प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज उत्कल दिवस के विशेष अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने कहा कि ओडिशा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महानता का एक चिरस्थायी प्रतीक है। ओडिया संगीत, कला और साहित्य ने भारत को अनगिनत तरीकों से समृद्ध किया है। श्री मोदी ने कहा, “अपने दृढ़ संकल्प, सादगी और गर्मजोशी के लिए प्रसिद्ध ओडिशा के लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ईश्‍वर करे, आने वाले समय में ओडिशा प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूता रहे।”

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट किया;

“उत्कल दिवस के विशेष अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। ओडिशा एक ऐसा राज्य है जो सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महानता का शाश्वत प्रतीक है। ओडिया संगीत, कला और साहित्य ने भारत को अनगिनत तरीकों से समृद्ध किया है। दृढ़ संकल्प, सादगी और गर्मजोशी के लिए प्रसिद्ध ओडिशा के लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। ईश्‍वर करे, आने वाले समय में ओडिशा प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूता रहे।”

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प्रधानमंत्री ने परोपकार और दूसरों के कल्याण के महत्व पर आधारित संस्कृत सुभाषित साझा किया
August 19, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, shared a Sanskrit Subhashitam highlighting that the true fulfilment of human life lies in constantly working for the welfare and well-being of other living beings.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“एतावज्जन्मसाफल्यं देहिनामिह देहिषु।
प्राणैरर्थैर्धिया वाचा श्रेय एवाचरेत्सदा॥”

The Subhashitam conveys that the ultimate fulfillment of human life in this world lies in constantly performing benevolent and welfare-oriented actions toward other living beings through one's physical capabilities, wealth, intellect, and speech.

The Prime Minister wrote on X;

“एतावज्जन्मसाफल्यं देहिनामिह देहिषु।

प्राणैरर्थैर्धिया वाचा श्रेय एवाचरेत्सदा॥”