संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का सर्वसम्मति से पारित होना महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए योजनाओं के माध्यम से उन्हें बंधनमुक्त करने का हर संभव प्रयास किया।
इस कानून के जरिए लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बीजेपी पिछले तीन दशकों से प्रयास कर रही थी। यह हमारा कमिटमेंट था और आज हमने इसे पूरा किया है: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पीएम मोदी
महिला आरक्षण विधेयक कोई सामान्य कानून नहीं, यह नए भारत की नई लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का उद्घोष है: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर पीएम मोदी

संसद के दोनों सदनों द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रिकॉर्ड मतों से पारित करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दिल्ली के बीजेपी हेडक्वॉर्टर में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं पूरे देश को नारी शक्ति वंदन अधिनियम, संसद के दोनों सदनों में और भारी बहुमत से, और राज्यसभा में तो सर्वसम्मति से, पास होने की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।“

प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी-कभी किसी निर्णय में देश के भाग्य को बदलने की क्षमता होती है और हम सभी ऐसे ही एक निर्णय के साक्षी बने हैं। जिस बात का देश को पिछले कई दशकों से इंतजार था, वो सपना अब सच हुआ है। यह पूरे देश के साथ भाजपा के हर एक कार्यकर्ता के लिए भी बेहद खास दिन है। आज हर नारी का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। पूरे देश की माताएं-बहनें और बेटियां खुशी मना रही हैं और हम सबको आशीर्वाद दे रही हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि कोटि-कोटि माताओं-बहनों के सपने को पूरा करने का सौभाग्य हमारी भाजपा सरकार को मिला है और यह भाजपा के साथ ही देश के हर नागरिक के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम कोई सामान्य कानून नहीं है। ये नए भारत की नई लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का उद्घोष है। ये अमृतकाल में सबका प्रयास से विकसित भारत के निर्माण की तरफ बहुत मजबूत कदम है। महिलाओं का जीवन स्तर सुधारने और क्वालिटी ऑफ लाइफ बेहतर करने के लिए, वीमेन लेड डेवलपमेंट का नया युग देश में लाने की जो गारंटी दी गई थी, यह उसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।

पीएम ने कहा कि इस कानून के माध्यम से लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बीजेपी तीन दशक से प्रयास कर रही थी। ये एक कमिटमेंट था, जिसे पूरा कर दिया गया है। महिला आरक्षण सुनिश्चित कराने के रास्ते में आई बाधाओं और चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब नीयत पवित्र होती है, प्रयासों में पारदर्शिता होती है, तो परेशानियों को पार करके भी परिणाम लाती है। ये भी अपने आपमें एक रिकॉर्ड है कि इस कानून को सदन में इतना व्यापक समर्थन मिला।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज देश, माताओं-बहनों-बेटियों के सामने आने वाली हर अड़चन को दूर कर रहा है। इसी सोच के साथ बीते 9 वर्षों में माताओं-बहनों से जुड़ी हर बंदिशों को तोड़ने का प्रयास किया है। इसके लिए एक के बाद एक योजनाएं बनाईं गई हैं और कई प्रकार के कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, ताकि महिलाओं को सम्मान, सुविधा, सुरक्षा और समृद्धि का जीवन मिले। इस मौके पर पीएम ने माताओं और बहन-बेटियों के जीवन से जुड़ी हर समस्या को दूर करने के लिए चलाई जा रही कई योजनाओं का जिक्र भी किया।

मुस्लिम महिलाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘सामाजिक स्तर पर भी तीन तलाक जैसी जिन कुरीतियों के कारण महिलाओं पर अत्याचार होते थे, हमने कानून बनाकर उन्हें रोका है। हमारी करोड़ों मुस्लिम बहनों को आज तीन तलाक की अमानवीय कुप्रथा से सुरक्षा मिली है। वो महिलाएं भी अब अपने अधिकारों के लिए आगे आ रही हैं।‘


केन्द्र में पूर्ण बहूमत वाली स्थिर सरकार के फायदों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों ने केंद्र में जो पूर्ण बहूमत वाली सरकार दी है, उसी की ताकत है कि ऐसे बड़े फैसले लिए जा पा रहे हैं, पूर्ण बहुमत की स्थिर सरकार है, तो महिला आरक्षण बिल- नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक सच्चाई बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस महिलाओं के विकास को केंद्र में रख कर नीतियों को आगे बढ़ाने पर रहा है, क्योंकि उन्होंने खुद महिलाओं के नेतृत्व में बेहतरीन नतीजे देने की उनकी काबिलियत को अनुभव किया है। इसे लेकर उन्होंने गुजरात के समृद्ध ग्राम की योजना का तो जिक्र किया ही, महिलाओं की नेतृत्व क्षमता के साथ ही, उनकी बेहतरीन सोच और सामर्थ्य से जुड़े कई उदाहरण भी सामने रखे। मध्य प्रदेश के सहडोल में एक आदिवासी गांव की एक लखपति दीदी के विजन को भी उन्होंने एक उदाहरण के तौर पर सामने रखा।

पीएम मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के भाग्य को बदलने का काम करेगा, इसके साथ ही इससे भारत को आगे बढ़ाने की जो शक्ति है, वो कई गुना बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के कौशल और लीडरशीप का पूरा लाभ आने वाले समय में देश को मिलने जा रहा है। आज परिवार से लेकर पंचायत तक, Economy से लेकर Education और Entrepreneurship तक, देश की महिलाएं अभूतपूर्व काम कर रही हैं। भारत को चांद तक पहुंचाने में महिलाओं की बहुत बड़ी भूमिका रही है। आज हमारे स्टार्टअप्स हों, सेल्फ हेल्प ग्रुप्स हो, या स्वच्छता जैसे सामाजिक अभियान हों, महिलाओं की भागीदारी और भूमिका देश की ताकत बन रही है।

विकसित भारत के संकल्प की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जब हम आज़ादी के 100 वर्ष पूरे करें, तब तक हम भारत को विकसित बनाकर ही रहेंगे। इसमें देश की आधी आबादी की सक्रिय भागीदारी, इस सपने को पूरा करने में एक बहुत बड़ी ताकत बनने वाली है’। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि नया और आधुनिक संसद भवन और उसमें आधी आबादी का बढ़ता हुआ प्रतिनिधित्व नई व्यवस्थाओं का सूत्रपात करेगा और देश की नारीशक्ति नई और स्वस्थ संसदीय परंपराओं का भी सृजन करेगी।

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प्रधानमंत्री 27 अगस्त को 'खेलो इंडिया डायलॉग' में युवाओं को संबोधित करेंगे
August 26, 2026
'खेलो इंडिया डायलॉग' एक ऐसा साझा मंच होगा, जहां खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक कर्तव्य, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का एक साथ संगम देखने को मिलेगा 
खेलो इंडिया डायलॉग के तहत 'युवा संवाद' में पांच मुख्य थीमों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: खेल, ओलंपिक आकांक्षाएं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशामुक्त युवा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'खेलो इंडिया डायलॉग' को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को साझा करना और युवा-नेतृत्व वाले विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके विचारों का योगदान प्राप्त करना है।

राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के उत्सव के एक हिस्से के रूप में 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले से दो-दो कॉलेजों के युवाओं की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास के एजेंडे के केंद्र में रखते हुए एक फिट, अनुशासित और खेल-समर्पित राष्ट्र का निर्माण करना शामिल है।

राष्ट्रव्यापी 'खेलो इंडिया डायलॉग' खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण को एक साझा मंच पर एक साथ लाएगा। यह युवाओं को देश की खेल संबंधी आकांक्षाओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उनके विचार और दृष्टिकोण भारत के युवा व खेल इकोसिस्टम पर चल रही निरंतर चर्चा का हिस्सा बनें।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा प्रतिभागी, MY भारत के स्वयंसेवक, स्थानीय खिलाड़ी और जन प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता खेल में रुचि रखने वाले युवाओं और भारत के अग्रणी एथलीटों व पदक विजेताओं के बीच सीधा संवाद होगी। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र 'युवा संवाद' होगा, जहां युवा प्रतिभागियों को अपने विचारों, दृष्टिकोणों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह संवाद पांच थीम पर आधारित होगा:

  • बेहतर सुविधाओं, कोचिंग, खेल विज्ञान और समावेशी भागीदारी के माध्यम से भारत के खेल इकोसिस्टम में सुधार करना;
  • वैज्ञानिक तरीकों से प्रतिभा की पहचान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और एथलीटों के लंबे समय तक विकास के जरिए 2036 ओलंपिक के लिए नए खिलाड़ियों को तैयार करना;
  • गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म और 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) के वॉलंटियरिंग अभियानों के ज़रिए नए युवा लीडर्स तैयार करना;
  • नागरिक कर्तव्य भाव, भविष्य के लिए उपयोगी कौशल और व्यवस्थित स्वयंसेवा के माध्यम से विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना;
  • 'नशा मुक्त युवा' अभियान को बढ़ावा देने के लिए खेल और साथियों के नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों के व्यसन के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी जा सके। इस पहल को 2 अगस्त 2026 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री के 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित साप्ताहिक 'जन भागीदारी' कार्यक्रमों से और अधिक बल मिल रहा है।