदी-जैसलमेर (157 किमी) और समदड़ी-बाड़मेर (129 किमी) रेल लाइन विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित किया।

राज्य में सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने 3 वाहन अंडरपास के निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की आधारशिला रखी। वे राजस्थान में 7 सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित करेंगे। 4850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली ये सड़क परियोजनाएं माल और लोगों की सुगम आवाजाही की सुविधा प्रदान करेंगी। ये राजमार्ग भारत-पाक सीमा तक फैले हुए हैं, जो सुरक्षा बलों के लिए सुगमता को बढ़ाते हैं और भारत के रक्षा अवसंरचना को मजबूत करते हैं।

सबके लिए बिजली तथा हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा के विजन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने बीकानेर और नावा, डीडवाना, कुचामन में सौर परियोजनाओं सहित बिजली परियोजनाओं और पार्ट बी पावरग्रिड सिरोही ट्रांसमिशन लिमिटेड तथा पार्ट ई पावरग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड के विद्युत निकासी के लिए पारेषण प्रणालियों की आधारशिला रखी। वे बीकानेर में सौर परियोजना, पावरग्रिड नीमच से विद्युत निकासी के लिए पारेषण प्रणाली और बीकानेर परिसर से फतेहगढ़-II पावर स्टेशन में परिवर्तन क्षमता के विस्तार सहित बिजली परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे, जो स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेगी और कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी।

प्रधानमंत्री ने राज्य में बुनियादी ढांचे, संपर्क सुविधा, बिजली आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और पानी की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए पूरे राजस्थान में 25 महत्वपूर्ण राज्य सरकार की परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित किया। इनमें 3,240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 750 किलोमीटर से अधिक लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों के उन्नयन और रखरखाव के लिए परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करना शामिल है; कार्यक्रम के तहत आगे विस्तार में अतिरिक्त 900 किलोमीटर नए राजमार्ग शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने बीकानेर और उदयपुर में बिजली परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने राजसमंद, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, धौलपुर में नर्सिंग कॉलेजों का भी उद्घाटन किया, जो राज्य में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने झुंझुनू जिले में ग्रामीण जलापूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजना, अमृत 2.0 के अंतर्गत पाली जिले के 7 शहरों में शहरी जलापूर्ति योजनाओं के पुनर्गठन सहित क्षेत्र में विभिन्न जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया।

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Prime Minister expresses gratitude to Deputy Chairman of Rajya Sabha Shri. Harivansh Ji for his wishes
June 10, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today expressed heartfelt gratitude to Deputy Chairman of Rajya Sabha, Shri. Harivansh Ji for his wishes. The Prime Minister stated that this occasion gives the inspiration to work for the country with even greater dedication, loyalty, and commitment.

Shri Modi emphasized that with the mantra of 'Sabka Saath, Sabka Vikas', the government is committed to the all-round development of India.

The Prime Minister posted on X:

"शुभकामनाओं के लिए आपका हृदय से आभार माननीय हरिवंश जी। यह अवसर देश के लिए और अधिक समर्पण, निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ हम भारतवर्ष के चौतरफा विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।

@harivansh1956"