Published By : Admin |
February 16, 2024 | 20:37 IST
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन को 500 टेस्ट विकेट लेने पर बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अश्विन की असाधारण खेल यात्रा एवं उपलब्धियां उनके उत्कृष्ट कौशल और दृढ़ संकल्प का सटीक प्रमाण हैं।
प्रधानमंत्री ने ‘X’ पर पोस्ट किया:
‘रविचंद्रन अश्विन को 500 टेस्ट विकेट लेने की असाधारण उपलब्धि पर ढेर सारी बधाइयां! उनकी असाधारण खेल यात्रा एवं उपलब्धियां उनके उत्कृष्ट कौशल और दृढ़ संकल्प का सटीक प्रमाण हैं। मेरी ओर से उन्हें शुभकामनाएं क्योंकि वह नित नई ऊंचाइयां छू रहे हैं।’
Congratulations to Ravichandran Ashwin on the extraordinary milestone of taking 500 Test wickets! His journey and accomplishments are testament to his skill and perseverance. My best wishes to him as he scales further peaks. @ashwinravi99
पीएम मोदी ने असिस्टेंट सेक्रेटरी के तौर पर तैनात 2024 बैच के IAS ट्रेनी अधिकारियों का किया मार्गदर्शन
June 23, 2026
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प्रधानमंत्री ने 'नागरिक देवो भव' की भावना पर बल दिया और अधिकारियों से नागरिकों को शासन के केंद्र में रखने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने विकास संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के लिए मिलकर काम करने का समग्र दृष्टिकोण अपनाने और अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने युवा प्रशासनिक अधिकारियों से 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में देश की यात्रा का नेतृत्व करने का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने भविष्य में प्रशासन को सक्षम बनाने में मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा-आधारित शासन की भूमिका का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह नई दिल्ली में सेवा तीर्थ में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2024 बैच के 183 प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत की जिन्हें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।
युवा प्रशिक्षु अधिकारियों ने इस अवसर पर अपने क्षेत्र से संबंधित प्रशिक्षण और मंत्रालयों से जोड़े जाने के बाद कामकाज के अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभागों में दो वर्षों के कामकाज के अनुभव और प्रशासनिक प्रशिक्षण के बाद वे अब एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं जहां उनके निर्णय न केवल उनके अपने करियर को बल्कि करोड़ों नागरिकों के भविष्य को भी आकार देंगे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि लोक सेवा की असली परीक्षा वास्तविक परिस्थितियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निपटने से प्रारंभ होती है।
प्रधानमंत्री ने युवा प्रशासनिक अधिकारियों से दृढ़ संकल्प, नवाचार और नागरिक-केंद्रित शासन के साथ राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों से हमेशा यह याद रखने का आग्रह किया कि प्रशासन से संबंधित प्रत्येक फाइल के पीछे मानवीय पहलू छिपे होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फाइल अनगिनत नागरिकों की आकांक्षाओं, चिंताओं और उनके जीवन का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने "नागरिक देवो भव" के मंत्र पर बल देते हुए अधिकारियों से हर निर्णय के केंद्र में नागरिकों को रखने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि शासन सहानुभूतिपूर्ण, उत्तरदायी और समावेशी बना रहे।
प्रधानमंत्री ने सभी विभागों के समग्र रूप से मिलकर काम करने के दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान करते हुए इस बात पर बल दिया कि विकास से संबंधित प्रमुख चुनौतियों का समाधान अलग-थलग रहकर नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि सार्थक और स्थायी परिणाम प्राप्त करने के लिए विभागों के बीच प्रभावशाली समन्वय आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत का निर्माण करना आने वाले दशकों में हर नीति और प्रशासनिक निर्णय का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आज भारत की प्राथमिकताओं में आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा और युवाओं के लिए अवसरों का सृजन शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने पिछले दशक में शासन व्यवस्था में आए परिवर्तनों पर बल देते हुए कहा कि प्रशासन प्रक्रिया-केंद्रित मॉडल से परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण की ओर अग्रसर हुआ है। उन्होंने सेवा वितरण में सुधार लाने और नागरिकों को सुगमता और पारदर्शिता के साथ सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने में डिजिटल शासन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने आंकड़ों पर आधारित शासन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि आंकड़ों को केवल संख्या के रूप में नहीं बल्कि लाखों लोगों के सामूहिक जीवन, चुनौतियों और आकांक्षाओं के प्रतिबिंब के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि नीतियां जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही हैं या नहीं।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया और बताया कि वर्तमान बैच में 40 प्रतिशत से अधिक महिला अधिकारी हैं।
प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों से राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान का निरंतर मूल्यांकन करने और पदों से नहीं बल्कि कामकाज से मिले ठोस परिणामों से संतुष्टि प्राप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि उनकी ऊर्जा, प्रतिभा और समर्पण भारत के विकास पथ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्मिक राज्य मंत्री श्री जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव श्री पी.के. मिश्रा, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव-2 श्री शक्तिकांत दास, मंत्रिमंडल सचिव श्री टीवी सोमनाथन, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की सचिव सुश्री रचना शाह, एलबीएसएनएए के निदेशक श्री श्रीराम तरणिकांति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस संवाद के दौरान उपस्थित थे।