दोनों नेताओं ने कई द्विपक्षीय मुद्दों, विशेष रूप से व्यापार और आर्थिक क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की
प्रधानमंत्री ने यूनाइटेड किंगडम में भारतीय राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया और भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने आर्थिक अपराधियों की वापसी से जुड़े मामलों में हुई प्रगति की जानकारी मांगी
प्रधानमंत्री श्री सुनक ने जी20 की भारत की वर्तमान अध्यक्षता के लिए यूनाइटेड किंगडम के पूर्ण समर्थन को दोहराया
प्रधानमंत्री ने बैसाखी की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री श्री सुनक को शुभकामनाएं दीं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री माननीय श्री ऋषि सुनक से टेलीफोन पर बातचीत की।

दोनों नेताओं ने भारत-यूके रोडमैप 2030 के हिस्से के रूप में कई द्विपक्षीय मुद्दों पर हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने हाल के उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान और विशेष रूप से व्यापार एवं आर्थिक क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभप्रद मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र संपन्न किए जाने की जरूरत पर सहमति व्यक्त की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यूनाइटेड किंगडम में भारतीय राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया और यूनाइटेड किंगडम सरकार द्वारा भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आह्वान किया। प्रधानमंत्री श्री ऋषि सुनक ने सूचित किया कि यूनाइटेड किंगडम भारतीय उच्चायोग पर हुए हमले को पूरी तरह से अस्वीकार्य मानता है। उन्होंने भारतीय मिशन एवं उसके कर्मियों की पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने यूनाइटेड किंगडम में शरण लेने वाले आर्थिक अपराधियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इन भगोड़ों की वापसी से जुड़े मामलों में हुई प्रगति की जानकारी मांगी ताकि वे भारतीय न्याय व्यवस्था के सामने पेश हो सकें।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सितंबर 2023 में होने वाले जी20 के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री श्री सुनक को आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री श्री सुनक ने जी20 की भारत की अध्यक्षता के दौरान हुई प्रगति की सराहना की और भारत की विभिन्न पहलों एवं उनकी सफलता के लिए यूनाइटेड किंगडम के पूर्ण समर्थन को दोहराया।

प्रधानमंत्री ने बैसाखी की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री श्री सुनक और यूनाइटेड किंगडम में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं दीं।

दोनों नेता एक-दूसरे के साथ संपर्क में रहने पर सहमत हुए।

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विश्व वन्यजीव दिवस पर प्रधानमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, संस्कृत में सुभाषितम् साझा किया
March 03, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने वाली और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को कायम रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। उन्होंने कहा कि यह वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने और उनके संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और प्राकृतिक निवास की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का दिन है ताकि वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणियों का निवास है और उनका पालन-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बाघों की विश्व की 70% से अधिक और साथ ही एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी पायी जाती है तथा एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी यहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां जंगल के राजा एशियाई शेरों की संख्या बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि सरकार ने वन्यजीवों के संरक्षण के लिए अनेक प्रयास किए हैं। इनमें अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच के रूप में अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल और स्लॉथ बियर के संरक्षण के उद्देश्य से की गई पहल के साथ-साथ चीतों का स्थानांतरण भी शामिल है।

प्रधानमंत्री ने भारत के सांस्कृतिक लोकाचार पर बल देते हुए कहा कि हमारे शास्त्र सभी जीवित प्राणियों के कल्याण के लिए प्रार्थना करते हैं और वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशीलता को प्रेरित करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर संस्कृत का नीतिपरक श्लोक साझा किया जिसमें कहा गया है-

"निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्। तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥"

उक्त सुभाषितम् का संदेश यह है कि जंगलों के बिना बाघ विलुप्त हो जाते हैं और बाघों के बिना जंगल नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, बाघ जंगल की रक्षा करते हैं और जंगल बाघ की रक्षा करते हैं जो प्रकृति में परस्पर गहरी निर्भरता को रेखांकित करता है।

श्री मोदी ने X पर अपने कई पोस्टों की श्रृंखला में कहा-

विश्व वन्यजीव दिवस हमारी पृथ्वी को समृद्ध बनाने और हमारे पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने वाली अद्भुत जीव विविधता का उत्सव मनाने का दिन है। यह वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में काम करने वाले सभी लोगों को सम्मानित करने का दिन है। हम संरक्षण, टिकाऊ प्रथाओं और आवासों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं ताकि हमारे वन्यजीव फलते-फूलते रहें।

हमें इस बात पर गर्व है कि भारत में विश्व के कुछ सबसे अद्भुत वन्य प्राणी पाए जाते हैं। विश्व में 70% से अधिक बाघों का निवास हमारे यहां है। हमारे यहां एक सींग वाले गैंडों की सबसे बड़ी आबादी और एशियाई हाथियों की अधिकतम संख्या भी है। भारत विश्व का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां वनराज एशियाई शेर फल-फूल रहे हैं।

एनडीए सरकार ने वन्यजीव संरक्षण के लिए कई प्रयास किए हैं। इनमें अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की स्थापना शामिल है जो अन्य देशों के साथ सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक अद्वितीय मंच है। अन्य प्रयासों में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, घड़ियाल, स्लॉथ बियर की सुरक्षा और चीतों का स्थानांतरण शामिल हैं।

"आज विश्व वन्यजीव दिवस है। हमारे शास्त्रों में सभी जीवों के कल्याण की कामना की गई है। उनसे हमें प्राणियों के संरक्षण के साथ-साथ उनके प्रति संवेदनशील होने की प्रेरणा भी मिलती है। उसका एक उदाहरण यह है...

निर्वनो वध्यते व्याघ्रो निर्व्याघ्रं छिद्यते वनम्।

तस्माद् व्याघ्रो वनं रक्षेद् वनं व्याघ्रं च पालयेत्॥”