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“India is moving forward with the mantra of ‘Make in India, Make for the Globe’”
“Vadodara, the famous cultural and education center, will develop a new identity as an aviation sector hub”
“We are about to enter among the top three countries in the world with regard to air traffic”
“Growth momentum of India has been maintained despite pandemic, war and supply-chain disruptions”
“India is presenting opportunities of low cost manufacturing and high output”
“Today, India is working with a new mindset, a new work-culture”
“Today our policies are stable, predictable and futuristic”
“We aim to scale our defense manufacturing beyond $25 billion by 2025. Our defense exports will also exceed $5 billion”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के वडोदरा में सी-295 विमान निर्माण संयंत्र का शिलान्यास किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के तहत एयरोस्पेस उद्योग में तकनीकी और विनिर्माण संबंधी प्रगति को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का भी दौरा किया।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत को दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में, हम बहुत बड़ा कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज अपना फाइटर प्लेन बना रहा है। भारत आज अपना टैंक बना रहा है, अपनी सबमरीन, दवाएं, टीके, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फोन और कार बना रहा है, जो कई देशों में लोकप्रिय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया, मेक फॉर द ग्लोब के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा भारत, आज अपने सामर्थ्य को और बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का भी बहुत बड़ा निर्माता बनेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है कि भारत जल्द ही बड़े यात्री विमानों का निर्माण करेगा, जिस पर गर्व से 'मेड इन इंडिया' लिखा रहेगा।

उन्होंने कहा कि आज जिस संयंत्र का शिलान्यास किया गया, उसमें देश के रक्षा और परिवहन क्षेत्र को बदलने की ताकत है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है कि भारतीय रक्षा क्षेत्र में इतना बड़ा निवेश हो रहा है। उन्होंने कहा कि यहां बनने वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हमारी सेना को तो ताकत देंगे ही, इससे एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक नए इकोसिस्टम का भी विकास होगा। उन्होंने कहा, "वडोदरा जो एक सांस्कृतिक और शिक्षा के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है, अब एक विमानन क्षेत्र के हब के रूप में एक नई पहचान विकसित करेगा।" प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस परियोजना से 100 से अधिक एमएसएमई भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द ग्लोब' के वादे को इस जमीन से नई गति मिलेगी, क्योंकि यह परियोजना भविष्य में अन्य देशों से निर्यात के लिए ऑर्डर लेने में सक्षम होगी।

भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र के बारे में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया का सबसे तेजी से विकसित होता विमानन क्षेत्र आज भारत में है। उन्होंने कहा कि एयर ट्रैफिक के मामले में हम दुनिया के शीर्ष तीन देशों में पहुंचने वाले हैं। उन्होंने कहा कि ‘उड़ान’ योजना कई यात्रियों को हवाई यात्रियों में बदलने में मदद कर रही है। यात्री और मालवाहक विमानों की बढ़ती मांग पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अगले 15 वर्षों में 2000 से अधिक विमानों की आवश्यकता होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज के दिन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है और भारत ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। श्री मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज भारत दुनिया के लिए गोल्डन अपॉर्चुनिटी लेकर आया है। उन्होंने कहा कि कोरोना और युद्ध से बनी परिस्थितियों के बावजूद, भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का ग्रोथ मोमेंटम बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी भारत के विकास की गति स्थिर रही है। उन्होंने बताया कि परिचालन की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और भारत लागत प्रतिस्पर्धात्मकता के साथ-साथ गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत किफायती लागत पर निर्माण और उच्च उत्पादन का अवसर पेश कर रहा है।” उन्होंने कहा कि भारत में कुशल जनशक्ति का एक विशाल प्रतिभा पूल है। पिछले 8 वर्षों में सरकार द्वारा किए गए सुधारों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 8 वर्षों में जो रिफॉर्म्स हमारी सरकार ने किए हैं, उन्होंने भारत में मैन्युफैक्चरिंग का एक अभूतपूर्व एनवायरमेंट तैयार कर दिया है। प्रधानमंत्री ने इसे विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हुए एक सरल कॉर्पोरेट कर संरचना बनाने, 100 प्रतिशत एफडीआई का मार्ग खोलने, निजी कंपनियों के लिए रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्रों को खोलने, 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को 4 कोड में बदल कर सुधार करने, 33,000 अनुपालन को समाप्त करने, और दर्जनों करों के जटिल जाल को समाप्त करके वस्तु एवं सेवा कर का निर्माण का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, "भारत में आज इकोनामिक रिफॉर्म्स की नई गाथा लिखी जा रही है। इन रिफॉर्म्स का बड़ा फायदा हमारे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी मिला है।"

प्रधानमंत्री ने सफलता के लिए सोच में बदलाव को श्रेय देते हुए कहा, "आज का भारत, एक नए माइंडसेट, एक नए वर्क कल्चर के साथ काम कर रहा है।" उन्होंने उस समय को याद किया जब शासन की धारणा थी कि सरकार सब कुछ जानती है, एक मानसिकता जिसने देश की प्रतिभा और निजी क्षेत्र की शक्ति को दबा दिया। उन्होंने कहा, "अब 'सबका प्रयास' के बाद, सरकार ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को समान महत्व देना शुरू कर दिया है।” प्रधानमंत्री ने पिछली सरकार के अस्थायी दृष्टिकोण पर भी अफसोस व्यक्त किया, जहां विनिर्माण क्षेत्र को सब्सिडी के माध्यम से बमुश्किल क्रियाशील रखा गया था। लॉजिस्टिक्स, बिजली आपूर्ति या पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपेक्षा जाती थी। उन्होंने कहा, “हमने कामचलाऊ फैसलों का तरीका छोड़ा है और निवेशकों के लिए कई तरह के इंसेंटिव लेकर आए हैं। हमने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना लॉन्च की, जिससे बदलाव दिखने लगा। आज हमारी पॉलिसी स्टेबल है, प्रिडिक्टेबल है और फ्यूचरिस्टिक है।"

प्रधानमंत्री ने उस समय को भी याद किया जब सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना सबसे प्रभावी विचार होता था, क्योंकि विनिर्माण क्षेत्र को पहुंच से बाहर माना जाता था। उन्होंने कहा, "आज हम सेवा और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में सुधार कर रहे हैं।” उन्होंने एक समग्र दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया, जो विनिर्माण और सेवा क्षेत्र दोनों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, आज भारत मैन्युफैक्चरिंग में सबसे आगे रहने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि पिछले 8 वर्षों में हमने कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया और इसके लिए एक वातावरण तैयार किया। इन सभी परिवर्तनों को आत्मसात करके, आज विनिर्माण क्षेत्र में भारत की विकास यात्रा इस मुकाम पर पहुंच गई है।”

सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका लाभ एफडीआई में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने कहा, "पिछले आठ वर्षों में, 160 से अधिक देशों की कंपनियों ने भारत में निवेश किया है।" उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि इस तरह के विदेशी निवेश कुछ उद्योगों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था के 61 क्षेत्रों में फैले हुए हैं और भारत के 31 राज्यों को कवर करते हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि अकेले एयरोस्पेस क्षेत्र में 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद, इस क्षेत्र में निवेश वर्ष 2000 से 2014 के दौरान किए गए निवेश से 5 गुना बढ़ गया। श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आने वाले वर्षों में, रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत अभियान के महत्वपूर्ण स्तंभ बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य 2025 तक अपने रक्षा निर्माण को 25 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक करना है। हमारा रक्षा निर्यात भी 5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो जाएगा।" प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में विकसित किए जा रहे रक्षा गलियारों से इस क्षेत्र को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। श्री मोदी ने गांधीनगर में अब तक के सबसे बड़े डेफ-एक्सपो के आयोजन के लिए भी रक्षा मंत्रालय और गुजरात सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि डेफ-एक्सपो में प्रदर्शित सभी उपकरण और प्रौद्योगिकियां भारत में बनी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "प्रोजेक्ट सी-295 की झलक हमें आने वाले वर्षों के डेफ-एक्सपो में भी दिखाई देगी।"

संबोधन के समापन में, प्रधानमंत्री ने उद्योग से जुड़े सभी लोगों से इस समय देश में अभूतपूर्व निवेश से उत्पन्न विश्वास का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि देश के स्टार्ट-अप को आगे बढ़ने में मदद करने के लिए और अधिक विचार किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने अनुसंधान के क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने निष्कर्ष के तौर पर कहा, "अगर हम इस दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो हम इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग का एक अधिक मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने में सक्षम होंगे। आपको हमेशा सबका प्रयास के मंत्र को याद रखना होगा।”

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत, केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, टाटा संस के अध्यक्ष श्री एन. चंद्रशेखरन और एयरबस के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी श्री क्रिश्चियन शेरर इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

पृष्ठभूमि

सी-295 विमान निर्माण संयंत्र देश में निजी क्षेत्र में पहला विमान निर्माण संयंत्र होगा। इस संयंत्र का उपयोग टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और एयरबस डिफेंस एंड स्पेस, स्पेन के बीच सहयोग के माध्यम से भारतीय वायु सेना के लिए 40 सी-295 विमानों के निर्माण के लिए किया जाएगा। यह संयंत्र रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, और इस क्षेत्र में निजी उद्यमियों की क्षमता को विस्तारित करने में भी मदद करेगा।

 

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PM thanks world leaders for their greetings on India’s 74th Republic Day
January 26, 2023
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The Prime Minister, Shri Narendra Modi has thanked world leaders for their greetings on India’s 74th Republic Day.

In response to a tweet by the Prime Minister of Australia, the Prime Minister said;

"Thank you Prime Minister @AlboMP. Greetings to you and to the friendly people of Australia on Australia Day."

In response to a tweet by the Prime Minister of Nepal, the Prime Minister said; "Thank You @cmprachanda ji for your warm wishes!"

In response to a tweet by the Prime Minister of Bhutan, the Prime Minister said; "Thank you @PMBhutan Dr. Lotay Tshering for your warm wishes! India is committed to its unique partnership with Bhutan for progress and prosperity of both our nations."

In response to a tweet by the President of Maldives, the Prime Minister said; "Thank you for your warm greetings, President @ibusolih. Glad to see the sustained progress achieved by India-Maldives partnership, underpinned by common democratic values."

In response to a tweet by the Prime Minister of Israel, the Prime Minister said; "Thank you for your warm wishes for India's Republic Day, PM @netanyahu. Look forward to further strengthening our strategic partnership."

In response to a tweet by the President of France, the Prime Minister said; "Grateful for your warm greetings my dear friend @EmmanuelMacron on India’s Republic Day. I share your commitment to work together for success of India’s G20 Presidency & 25th anniversary of India-France Strategic Partnership. India and France together are a force for global good."

In response to a tweet by the Prime Minister of Mauritius, the Prime Minister said; "Thank you, PM @KumarJugnauth. In our shared journey as modern Republics, our two countries have been partnering closely in people-centred development. Looking forward to taking our cherished partnership with Mauritius to even greater heights."