प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कॉमरेड प्रचंड को नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने पर बधाई दी है।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया;

“नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने पर कॉमरेड प्रचंड को हार्दिक बधाई। भारत और नेपाल के बीच अनूठे संबंध गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव और लोगों के बीच गर्मजोशी भरे आपसी संबंधों पर आधारित हैं। मैं इस दोस्ती को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।”

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति द्वारा आयोजित राजाजी उत्सव की सराहना की, जिसमें श्री चक्रवर्ती राजगोपालाचारी जी को सम्मानित किया गया; यह उत्सव भारत के उन लोगों को सम्मानित करने के संकल्प को दर्शाता है जिन्होंने हमारे भाग्य को आकार दिया और औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाने का संकल्प व्यक्त किया
February 23, 2026

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में अशोक मंडप के पास ग्रैंड ओपन सीढ़ी पर स्थापित चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने इस पहल को सराहनीय प्रयास बताया, जो राष्ट्र के भाग्य को आकार देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने और औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाने के भारत के संकल्प को दर्शाता है। श्री मोदी ने कहा कि राजाजी एक प्रखर विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और प्रशासक थे, जिनका जीवन सत्यनिष्ठा, बुद्धिमत्ता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक था।

राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'राजाजी उत्सव' में भी भाग लिया। राजाजी उत्सव के तहत, 24 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक राष्ट्रपति भवन में राजाजी के जीवन और कार्यों पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि राजाजी उत्सव एक अद्भुत पहल है जो राष्ट्र के प्रति राजाजी के समृद्ध योगदान के विभिन्न पहलुओं को सामने लाती है। उन्‍होंने लोगों से प्रदर्शनी का अवलोकन करने और उनके जीवन तथा आदर्शों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

श्री मोदी ने राष्ट्रपति द्वारा उपर्युक्त पहलों के संबंध में किए गए एक्‍स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्‍स पर लिखा;

“यह एक सराहनीय प्रयास है, जो उन लोगों को सम्‍मानित करने के संकल्प को दर्शाता है जिन्‍होंने हमारे भाग्य को आकार दिया और औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाया।”

राजाजी एक प्रखर विद्वान, स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और प्रशासक थे। उनका जीवन सत्यनिष्ठा, बुद्धिमत्ता और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था।

 

“राजाजी उत्सव एक अद्भुत पहल है, जो राष्ट्र के प्रति राजाजी के समृद्ध योगदान के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप इसका अवलोकन करें और इससे प्रेरणा लें!”