उन्‍होंने शिवमोग्गा हवाई अड्डे का भी उद्घाटन किया
दो रेल परियोजनाओं और कई सड़क विकास परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी
बहु-ग्राम योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
44 स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का उद्घाटन किया
"यह केवल एक हवाई अड्डा ही नहीं है बल्कि एक ऐसा अभियान भी है जहां युवा पीढ़ी के सपने उड़ान भर सकते हैं"
"कर्नाटक की प्रगति का मार्ग रेलवे, रोडवेज, वायुमार्ग और आईवे की प्रगति से प्रशस्त है"
"शिवमोग्गा में हवाई अड्डे का उद्घाटन ऐसे समय में किया जा रहा है जब भारत में हवाई यात्रा के प्रति उत्साह अपने चरम पर है"
"आज एयर इंडिया को नए भारत की क्षमता के रूप में पहचाना जाता है जहां यह सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है"
"अच्छी कनेक्टिविटी वाला बुनियादी ढांचा पूरे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाला है"
“डबल इंजन की यह सरकार गांवों की है, गरीबों की है, हमारी मां-बहनों की है”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज कर्नाटक के शिवमोग्गा में 3,600 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने शिवमोग्गा हवाई अड्डे का भी उद्घाटन किया और उसमें उपलब्‍ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। प्रधानमंत्री ने शिवमोग्गा में दो रेल परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जिसमें शिवमोग्गा- शिकारीपुरा- रानीबेन्नूर नई रेलवे लाइन और कोटेगांगुरु रेलवे कोचिंग डिपो शामिल हैं। उन्होंने 215 करोड़ रुपये से अधिक की संचयी लागत से विकसित की जाने वाली कई सड़क विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत 950 करोड़ रुपये से अधिक लागत की बहु-ग्राम योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। शिवमोग्गा शहर में 895 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 44 स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का भी उन्‍होंने उद्घाटन किया।

 

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रकवि कुवेम्पु की भूमि को नमन किया जिनकी एक भारत श्रेष्ठ भारत के प्रति समर्पण की भावना आज भी जीवित है। शिवमोग्गा में नवनिर्मित हवाईअड्डे का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लंबे समय के बाद नागरिकों की जरूरतें पूरी हुई हैं। इस शानदार हवाई अड्डे की सुंदरता और निर्माण पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने कर्नाटक की परंपराओं और प्रौद्योगिकी के समामेलन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह केवल एक हवाई अड्डा ही नहीं है बल्कि एक ऐसा अभियान है जहां युवा पीढ़ी के सपने उड़ान भर सकते हैं। उन्होंने ‘हर घर नल से जल’ ’परियोजनाओं के साथ-साथ सड़क और रेल परियोजनाओं का भी जिक्र किया, जिनकी नींव आज रखी जा रही है। उन्‍होंने इन जिलों के नागरिकों को बधाई दी।

 

प्रधानमंत्री ने आज श्री बी एस येदियुरप्पा को उनके जन्मदिन पर बधाई देते हुए सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान का स्‍मरण किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में उनका दिया अभी हाल का भाषण सार्वजनिक जीवन में सभी के लिए प्रेरणा है। श्री बीएस येदियुरप्पा को मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर सम्मानित करने के प्रधानमंत्री के अनुरोध को भीड़ के बीच भारी प्रतिक्रिया मिली और लोगों ने अपने वरिष्ठ नेता के लिए अपने प्‍यार को अभिव्‍यक्‍त किया।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक का विकास प्रगति पर है। प्रधानमंत्री ने कहा, प्रगति का यह मार्ग रोडवेज, एयरवेज और आईवे (डिजिटल कनेक्टिविटी) की प्रगति से प्रशस्त है। उन्‍होंने कहा कि कर्नाटक की डबल इंजन सरकार कर्नाटक की प्रगति के रथ को शक्ति प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री ने पहले समय के बड़े शहर-केंद्रित विकास के विपरीत डबल इंजन सरकार के तहत कर्नाटक में गांवों और टियर 2-3 शहरों में विकास के व्यापक प्रसार पर प्रकाश डालते हुए कहा, "शिवमोग्गा का विकास इसी सोच की प्रक्रिया का परिणाम है"।

 

प्रधानमंत्री ने इस बात को दोहराया शिवमोग्गा में हवाईअड्डे का उद्घाटन ऐसे समय में किया जा रहा है जब भारत में हवाई यात्रा के प्रति उत्साह अपने चरम पर है। उन्होंने बताया कि अभी हाल में एयर इंडिया ने दुनिया के सबसे बड़ा यात्री विमान खरीदने का सौदा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस के शासन के दौरान, एयर इंडिया की आम तौर पर नकारात्मक रूप में चर्चा की जाती थी और इसकी पहचान हमेशा घोटालों से जुड़ी होती थी, जहां इसे घाटे का बिजनेस मॉडल माना जाता था। आज के एयर इंडिया के बारे में प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि अब इसे नए भारत की क्षमता के रूप में पहचाना जाता है जहां यह नित सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। उन्होंने भारत के बढ़ते विमानन बाजार का उल्लेख किया और यह बताया कि देश को निकट भविष्य में हजारों विमानों की आवश्यकता होगी जहां हजारों युवा नागरिकों की एक कार्यबल के रूप में आवश्यकता होगी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही आज हम इन विमानों का आयात कर रहे हैं, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब भारत के नागरिक मेड इन इंडिया यात्री हवाई जहाज उड़ाएंगे।

 

प्रधानमंत्री ने सरकार की उन नीतियों के बारे में भी विस्तार से बताया जिनके कारण विमानन क्षेत्र का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दृष्टिकोण के विपरीत, वर्तमान सरकार ने छोटे शहरों में हवाई अड्डों के निर्माण पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि आजादी के पहले 7 दशकों में 2014 तक देश में 74 हवाईअड्डे थे जबकि पिछले 9 सालों में 74 और हवाईअड्डे शामिल किए गए हैं, जो कई छोटे शहरों को जोड़ते हैं। हवाई चप्पल पहनने वाले आम नागरिकों को ‘हवाई जहाज’ में यात्रा करने में सक्षम बनाने के अपने सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री ने सस्ती हवाई यात्रा के लिए ‘उड़ान’ योजना का भी उल्लेख किया।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि नया हवाई अड्डा प्रकृति, संस्कृति और कृषि की भूमि शिवमोग्गा के लिए विकास के नए द्वार खोलने जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि शिवमोग्गा मलेनाडु क्षेत्र का प्रवेश द्वार है जो पश्चिमी घाटों और हरियाली, वन्यजीव अभयारण्यों, नदियों, प्रसिद्ध जोग फॉल्स और हाथी शिविर, सिम्हा धाम में लायन सफारी और अगुम्बे की पर्वत श्रृंखलाओं के घर के लिए प्रसिद्ध है। प्रधानमंत्री ने उस कहावत का स्‍मरण करते हुए कहा कि जिन्होंने गंगा में डुबकी नहीं लगाई और तुंगभद्रा नदी का पानी नहीं पिया, उनका जीवन अधूरा रहता है।

 

शिवमोग्गा की सांस्कृतिक समृद्धि और विशिष्‍टता के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रकवि कुवेम्पु और दुनिया के एकमात्र जीवित संस्कृत गांव मत्तूर और शिवमोग्गा में आस्था के कई केंद्रों का उल्लेख किया। उन्होंने इस्सुरु गांव के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का भी जिक्र किया।

शिवमोग्गा की कृषि विशिष्टता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने इस क्षेत्र की फसलों की उल्लेखनीय विविधता का जिक्र किया। डबल इंजन सरकार द्वारा किए जा रहे मजबूत संपर्क उपायों से इस क्षेत्र की कृषि संपदा को बढ़ावा मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए हवाईअड्डे से पर्यटन को बढ़ाने में सहायता मिलेगी और इसके परिणामस्वरूप आर्थिक गतिविधियां व रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि रेल संपर्क किसानों के लिए नए बाजार सुनिश्चित करेगा।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिवमोग्गा-शिकारीपुरा-रानीबेन्नूर नई लाइन के पूरा होने पर हावेरी और दावणगेरे जिले भी काफी लाभान्वित होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस लाइन में कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं होगा, जिससे यह एक सुरक्षित रेल लाइन बन जाएगी और फास्ट ट्रेनें सुचारु रूप से चल सकेंगी। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कोटागंगौर स्टेशन की क्षमता, जो कभी एक छोटा हॉल्ट स्टेशन हुआ करता था, उसे नए कोचिंग टर्मिनल के निर्माण के बाद बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि अब इसे 4 रेलवे लाइन, 3 प्लेटफार्म और एक रेलवे कोचिंग डिपो के साथ विकसित किया जा रहा है। यह देखते हुए कि शिवमोग्गा इस क्षेत्र का एक शैक्षिक केंद्र है, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बढ़ी हुई कनेक्टिविटी से आस-पास के क्षेत्रों के छात्रों के लिए भी शिवमोग्गा जाना अधिक आसान हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में व्यवसायों और उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्छी कनेक्टिविटी वाला बुनियादी ढांचा पूरे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में जल जीवन मिशन को शिवमोग्गा की महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के लिए एक बड़ा अभियान बताया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन शुरू होने से पहले शिवमोग्गा में 3 लाख परिवारों में से केवल 90 हजार के पास नल के पानी के कनेक्शन थे। अब डबल इंजन सरकार ने 1.5 लाख परिवारों को नल से जल के कनेक्शन प्रदान किए हैं और सभी घरों को यह सुविधा सुनिश्चित करने के लिए काम चल रहा है। पिछले 3.5 साल में 40 लाख परिवारों को नल के पानी के कनेक्शन मिले हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, "डबल इंजन की सरकार गांवों की, गरीबों की और हमारी माताओं और बहनों की है।" प्रधानमंत्री ने शौचालय, गैस कनेक्शन और नल से जलापूर्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार माताओं और बहनों से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दोहराया कि डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी के साथ हर घर में पाइप से पानी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि टिप्पणी कि कर्नाटक के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि यह भारत का अमृत काल है, विकसित भारत बनाने का समय है। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि ऐसा अवसर दस्तक दे रहा है कि वैश्विक मंच पर भारत की आवाज सुनी जा रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के निवेशक भारत में निवेश करना चाहते हैं और इससे कर्नाटक और यहां के युवाओं को भी लाभ होगा। अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी को आश्वासन दिया कि कर्नाटक के विकास के लिए यह अभियान और गति पकड़ेगा। "हमें एक साथ चलना होगा, हमें एक साथ आगे बढ़ना है"।

इस अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री श्री बसवराज बोम्मई, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री श्री बीएस येदियुरप्पा, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी, कर्नाटक सरकार के मंत्री और अन्य गणमान्‍य व्‍यक्ति भी उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

पूरे देश में हवाई संपर्क में सुधार करने के बारे में प्रधानमंत्री के जोर देने के प्रयास को शिवमोग्गा हवाई अड्डे के उद्घाटन से और अधिक बढ़ावा मिलेगा। नया हवाई अड्डा लगभग 450 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। हवाई अड्डे का यात्री टर्मिनल भवन प्रति घंटे 300 यात्रियों को संभाल सकता है। इससे मलनाड क्षेत्र में शिवमोग्गा और अन्य पड़ोसी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और पहुंच में काफी सुधार होगा।

प्रधानमंत्री ने शिवमोग्गा में दो रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसमें शिवमोग्गा - शिकारीपुरा- रानीबेन्नूर नई रेलवे लाइन और कोटेगंगुरु रेलवे कोचिंग डिपो शामिल हैं। शिवमोग्गा- शिकारीपुरा- रानीबेन्नूर नई रेलवे लाइन 990 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी और बेंगलुरु-मुंबई मुख्‍य लाइन के साथ मलनाड क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। शिवमोग्गा शहर में कोटेगांगुरू रेलवे कोचिंग डिपो को 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत से विकसित किया जाएगा ताकि शिवमोग्गा से नई ट्रेनें शुरू करने में मदद मिल सके और बेंगलुरू व मैसूरु में रख-रखाव सुविधाओं की बढ़ती मांग को कम किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने कई सड़क विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। 215 करोड़ रुपये से अधिक की संचयी लागत से विकसित की जाने वाली परियोजनाओं में ब्यंदूर-रानीबेन्नूर को जोड़ने वाले एनएच 766सी पर शिकारीपुरा टाउन के लिए एक नई बाईपास सड़क का निर्माण शामिल है; मेगारावल्ली से अगुम्बे तक एनएच 169ए का चौड़ीकरण; और एनएच 169 पर तीर्थहाली तालुक में भारतीपुरा में एक नए पुल का निर्माण शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन के तहत 950 करोड़ रुपये से अधिक लागत की बहु-ग्राम योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इसमें गौतमपुरा और 127 अन्य गांवों के लिए एक बहु-ग्राम योजना का उद्घाटन और 860 करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत से विकसित की जाने वाली तीन अन्य बहु-ग्राम योजनाओं की आधारशिला रखना भी शामिल है। चार योजनाएं कार्यात्मक घरेलू पाइप जल कनेक्शन प्रदान करेंगी और इससे कुल 4.4 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री ने शिवमोग्गा शहर में 895 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 44 स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में 110 किमी लंबाई के 8 स्मार्ट रोड पैकेज; एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और बहु-स्तरीय कार पार्किंग; स्मार्ट बस शेल्‍टर परियोजनाएं; एक उन्‍नत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली; शिवप्पा नाइक पैलेस जैसी विरासत परियोजनाओं का एक संवादात्मक संग्रहालय में विकास, 90 संरक्षण लेन, पार्कों का निर्माण और रिवरफ्रंट विकास परियोजनाएं शामिल हैं।

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प्रधानमंत्री ने शहादत दिवस पर चंद्रशेखर आजाद को श्रद्धांजलि अर्पित की: जीवन शिक्षाओं को उजागर करने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
February 27, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi, offered his respectful tributes to the legendary revolutionary, Chandra Shekhar Azad, the brave son of Mother India on his martyrdom day .

The Prime Minister stated that Azad sacrificed his everything to free Mother India from the shackles of slavery, and for this, he will always be remembered.

Reflecting on the legacy of the immortal revolutionary, the Prime Minister remarked that the life of Chandra Shekhar Azad demonstrates that the resolution to stand firm against injustice is the essence of true prowess. Shri Modi, added that the saga of his sacrifice for the motherland will continue to inspire every generation of the country.

Prime Minister Shared on X;

“भारत माता के वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उन्होंने मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।”

“अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जीवन बताता है कि अन्याय के खिलाफ अडिग रहने का संकल्प ही सच्चा पराक्रम है। मातृभूमि के लिए उनके बलिदान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।

न हि शौर्यात्परं किञ्चित् त्रिषु लोकेषु विद्यते।

शूरः सर्वं पालयति सर्वं शूरे प्रतिष्ठितम् ।।”

"There is no element more transcendent than bravery in the three worlds. Valor is the fundamental force that nourishes and protects the animate and inanimate world. All worldly dignity, prosperity and duty exist solely in the valor of the valiant."