प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एशियाई खेलों में पुरुष तीरंदाजी स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर अतनु दास, तुषार शेल्के और बोम्मदेवरा धीरज को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया;

‘यह अत्यंत उल्लास का क्षण है क्योंकि हमारी पुरुष तीरंदाजी रिकर्व टीम ने रजत पदक जीता है। बधाई हो, @ तीरंदाज अतनु, तुषार शेल्के और @बोम्मदेवरा डी, जीत का यह सिलसिला निरंतर जारी रखें! उनके इस उत्कृष्ट प्रदर्शन में पूर्ण समर्पण भाव और दृढ़ संकल्प स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।’

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Housing sales rises 19% to 1.12L units in Q2, Southern cities lead momentum: PropEquity

Media Coverage

Housing sales rises 19% to 1.12L units in Q2, Southern cities lead momentum: PropEquity
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी
June 26, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज महान बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें साहित्य की एक महान हस्ती के रूप में याद किया, जिनकी रचनाओं ने भारतीयों की कई पीढ़ियों में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना जगाई।

इस साल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने कहा कि भारत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' के ज़रिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और देश को प्रेरणा का एक ऐसा स्रोत दिया, जो हमेशा बना रहेगा।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

महान बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।

साहित्य की एक महान हस्ती, जिनकी रचनाओं ने भारतीयों की कई पीढ़ियों में देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव की भावना जगाई। उनका समृद्ध साहित्यिक कार्य लोगों के विचारों को रोशन करता है और राष्ट्र-निर्माण के प्रति हमारे सामूहिक संकल्प को मज़बूत करता है।

यह वह समय है, जब हम 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। 'वंदे मातरम' के ज़रिए उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन और हमारे देश को प्रेरणा का एक ऐसा स्रोत दिया, जो हमेशा बना रहेगा।

মহান বঙ্কিম চন্দ্র চট্টোপাধ্যায়ের জয়ন্তীতে তাঁর প্রতি শ্রদ্ধাঞ্জলি।

এক সুবিশাল সাহিত্যিক আলোকবর্তিকা হিসেবে, তাঁর লেখা প্রজন্মান্তরের ভারতীয়দের মধ্যে দেশপ্রেম এবং সাংস্কৃতিক গৌরবের চেতনা জাগ্রত করেছিল। তাঁর সমৃদ্ধ সাহিত্যকর্ম মনকে উদ্ভাসিত করে চলেছে এবং জাতি গঠনের প্রতি আমাদের সম্মিলিত সংকল্পকে শক্তিশালী করছে।

এখন আমরা বন্দে মাতরমের ১৫০তম বার্ষিকী উদযাপন করছি। বন্দে মাতরমের মাধ্যমে, তিনি স্বাধীনতা আন্দোলন এবং আমাদের জাতিকে অন্যতম দীর্ঘস্থায়ী অনুপ্রেরণা উপহার দিয়েছিলেন।