Published By : Admin |
November 19, 2021 | 17:38 IST
Share
रानी लक्ष्मीबाई के साथ-साथ 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के वीरों एवं वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की; मेजर ध्यानचंद को स्मरण किया
प्रधानमंत्री ने ‘एनसीसी पूर्व छात्र संघ’के प्रथम सदस्य के रूप में पंजीकरण कराया
‘आज एक ओर हमारी सेनाओं की ताकत बढ़ रही है, तो साथ ही भविष्य में देश की रक्षा के लिए सक्षम युवाओं के लिए जमीन भी तैयार हो रही है’
‘हमारी सरकार ने सैनिक स्कूलों में बेटियों का दाखिला शुरू कर दिया है। 33 सैनिक स्कूलों में इस सत्र से छात्राओं का दाखिला शुरू भी हो गया है’
‘लंबे समय से भारत को दुनिया के सबसे बड़े हथियार खरीदार देशों में गिना जाता रहा है। लेकिन आज देश का मंत्र है – मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के झांसी में ‘राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व’ में भाग लिया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने झांसी किले के प्रांगण में आयोजित ‘राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व’ के एक भव्य समारोह में रक्षा मंत्रालय की कई नई पहलों को राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में एनसीसी पूर्व छात्र संघ का शुभारंभ भी शामिल है, प्रधानमंत्री को इस संघ के प्रथम सदस्य के रूप में पंजीकृत किया गया। एनसीसी कैडेटों के लिए राष्ट्रीय सिमुलेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ; राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कियोस्क; राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का मोबाइल ऐप; भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए डीआरडीओ द्वारा डिजाइन एवं विकसित उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट 'शक्ति'; हल्का लड़ाकू हेलीकाप्टर और ड्रोन भी इन परियोजनाओं में शामिल है।
प्रधानमंत्री ने झांसी के गरौठा में 600 मेगावाट के अल्ट्रामेगा सौर ऊर्जा पार्क की आधारशिला भी रखी। इस ऊर्जा पार्क का निर्माण 3000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है और यह सस्ती बिजली एवं ग्रिड स्थिरता के दोहरे लाभ प्रदान करने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने झांसी में अटल एकता पार्क का भी उद्घाटन किया। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया यह एकता पार्क 11 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है और लगभग 40,000 वर्गमीटर में फैला हुआ है। इस पार्क में एक पुस्तकालय के साथ-साथ श्री अटल बिहारी वाजपेयी की एक प्रतिमा भी होगी। इस प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार श्री राम सुतार ने किया है, जिन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया था।
इस अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने वीरता और पराक्रम की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई की जयंती का उल्लेख किया और कहा कि आज झांसी की यह धरती आजादी के भव्य अमृत महोत्सव की साक्षी बन रही है! और आज इस धरती पर एक नया सशक्त और सामर्थ्यशाली भारत आकार ले रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें रानी लक्ष्मीबाई की जन्मस्थली यानी काशी का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व महसूस होता है। प्रधानमंत्री ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व, कार्तिक पूर्णिमा और देव-दीपावली की भी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने वीरता और बलिदान के इतिहास में योगदान के लिए कई नायकों और नायिकाओं को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह धरती रानी लक्ष्मीबाई की अभिन्न सहयोगी रहीं वीरांगना झलकारी बाई की वीरता और सैन्य कौशल की भी साक्षी रही है। मैं 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की उस अमर वीरांगना के चरणों में भी नमन करता हूं। मैं नमन करता हूँ इस धरती से भारतीय शौर्य और संस्कृति की अमर गाथाएं लिखने वाले चंदेलों-बुंदेलों को, जिन्होंने भारत की वीरता का लोहा मनवाया! मैं नमन करता हूं बुंदेलखण्ड के गौरव, उन वीर आल्हा-ऊदल को, जो आज भी मातृ-भूमि की रक्षा के लिए त्याग और बलिदान के प्रतीक हैं।”
प्रधानमंत्री ने झांसी के सपूत मेजर ध्यानचंद को भी याद किया और खेलों में उत्कृष्टता के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च पुरस्कार का नाम बदलकर हॉकी के इस दिग्गज के नाम पर रखने के बारे में बात की।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज एक ओर हमारी सेनाओं की ताकत बढ़ रही है, तो साथ ही भविष्य में देश की रक्षा के लिए सक्षम युवाओं के लिए जमीन भी तैयार हो रही है। ये 100 सैनिक स्कूल जिनकी शुरुआत होगी, ये आने वाले समय में देश का भविष्य ताकतवर हाथों में देने का काम करेंगे।” उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने सैनिक स्कूलों में बेटियों के एडमिशन की शुरुआत की है। 33 सैनिक स्कूलों में इस सत्र से गर्ल्स स्टूडेंट्स के एडमिशन शुरू भी हो गए हैं। सैनिक स्कूलों से रानी लक्ष्मीबाई जैसी बेटियाँ भी निकलेंगी जो देश की रक्षा-सुरक्षा, विकास की ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर उठाएंगी”
एनसीसी पूर्व छात्र संघ के पहले सदस्य के रूप में पंजीकृत प्रधानमंत्री ने साथी पूर्व छात्रों से राष्ट्र की सेवा के लिए आगे आने और हर संभव तरीके से योगदान देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरे पीछे ये ऐतिहासिक झांसी का किला, इस बात का जीता जागता गवाह है कि भारत कभी कोई लड़ाई शौर्य और वीरता की कमी से नहीं हारा! रानी लक्ष्मीबाई के पास अगर अंग्रेजों के बराबर संसाधन और आधुनिक हथियार होते, तो देश की आज़ादी का इतिहास शायद कुछ और होता।”उन्होंने कहा, “लंबे समय से भारत को दुनिया के सबसे बड़े हथियार खरीदार देशों में गिना जाता रहा है। लेकिन आज देश का मंत्र है-मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड। आज भारत अपनी सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रहा है।”उन्होंने कहा कि झांसी इस उद्यम का प्रमुख क्षेत्र बनकर उभरेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व' जैसे आयोजन रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का वातावरण तैयार करने में बेहद मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने राष्ट्रीय नायकों और नायिकाओं का इसी तरह भव्य तरीके से गुणगान करने की जरूरत है।
आज तो शौर्य और पराक्रम की पराकाष्ठा हमारी रानी लक्ष्मीबाई जी का जन्मजयंती है!
आज झांसी की ये धरती आज़ादी के भव्य अमृत महोत्सव की साक्षी बन रही है!
और आज इस धरती पर एक नया सशक्त और सामर्थ्यशाली भारत आकार ले रहा है: PM @narendramodi
From Solar Canals to Hydrogen Mobility: Hon’ble PM Modi’s Blueprint for a Sustainable & Self-Reliant India
Kudos to Hon’ble PM Shri @narendramodi for strengthening India’s manufacturing and export ecosystem. The India–UK CETA is set to boost auto component exports, enhance global competitiveness, and create new opportunities for industry, investment, and employment. #IndiaUKpic.twitter.com/4YTrwLMeBF
Applause to Hon’ble PM Shri Narendra Modi Ji for advancing India’s clean energy and rail innovation. The adoption of indigenous hydrogen fuel cell technology marks a significant step towards a greener, self-reliant, and sustainable railway network.#IndianRailwayspic.twitter.com/6E4r8kHlRd
Applause to Hon’ble PM @narendramodi Ji for transforming India into a global electronics manufacturing hub. A seven-fold rise in electronics production and the creation of 25 lakh jobs reflect the success of visionary policies driving innovation and Aatmanirbhar Bharat.
Commendation to Hon’ble PM Modi Ji for fostering a thriving digital economy. India’s gig internet workforce is projected to more than triple to 21 million by 2030, reflecting the growing opportunities created through digital innovation, entrepreneurship, and technology-led growth
Kudos to Hon’ble PM Shri Narendra Modi Ji for modernising Indian Railways while preserving its rich legacy. From steam engines to India’s first hydrogen train, this remarkable journey reflects your vision for innovation, sustainability, and world-class transportation.
Congratulations to Team Skyroot on the maiden launch of Vikram-1, India’s first privately developed orbital rocket. Thank you Hon’ble PM Shri Narendra Modi Ji for fostering innovation and empowering India’s private space sector to achieve new milestones in space technology.
Are these railway stations or airports😍 From Sleek escalators to clean,bright platforms-a world class transformation👏 New upgraded #AmritBharatStationScheme stations look incredible! The journey of Hon #PM@narendramodi Ji led Bharat continues towards progress&a bright future! pic.twitter.com/tKK7F0LBrU
— 🇮🇳 Sangitha Varier 🚩 (@VarierSangitha) July 18, 2026
Thank you Hon’ble PM Shri Narendra Modi Ji for strengthening India’s social security ecosystem. The milestone of nearly 100 crore people covered reflects your commitment to inclusive growth, dignity, and ensuring social protection reaches every citizen. #ViksitBharat
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत के कृषि निर्यात को नई ऊंचाइयाँ मिल रही हैं। साबुत इलायची का निर्यात 436 मिलियन डॉलर से अधिक पहुँचना किसानों को सशक्त बनाने, भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहचान बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है pic.twitter.com/9OUF1KXS6v