प्रधानमंत्री ने मैसूर में नागनहल्ली रेलवे स्टेशन पर उपनगरीय रेल के लिये कोच-टर्मिनल की आधारशिला रखी
एआईआईएच मैसूर में ‘संप्रेषण विकार वाले व्यक्तियों के लिये उत्कृष्टता केंद्र’ का लोकार्पण
“अपनी पुरातन संस्कृति को समृद्ध करते हुये हम कैसे 21वीं सदी के संकल्पों को सिद्ध कर सकते हैं, इसका कर्नाटक एक उत्तम उदाहरण है”
‘‘‘डबल-इंजन’ सरकार आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं और सम्मानपूर्ण जीवन से जोड़ने में पूरी ऊर्जा से काम कर रही है”
“बीते आठ वर्षों में हमारी सरकार ने समाज के सभी वर्गों, सभी क्षेत्रों तक पहुंचने के माध्यम से सामाजिक न्याय को मजबूत बनाया”
“हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि दिव्यांगजनों को सम्मान और अवसर मिलें; सरकार दिव्यांग मानव संसाधन को सक्षम बना रही है, ताकि वे राष्ट्र की प्रगति में प्रमुख साझेदार बनें”

प्रधानमंत्री ने आज मैसूर के महाराजा कॉलेज के मैदान में आयोजित एक जन-समारोह में 480 करोड़ रुपये से अधिक लागत से नागनहल्ली रेलवे स्टेशन पर विकसित किये जाने वाले उपनगरीय रेल के लिये कोच-टर्मिनल की आधारशिला रखी। कोच-टर्मिनल में एक एमईएमयू शेड भी बनाया जायेगा, जिससे मौजूदा मैसूर यार्ड में भीड़-भाड़ कम होगी। इसके कारण ज्यादा से ज्यादा एमईएमयू रेल सेवायें चलेंगी तथा मैसूर से लंबी दूरी के रेलगाड़ियों के परिचालन की भी सुविधा होगी। इस तरह क्षेत्र में संपर्कता और पर्यटन में इजाफा होगा। यह सुविधा हो जाने से दैनिक यात्रियों के साथ-साथ दूर तक की यात्रा करने वाले लोगों को भी लाभ होगा।

 

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान में ‘संप्रेषण विकार वाले व्यक्तियों के लिये उत्कृष्टता केंद्र’ का लोकार्पण किया। यह केंद्र उत्कृष्ट प्रयोगशालाओं तथा संप्रेषण विकार वाले दिव्यांगजनों के निदान, मूल्यांकन और पुनर्वास सुविधाओं से लैस है।

इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावर चंद गहलोत, मुख्यमंत्री श्री बासवराज बोम्मई, केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

उपस्थितजनों को संबोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक उन राज्यों में से एक है, जहां देश की आर्थिक और आध्यात्मिक सम्पन्नता, दोनों के दर्शन एक साथ होते हैं। उन्होंने कहा, “अपनी पुरातन संस्कृति को समृद्ध करते हुये हम कैसे 21वीं सदी के संकल्पों को सिद्ध कर सकते हैं, इसका कर्नाटक एक उत्तम उदाहरण है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस धरती ने नलवाडी कृष्णा वोडेयार, सर एम विश्वेश्वरैया, राष्ट्रकवि कुवेंपु जैसे अनेक महान व्यक्तित्व देश को दिये हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘डबल-इंजन’ सरकार आम लोगों को बुनियादी सुविधाओं और सम्मानपूर्ण जीवन से जोड़ने में पूरी ऊर्जा से काम कर रही है तथा इन महान व्यक्तित्वों की परिकल्पना को आगे बढ़ा रही है।

प्रधानमंत्री ने याद करते हुये कहा कि पहले के कल्याणकारी प्रयास एक बहुत सीमित क्षेत्र तक सिमटे हुये थे। उन्होंने कहा कि बीते आठ वर्षों में हमारी सरकार ने जो योजनायें बनाई हैं, उनमें इस भावना को प्राथमिकता दी गई है कि वे समाज के सभी वर्गों, सभी क्षेत्रों को छूयें, उन तक पहुंचें। एक तरफ हमने स्टार्ट-अप नीति के तहत युवाओं को प्रोत्साहन दिया है, तो वहीं किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा भी दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस मद में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि कर्नाटक के 56 लाख किसानों के खातों में गई है। ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ जैसी पहलों से ये योजनायें अब पूरे भारत में फैल चुकी हैं। आयुष्मान भारत के तहत 29 लाख से अधिक गरीब मरीजों को राज्य में निशुल्क उपचार मिला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के पहले लाभार्थियों से बातचीत भी की। उस दौरान उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सरकार का हर पैसा लोगों में विश्वास पैदा कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते आठ वर्षों में हमारी सरकार ने समाज के सभी वर्गों, सभी क्षेत्रों तक पहुंचने के माध्यम से सामाजिक न्याय को मजबूत बनाया। कल्याणकारी योजनाओं को पराकाष्ठा तक पहुंचाने के प्रयासों के माध्यम से, इस विश्वास को मजबूत किया जा रहा है कि लाभ बिना किसी भेदभाव के लोगों तक पहुंचें। इस तरह भारत के आम नागरिकों के विश्वास को मजबूत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि हमारे दिव्यांग साथियों की दूसरों पर निर्भरता कम से कम हो। इसलिये हमारी मुद्रा में, सिक्कों में दिव्यांगों की सुविधा की नई विशेषतायें जोड़ी गई हैं। देशभर में दिव्यांगों की पढ़ाई से जुड़े पाठ्यक्रम को अधिक समृद्ध किया जा रहा है। सुगम्य भारत यातायात और कार्यालयों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बना रहा है। राष्ट्र की प्रगति में दिव्यांग मानव संसाधन को प्रमुख साझीदार बनाने के लिये अखिल भारतीय वाक् एवं श्रवण संस्थान में ‘संप्रेषण विकार वाले व्यक्तियों के लिये उत्कृष्टता केंद्र’ का आज लोकार्पण किया गया।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते आठ वर्षों में केंद्र सरकार ने कर्नाटक में पांच हजार किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग के लिये करीब 70 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं। आज ही बेंगलुरु में सात हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है। उन्होंने कहा कि ‘डबल-इंजन’ की सरकार लोगों के सुगम जीवन के लिये परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिये काम कर ही है।

 

प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 के पहले रेलवे के लिये कर्नाटक को 800 करोड़ रुपये दिये गये थे। इस वर्ष 7000 करोड़ रुपये दिये गये हैं और राज्य में 34000 करोड़ रुपये की कीमत की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के पहले 10 वर्षों में केवल 16 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया, जबकि पिछले आठ वर्षों में 1600 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का विद्युतीकरण किया गया। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि कर्नाटक के लोगों का आशीर्वाद इस डबल-इंजन की सरकार को प्रेरित करता रहेगा और वह राज्य के विकास के लिये अथक कार्य करती रहेगी।

 

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प्रधानमंत्री ने सत्य और दृढ़ता के महत्व को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 05, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that success achieved through tireless effort and by following the path of truth is lasting. He noted that such success not only builds self-confidence but also brings a deep sense of satisfaction to the mind.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“न तथा बलवीर्याभ्यां जयन्ति विजिगीषवः।
यथा सत्यानृशंस्याभ्यां धर्मेणैवोद्यमेन च॥”

The Subhashitam conveys that those who aspire to win do not succeed merely through strength and power, but through truth, compassion, righteousness and unwavering effort.

The Prime Minister wrote on X;

“अथक परिश्रम और सत्य के मार्ग पर चलकर प्राप्त की गई सफलता स्थायी होती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं मन को अद्भुत संतोष भी मिलता है।

न तथा बलवीर्याभ्यां जयन्ति विजिगीषवः।

यथा सत्यानृशंस्याभ्यां धर्मेणैवोद्यमेन च ।।”