अब आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत लोकल प्रोडक्ट्स में वैल्यू एडिशन और उसकी मार्केटिंग के लिए कल्स्टर्स विकसित किए जा रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी
बीते 6 साल में हर स्तर पर, हर क्षेत्र में वो कदम उठाए गए हैं, जो गरीब को, सामान्य जन को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकें: पीएम मोदी
नॉर्थ ईस्ट में देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मणिपुर में जल आपूर्ति परियोजना की आधारशिला रखी।

इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि ऐसे समय में जब कि देश कोविड-19 के खिलाफ अथक संघर्ष कर रहा है, पूर्वी और पूर्वोत्‍तर भारत को भारी बारिश और बाढ़ की दोहरी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है जिसके कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है और कई बेघर हो गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर सरकार ने लॉकडाउन के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कीं और प्रवासियों की वापसी के भी पूरे इंतजाम किए।

उन्होंने कहा कि मणिपुर में लगभग 25 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त अनाज मिला है। इसी तरहसे1.5 लाख से अधिक महिलाओं को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस सिलेंडर की सुविधा दी गई है।

3000 करोड़ रुपये की लागत से कार्यान्वित की जा रही जल आपूर्ति परियोजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य में पेयलज की समस्याओं को कम करेगा जिससे विशेष रूप से राज्य की महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। श्री मोदी ने कहा कि इस परियोजना से ग्रेटर इंफाल के अलावा राज्य के 25 छोटे शहरों और 1700 गांवों को भी लाभ होगा। यह परियोजना अगले दो दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

श्री मोदी ने कहा कि इस परियोजना से लाखों लोगों के घर में पीने के साफ पानी की सुविधा उपलब्‍ध होगी और हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने पिछले साल 15 करोड़ से अधिक घरों में पाइप लाइन के जरिए पानी की आपूर्ति कराने के लक्ष्‍य के साथ शुरू किए गए जलजीवन मिशन को याद करते हुए कहा कि आज देश में प्रति दिन लगभग एक लाख पानी के कनेक्शन लगाए जा रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि सुगमता जीवन बेहतर जीवन की एक आवश्‍यक शर्त है। गरीबों सहित सभी को ऐसा जीवन जीने का अधिकार है।

श्री मोदी ने कहा कि पिछले 6 वर्षों में, हर स्तर पर, हर क्षेत्र में, विशेषकर गरीबों का जीवन स्तर सुधारने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की आज के समय मणिपुर सहित पूरा भारत खुले में शौच से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि एलपीजी गैस गरीब से लेकर सबसे गरीब लोगों तक पहुंच गई है, हर गांव अच्छी सड़कों से जुड़ा है और बेघरों को पक्के मकान दिए जा रहे हैं।उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक परिवार तक पीने का साफ पानी पहुंचाने का काम मिशन मोड पर किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर जीवन का संबंध सीधे तौर पर बेहतर संपर्क सेवाओं से है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में बेहतर संपर्क सेवाएं एक सुरक्षित और सुनिश्चित आत्म-निर्भर भारत के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को बढ़ावा मिलेगा और यह देश में यात्रा और पर्यटन क्षेत्र के लिए प्रवेश द्वार साबित होगा।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में सड़कें, राजमार्ग, वायुमार्ग, जलमार्ग और आई-वे के साथ-साथ आधुनिक पाइपलाइन के जरिए आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। पिछले 6 वर्षों में, पूरे पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर हजारों करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्‍तर के चार राज्यों की राजधानियों, जिला मुख्यालयों को दो लेन की सड़कों और गाँवों को सभी मौसम में इस्‍तेमाल की जा सकने वाली सड़कों से जोड़ने का प्रयास किया गया है। इस काम के लिए लगभग 3000 किलोमीटर सड़कें बिछाई गई हैं और अतिरिक्‍त 60000 किलोमीटर सड़कें बनाने की परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि नए रेलवे स्टेशनों के निर्माण और मौजूदा रेल नेटवर्क को दोहरी लाइन में बदलने की परियोजनाओं के साथ पूर्वोत्तर में रेल संपर्क सेवा के क्षेत्र में बहुत सुधार हुआ है। इसी तरह पूर्वोत्‍तर के हर राज्‍य की राजधानियों को रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम पिछले 2 वर्षों से तीव्र गति से चल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़कों और रेल संपर्क के अलावा पूर्वोत्‍तर के लिए हवाई संपर्क सेवा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आज पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में लगभग 13 ऐसे हवई अड्डे हैं जो पूरी तरह से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इम्फाल हवाई अड्डे सहित पूर्वोत्तर में इस समय मौजूद सभी हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण के लिए 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं।श्री मोदी ने इस अवसर पर पूर्वोत्‍तर में सहज सपंर्क प्रदान करने वाले 20 से अधिक राष्ट्रीय जलमार्गों का भी उल्लेख किया।

श्री मोदी ने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र भारत की सांस्कृतिक विविधता सांस्‍कृतिक सशक्‍तता का प्रतिनि‍धित्‍व करता है।उन्‍होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं जिसका अभी तक पूरी तरह से लाभ नहीं उठाया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर को देश का विकास इंजन बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूर्वोत्‍तर के युवा और आम नागरिक हिंसा को छोड़कर विकास और प्रगति की राह को चुन रहे हैं। मणिपुर में बाधाएं अब इतिहास का हिस्सा बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि असम, त्रिपुरा और मिजोरम के लोग भी हिंसा का रास्‍ता छोड़कर चुके हैं। ब्रु-रियांग शरणार्थी बेहतर जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।

बांस उद्योग और जैविक उत्पादों को विकसित करने की पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की क्षमता का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में स्टार्ट-अप और अन्य उद्योगों को इन समूहों से लाभ होगा। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के बांस उदद्योग में इतनी क्षमता है कि वह आयात की जरुरतों को स्थानीय उत्पादों के जरिए पूरा कर सकता है। उन्‍होंने कहा कि देश में अगरबत्ती की इतनी बड़ी मांग है, लेकिन फिर भी हम करोड़ों रुपये की अगरबत्ती का आयात करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बांस की खेती से जुड़े किसानों और हस्तशिल्‍पकारों को सुविधा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत करोड़ों रुपये का निवेश किया जा रहा है। इससे पूर्वोत्‍तर के युवा काफी लाभान्वित होंगे।

श्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्ट-अप और अन्य प्रशिक्षणों के लिए अब पूर्वोत्‍तर में कई संस्थान खोले जा रहे हैं। खेल विश्‍वविद्यालय स्पोर्ट्स और एक विश्व स्तरीय स्टेडियम के बन जाने के साथ ही मणिपुर देश की खेल प्रतिभाओं का एक प्रमुख केन्‍द्र बन जाएगा।

 

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आपने सिर्फ पदकों की संख्या ही नहीं बढ़ाई, बल्कि पूरी पीढ़ी को तैयार किया: CWG चैंपियंस से पीएम मोदी
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।