महायुति सरकार ने ही औरंगाबाद को छत्रपति संभाजीनगर का नाम दिया: महाराष्ट्र में पीएम मोदी
महाराष्ट्र में विकास के महायज्ञ के साथ, विरासत का अनुष्ठान भी कर रही हमारी सरकार: छत्रपति संभाजीनगर में पीएम मोदी
हमें विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वराज के साथ-साथ सुराज के संकल्प को आगे बढ़ाना है: पनवेल, महाराष्ट्र में पीएम मोदी
‘गरीबी हटाओ’ का नारा देने वाली कांग्रेस पीढ़ी-दर-पीढ़ी गरीबों को ही लूटती रही: पनवेल, महाराष्ट्र में पीएम मोदी
महाअघाड़ी के लोग तुष्टिकरण के गुलाम हो चुके हैं: मुंबई में पीएम मोदी
आज हर मुंबईकर, हमारी सरकार द्वारा बड़े स्केल पर किए जा रहे विकास कार्यों का साक्षी है: पीएम मोदी
मुंबई सपनों का शहर, तो महायुति सपनों को पूरा करने वाला गठबंधन है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र में गुरुवार को तीन चुनावी सभाओं को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि राजनीति में परस्पर पलटवार करना समझ में आता है, लेकिन जब बात देश की उपलब्धियों की हो तो राजनीतिक दलों का कर्तव्य है कि वे देश को अपने दल से ऊपर रखें। भाजपा और महायुति का तो यही मंत्र है। लेकिन अघाड़ी वालों के लिए देश से पहले अपनी पार्टी हैं। इसीलिए जब भारत आगे बढ़ता है, तो अघाड़ी वालों को तकलीफ होती है। ये लोग भारत की हर उपलब्धि पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के इस चुनाव में एक ओर संभाजी महाराज और वीर सारवरकर को मानने वाले देशभक्त हैं, तो दूसरी ओर औरंगजेब का गुणगान करने वाले लोग हैं। जनता-जनार्दन तय कर चुकी है कि दोनों में किसे चुनना है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले हरियाणा की जनता-जनार्दन ने कांग्रेस की सारी सारी प्लानिंग को चकनाचूर किया है। अब महाराष्ट्र और झारखंड में भी कांग्रेस-अघाड़ी वालों को करारा जवाब मिलने वाला है। महाराष्ट्र की हमारी माताओं-बहनों ने भी तय कर लिया है कि माझी लाडकी बहिन जैसी योजनाओं का विरोध करने वालों को इस बार कोई मौका नहीं देंगीं।

संभाजीनगर की पहली जनसभा में पीएम ने कहा कि महाराष्ट्र का ये चुनाव केवल नई सरकार चुनने भर का नहीं है। पूरा महाराष्ट्र जानता है कि औरंगाबाद को छत्रपति संभाजीनगर नाम रखने की मांग बाला साहेब ठाकरे ने उठाई थी। अघाड़ी की सरकार ढाई साल सत्ता में रही, लेकिन कांग्रेस के दबाव में इन लोगों की हिम्मत नहीं हुई। महायुति सरकार ने आते ही इस शहर को छत्रपति संभाजीनगर का नाम दिया। पीएम ने कहा कि जिन लोगों को संभाजी महाराज के नाम पर आपत्ति है और जिन्हें उनके हत्यारे में अपना मसीहा दिखता है, वे महाराष्ट्र और मराठी स्वाभिमान के खिलाफ हैं। महाराष्ट्र क्या कभी ऐसे लोगों को स्वीकार करेगा?

अघाड़ी वालों को आड़े हाथों लेते हुए पीएम ने कहा कि इन्होंने महाराष्ट्र की परेशानियों को बढ़ाने के अलावा कोई काम नहीं किया। मराठवाड़ा में लंबे समय से पानी का संकट रहा। ये हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। हमारी सरकार में पहली बार सूखे से निपटने के लिए ठोस उपाय किए गए। महायुति की सरकार ने पानी मराठवाड़ा तक पहुंचाने का फैसला लिया। संभाजीनगर में पानी की सप्लाई के लिए महायुति सरकार ने 1600 करोड़ रुपए से भी ज्यादा दिए थे। इस पर भी अघाड़ी वालों ने ब्रेक लगा दिया। अब जब उसे दोबारा शुरू किया गया है तो योजना की लागत बढ़ गई है। इसके लिए केंद्र सरकार अलग से 700 करोड़ रुपए दे रही है। महायुति और अघाड़ी में यही फर्क है।

पनवेल में अपनी दूसरी जनसभा में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने तो हमेशा गरीबों को गरीब बनाए रखा। पीढ़ी दर पीढ़ी ये लोग केवल गरीबी हटाओ का नारा देते रहे। लेकिन पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने इन हालातों को बदला है। हम 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर लाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देश के 80 करोड़ लोगों को हर महीने मुफ्त राशन दे रही है। कांग्रेस कहती है कि जो 25 करोड़ लोग गरीबी से निकले हैं, उन्हें राशन क्यों मिल रहा है? दरअसल, कांग्रेस चाहती है कि इन लोगों का खर्च बढ़े और ये फिर से गरीबी में चले जाएं।

कोस्टल इकोनॉमी को सशक्त करने का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि पनवेल, रायगढ़ का पूरा इलाका समुद्री संपदा से भरपूर है। हमारी सरकार कोस्टल इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए मछुआरे भाई-बहनों के हित में निरंतर काम कर रही है। इसके लिए आधुनिक बोट से लेकर, आधुनिक नैविगेशन तक की व्यवस्था की गयी है। पीएम मत्स्य संपदा योजना के अलावा हमने मछली पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा है। प्रदेश की महायुति सरकार भी महादेव कोली और आगरी समाज के लिए कई योजनाएं चला रही है।

पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के इस विधानसभा चुनाव के तहत मुंबई में आयोजित अपनी अंतिम सभा में कहा कि यह सपनों का शहर है। महायुति सपनों को सिद्ध करने वाला गठबंधन है। हमारी सरकार ने स्टार्टअप इंडिया अभियान शुरू किया। आज मुंबई में बड़ी संख्या में स्टार्टअप हैं। मुंबई के रेहड़ी-पटरी वालों पर नजर डालिए। यहां के एक लाख से ज्यादा रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि योजना का लाभ मिला है। मोदी आपके सपनों को जीता है और उन्हें पूरा करने के लिए जी-जान से मेहनत की गारंटी देता है। आज हर मुंबईकर देख सकता है कि हम कितने बड़े स्केल पर विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। आज मुंबई में मेट्रो लाइन हो, लोकल ट्रेनें हो, पुल हो, महामार्ग हो या एयरपोर्ट हो, हम हर दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।

कांग्रेस और अघाड़ी वालों की बांटने की राजनीति पर प्रहार करते हुए पीएम ने कहा कि मुम्बई जोड़ने में विश्वास करती है। लेकिन कांग्रेस और अघाड़ी केवल तोड़ने की बातें करते हैं। मुंबई में हर जाति-समुदाय के लोग एक साथ रहते हैं। लेकिन अघाड़ी वाले जाति के नाम पर लोगों को लड़वाने में लगे हैं। कांग्रेस का शाही परिवार दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों से नफरत करता है। सरकार बनाने के लिए बिन पानी मछली की तरह तड़प रही कांग्रेस हर कीमत पर ST-SC-OBC की एकजुटता तोड़ना चाहती है। इसलिए आज इसे याद रखना जरूरी है- एक हैं, तो सेफ हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई शहर ने लंबे समय तक आतंकवाद की पीड़ा झेली है। लेकिन बीते वर्षों में यहां के लोगों के मन में सुरक्षा का भाव आया है। अब आतंक के आकाओं को भी पता है कि मुंबई या भारत के खिलाफ कुछ भी किया तो मोदी पाताल में भी उन्हें छोड़ेगा नहीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि आजादी के बाद छह-सात दशक तक बाबासाहेब अम्बेडकर का संविधान पूरे हिंदुस्तान में लागू नहीं हुआ था। इस देश में जम्मू-कश्मीर में बाबासाहेब का संविधान नहीं चलता था। वहां का विधान अलग था, वहां प्रधान अलग था और झंडा-निशान भी अलग था। कांग्रेस ने यहां आर्टिकल-370 की दीवार खड़ी कर दी थी। जब आपने मोदी को सेवा का अवसर दिया, तो इस 370 को जमीन में गाड़ दिया। आप हैरान हो जाएंगे, जम्मू-कश्मीर में हाईकोर्ट का जज किसी भी राज्य से गया हो तो भी ये जज भारत के संविधान की शपथ नहीं लेता था, वो जम्मू-कश्मीर के विधान की शपथ लेता था। जम्मू-कश्मीर में पहले के किसी मुख्यमंत्री ने भारत के संविधान की शपथ नहीं ली थी। आजादी के बाद अब पहली बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने भारत के संविधान की शपथ ली है। ये कमाल आपके एक वोट की ताकत का है। इसीलिए अपने वोट की ताकत को समझकर मुझे एक बार फिर से महाराष्ट्र की सेवा का मौका दीजिए।

 

 

 

 

छत्रपति संभाजीनगर का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

पनवेल का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

मुंबई का पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Rooftop solar, KUSUM account for 40% of Indias solar capacity additions in FY27 till July: Bernstein

Media Coverage

Rooftop solar, KUSUM account for 40% of Indias solar capacity additions in FY27 till July: Bernstein
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री 27 अगस्त को 'खेलो इंडिया डायलॉग' में युवाओं को संबोधित करेंगे
August 26, 2026
'खेलो इंडिया डायलॉग' एक ऐसा साझा मंच होगा, जहां खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक कर्तव्य, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण का एक साथ संगम देखने को मिलेगा 
खेलो इंडिया डायलॉग के तहत 'युवा संवाद' में पांच मुख्य थीमों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: खेल, ओलंपिक आकांक्षाएं, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और नशामुक्त युवा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 27 अगस्त को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'खेलो इंडिया डायलॉग' को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी आकांक्षाओं को साझा करना और युवा-नेतृत्व वाले विकसित भारत के निर्माण के लिए उनके विचारों का योगदान प्राप्त करना है।

राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के उत्सव के एक हिस्से के रूप में 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले से दो-दो कॉलेजों के युवाओं की भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास के एजेंडे के केंद्र में रखते हुए एक फिट, अनुशासित और खेल-समर्पित राष्ट्र का निर्माण करना शामिल है।

राष्ट्रव्यापी 'खेलो इंडिया डायलॉग' खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण को एक साझा मंच पर एक साथ लाएगा। यह युवाओं को देश की खेल संबंधी आकांक्षाओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा, साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उनके विचार और दृष्टिकोण भारत के युवा व खेल इकोसिस्टम पर चल रही निरंतर चर्चा का हिस्सा बनें।

राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर संवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें युवा प्रतिभागी, MY भारत के स्वयंसेवक, स्थानीय खिलाड़ी और जन प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस पहल की एक प्रमुख विशेषता खेल में रुचि रखने वाले युवाओं और भारत के अग्रणी एथलीटों व पदक विजेताओं के बीच सीधा संवाद होगी। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र 'युवा संवाद' होगा, जहां युवा प्रतिभागियों को अपने विचारों, दृष्टिकोणों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह संवाद पांच थीम पर आधारित होगा:

  • बेहतर सुविधाओं, कोचिंग, खेल विज्ञान और समावेशी भागीदारी के माध्यम से भारत के खेल इकोसिस्टम में सुधार करना;
  • वैज्ञानिक तरीकों से प्रतिभा की पहचान, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और एथलीटों के लंबे समय तक विकास के जरिए 2036 ओलंपिक के लिए नए खिलाड़ियों को तैयार करना;
  • गवर्नेंस प्लेटफ़ॉर्म और 'मेरा युवा भारत' (MY भारत) के वॉलंटियरिंग अभियानों के ज़रिए नए युवा लीडर्स तैयार करना;
  • नागरिक कर्तव्य भाव, भविष्य के लिए उपयोगी कौशल और व्यवस्थित स्वयंसेवा के माध्यम से विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना;
  • 'नशा मुक्त युवा' अभियान को बढ़ावा देने के लिए खेल और साथियों के नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों के व्यसन के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी जा सके। इस पहल को 2 अगस्त 2026 को शुरू किए गए प्रधानमंत्री के 100-सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित साप्ताहिक 'जन भागीदारी' कार्यक्रमों से और अधिक बल मिल रहा है।