जम्मू-कश्मीर के लोग कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के तीन खानदानों से त्रस्त: पीएम मोदी
सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पाकिस्तान की भाषा बोलती है कांग्रेस: जम्मू में पीएम मोदी
कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने संविधान की स्पिरिट का गला घोंटा: जम्मू में पीएम मोदी
पुराने सिस्टम की बाधाओं को खत्म कर, अब जम्मू-कश्मीर में हर नौजवान को उसका हक और सम्मान मिलेगा: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को जम्मू में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी तीनों संविधान के सबसे बड़े दुश्मन हैं। इन तीनों ने संविधान की स्पिरिट का गला-घोंटा है। कांग्रेस और उसके साथियों के इस पाप को भुलाया नहीं जा सकता है। संविधान के इन दुश्मनों ने जम्मू-कश्मीर में पंचायत, BDC और DDC के चुनावों को भी रोक रखा। संविधान में शेड्यूल्ड ट्राइब के लिए सीटें आरक्षित होती हैं। कांग्रेस-एनसी-पीडीपी ने कभी जम्मू-कश्मीर के कमजोर तबकों को ये हक दिया ही नहीं। हमने ही ये संवैधानिक हक दिए हैं। आज जम्मू रीजन की 6 सीटें ST के लिए रिजर्व हैं। इससे गुज्जर-बकरवाल और पहाड़ी जैसे अनेक समुदायों को पॉलिटिकल रिप्रजेंटेशन मिला है। अब ये खुलकर भाजपा के साथ आ रहे हैं। भाजपा पर भरोसे का ये फिक्स डिपॉजिट ही हमारी बहुत बड़ी पूंजी है। इस पूंजी की रक्षा में हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर अभूतपूर्व उत्साह का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि मुझे बीते हफ्तों में यहां के अलग-अलग हिस्सों में जाने का अवसर मिला। हर जगह लोगों में भाजपा को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। जम्मू-कश्मीर के लोग कांग्रेस-NC और PDP तीनों के खानदानों से त्रस्त हैं। लोग फिर वही निजाम नहीं चाहते, जिसमें भ्रष्टाचार हो और नौकरियों में भेदभाव हो। जम्मू कश्मीर के लोग आतंक, अलगाव, खून-खराबा नहीं चाहते। यहां के लोग अमन-शांति और बच्चों का बेहतर भविष्य चाहते हैं। इसलिए भाजपा की सरकार चाहते हैं। पीएम ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले दो चरणों में जबरदस्त वोटिंग करके जनता ने अपने मूड के बारे में बता दिया है कि यहां भाजपा की पूर्ण बहुमत की पहली सरकार बननी तय है।

पीएम मोदी ने माता वैष्णो देवी को नमन करते हुए कहा कि 8 अक्टूबर को नवरात्रि के दौरान चुनाव परिणाम आएंगे। हम सब तो माता वैष्णो देवी के साये में पले-बढ़े हैं। 12 अक्टूबर को विजयादशमी भी है। इस बार की विजयादशमी, हम सभी के लिए शुभ शुरुआत वाली होगी। इस चुनाव में जम्मू-कश्मीर एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते दशकों में यहां सिर्फ कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी के नेता और उनके परिवार फले-फूले हैं। ये जो हमारी पीढ़ियां बर्बाद हुई हैं, इसके लिए जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है। आजादी के बाद कांग्रेस की गलत नीतियों ने आपको सिर्फ और सिर्फ तबाही दी है। आप वो दौर याद कीजिए, जब सीमापार से आए दिन गोलियां चलती रहती थीं और कांग्रेस वाले सफेद झंडा दिखाते रहते थे। लेकिन जैसे ही भाजपा की सरकार ने गोली का जवाब गोले से देना शुरू किया, वैसे ही उधर वालों के होश ठिकाने आ गए।

सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 28 सितंबर है। आपको जरूर याद होगा साल 2016 में आज ही की रात सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी। हमने पूरी दुनिया के साथ ही आतंक के आका को बताया था कि कुछ भी हिमाकत करने पर अब नया भारत घर में घुसकर मारता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के लिए मर मिटने वालों का सम्मान नहीं कर सकती। उसने हमारी फौज से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे थे। इतना ही नहीं वो आज भी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर पाकिस्तान की भाषा बोल रही है। आज कांग्रेस पूरी तरह अर्बन नक्सलियों के कब्जे में है। जब विदेशी घुसपैठिए यहां आते हैं, तो कांग्रेस को अच्छा लगता है क्योंकि उनमें इनको अपना वोटबैंक दिखता है। क्या आप ऐसी कांग्रेस को माफ करेंगे?

कांग्रेस-एनसी और पीडीपी की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए पीएम ने कहा आज जम्मू-कश्मीर में आ रहे बदलाव से इन पार्टियों के नेता भड़के हुए हैं। इन्हें यहां के लोगों का विकास पसंद नहीं है। ये लोग कह रहे हैं कि उनकी सरकार बनी, तो फिर वो पुराना सिस्टम लाएंगे। ये फिर वो भेदभाव वाला निजाम लाएंगे, जिसका सबसे बड़ा शिकार हमारा जम्मू रीजन रहा है। ये तुष्टिकरण के लिए कुछ भी कर सकते हैं। महाराजा हरि सिंह को बदनाम करने के लिए लांछन लगाते हैं। देश का सबसे भ्रष्ट कांग्रेस का परिवार, डोगरा राज को भ्रष्ट बता रहा है। उन्होंने कहा कि इनके कारण जिनको भी घाव लगे हैं, उनका मत-मजहब कोई भी हो, भाजपा हर घाव पर मरहम लगाने में जुटी है। भाजपा ने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए टीका लाल टपलू स्कीम की घोषणा की है।

जम्मू रीजन के विकास की बात करते हुए पीएम ने कहा कि भाजपा इस क्षेत्र के साथ हुए ऐतिहासिक भेदभाव को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। बीते 10 सालों में जम्मू को IIT, IIM और एम्स जैसे बड़े संस्थान मिले हैं। कठुआ और साम्बा जिले के कंडी क्षेत्र में नई सड़कें बनवाई जा रहीं हैं। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमा से सटे गांवों का विकास किया जा रहा है। यहां जम्मू रिंग रोड पर भी तेजी से काम चल रहा है। जम्मू की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें चलने लगी हैं। उन्होने कहा कि जम्मू रेलवे स्टेशन को आधुनिक और एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। भाजपा सरकार ने बाहु किले से महामाया मंदिर तक रोपवे शुरू किया है। यहां जब तवी रिवरफ्रंट बनने के बाद तवी के किनारे आरती होगी, तो कल्पना कीजिए वो सबके लिए कितना मनोरम दृश्य होगा।

जम्मू-कश्मीर में रोजगार और निवेश का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यहां के व्यापारी-कारोबारी और नौजवानों के लिए आने वाला समय अवसरों से भरा हुआ है। हमारा प्रयास है कि जम्मू में ज्यादा से ज्यादा निवेश आए। यहां नए कारखाने लगें ताकि नौजवानों को अपने जिलों में ही रोजगार मिले। इसके लिए भी जम्मू-कश्मीर भाजपा ने अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। हमने सरकारी भर्तियों में भी पारदर्शी व्यवस्था बनाई है। पहले सिर्फ उन्हीं को नौकरी मिलती थी, जो कांग्रेस-एनसी या पीडीपी के खास होते थे। पुराने सिस्टम की बंदिशों को तोड़कर, अब जम्मू-कश्मीर में हर नौजवान को उसका हक और सम्मान मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भाजपा का प्रयास है कि माताओं-बहनों-बेटियों का आर्थिक सशक्तिकरण हो। इसलिए हम बहनों के सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को मदद दे रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में भी बहनों को लखपति दीदी बना रहे हैं। हमने बहनों को ड्रोन पायलट बनाने की भी योजना शुरू की है। जम्मू-कश्मीर भाजपा ने माताओं-बहनों के खाते में भी हर महीने हजारों रुपए जमा करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आपका सेहत पर होने वाला खर्च तो बच ही रहा है, हम बिजली बिल भी जीरो करना चाहते हैं। मुफ्त बिजली ही नहीं, बिजली से कमाई भी हो, ये व्यवस्था हम पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना से कर रहे हैं। इलाज का खर्च जीरो, बिजली का बिल जीरो और अतिरिक्त बिजली से कमाई- ये भाजपा का संकल्प है।

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कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में ₹24,815 करोड़ की दो रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी
April 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय आर्थिक मामलों की समिति ने आज रेल मंत्रालय की लगभग 24,815 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली दो परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में निम्नलिखित शामिल हैं:

परियोजना का नाम

मार्ग की लंबाई (किमी में)

ट्रैक की लंबाई (किमी में)

पूर्ण होने की लागत (रुपये करोड़ में )

गाजियाबाद – सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन

403

859

14,926

राजमुंदरी (निदादावोलु) - विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) तीसरी और चौथी लाइन

 

198

 

458

 

9,889

कुल

601

1,317

24,815

 

इस बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में उल्लेखनीय सुधार होगा। इससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। ये मल्‍टीट्रैकिंग प्रस्ताव परिचालन को सुव्यवस्थित करेंगे और भीड़भाड़ को कम करेंगे। ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के नए भारत की परिकल्‍पना के अनुरूप हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र के व्यापक विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे उनके रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मुख्‍य योजना के अंतर्गत बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।

उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश राज्यों के 15 जिलों को कवर करने वाली ये 02 (दो) परियोजनाएं भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 601 किलोमीटर तक बढ़ाएंगी।

प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देश भर के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क में सुधार होगा, जिनमें दूधेश्वरनाथ मंदिर, गढ़मुक्तेश्वर गंगा घाट, दरगाह शाह विलायत जामा मस्जिद (अमरोहा), नैमिषारण्य (सीतापुर), अन्नवरम, अंतर्वेदी, द्रक्षरामम आदि शामिल हैं।

प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, अनाज, सीमेंट, पीओएल, लोहा और इस्पात, कंटेनर, उर्वरक, चीनी, रासायनिक लवण, चूना पत्थर आदि जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल परिवहन का साधन होने के नाते, जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत को कम करने में मदद करेगा, जिससे कार्बन डाइऑक्‍साइड के उत्सर्जन (180.31 करोड़ किलोग्राम) में कमी आएगी, जो 7.33 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

गाजियाबाद – सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन (403 किमी)

  • गाजियाबाद-सीतापुर एक मौजूदा दोहरी लाइन खंड है जो दिल्ली-गुवाहाटी उच्च घनत्व नेटवर्क (एचडीएन 4) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • यह परियोजना देश के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों के बीच संपर्क सुधारने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • इस खंड की मौजूदा लाइन क्षमता का 168% तक उपयोग हो रहा है और परियोजना शुरू न होने की स्थिति में इसके 207% तक होने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, हापुड, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जिलों से होकर गुजरती है।
  • परियोजना का मार्ग गाजियाबाद (मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स), मुरादाबाद (पीतल के बर्तन और हस्तशिल्प), बरेली (फर्नीचर, वस्त्र, इंजीनियरिंग), शाहजहांपुर (कालीन और सीमेंट से संबंधित उद्योग) और रोजा (तापीय विद्युत संयंत्र) जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से होकर गुजरता है।
  • सुगम परिवहन के लिए, परियोजना की रूपरेखा हापुड़, सिंभाओली, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और सीतापुर के भीड़भाड़ वाले स्टेशनों को बाईपास करने के लिए बनाई गई है और तदनुसार, बाईपास खंडों पर छह नए स्टेशन प्रस्तावित हैं।
  • परियोजना खंड के पास/पास प्रमुख पर्यटक/धार्मिक स्थान दूधेश्वरनाथ मंदिर, गढ़मुक्तेश्वर गंगा घाट, दरगाह शाह विलायत जामा मस्जिद (अमरोहा), और नैमिषारण्य (सीतापुर) हैं।
  • इस परियोजना से कोयला, खाद्यान्न, रासायनिक खाद, तैयार इस्पात आदि के 35.72 मीट्रिक टन प्रति वर्ष के अतिरिक्त माल परिवहन का अनुमान है।
  • अनुमानित लागत: लगभग 14,926 करोड़ रुपये।
  • रोजगार सृजन: 274 लाख मानव दिन।
  • कार्बन डाइऑक्‍साइड उत्सर्जन में लगभग 128.77 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्‍साइड की कमी। यह 5.15 करोड़ पेड़ों के बराबर है।

  • लॉजिस्टिक लागत में बचत: सड़क परिवहन की तुलना में प्रति वर्ष 2,877.46 करोड़ रुपये की बचत।

गाजियाबाद – सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन (403 किमी)

 

राजमुंदरी (निदादावोलु) - विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) तीसरी और चौथी लाइन (198 किमी)

 

  • राजमुंदरी (निदादावोलु) - विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) खंड हावड़ा - चेन्नई उच्च घनत्व नेटवर्क (एचडीएन) का हिस्सा है।
  • प्रस्तावित परियोजना हावड़ा-चेन्नई उच्‍च घनत्‍व नेटवर्क (एचडीएन) मार्ग के चौगुने विस्तार की पहल का हिस्सा है।
  • यह परियोजना आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी, कोनासीमा, काकीनाडा, अनाकापल्ले और विशाखापत्तनम जिलों से होकर गुजरती है।
  • विशाखापत्तनम को आकांक्षी जिला कार्यक्रम में एक आकांक्षी जिला माना गया है।
  • यह पूर्वी तट पर स्थित विशाखापत्तनम, गंगावरम, मछलीपटनम और काकीनाडा जैसे प्रमुख पत्तनों को जोड़ती है।
  • परियोजना का मार्ग पूर्वी तटरेखा के साथ-साथ चलता है और यह पूर्वी तटीय रेल गलियारे के सबसे व्यस्त, मुख्य रूप से माल ढुलाई के खंडों में से एक है।
  • इस खंड की लाइन क्षमता का उपयोग पहले ही 130% तक पहुंच चुका है, जिसके कारण बार-बार जाम और परिचालन में देरी हो रही है। क्षेत्र में पत्तनों और उद्योगों के प्रस्तावित विस्तार के कारण लाइन की क्षमता में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
  • परियोजना के इस खंड में गोदावरी नदी पर 4.3 किमी लंबा रेल पुल, 2.67 किमी लंबा वायडक्ट, 3 बाईपास शामिल हैं और नया मार्ग मौजूदा मार्ग से लगभग 8 किमी छोटा है, जिससे संपर्क और परिचालन दक्षता में सुधार होगा।
  • प्रस्तावित खंड अन्नवरम, अंतर्वेदी और द्रक्षरामम आदि जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच में सुधार करके पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
  • कोयला, सीमेंट, रासायनिक खाद, लोहा और इस्पात, खाद्यान्न, कंटेनर, बॉक्साइट, जिप्सम, चूना पत्थर आदि सहित 29.04 मीट्रिक टन प्रति वर्ष के अतिरिक्त माल परिवहन का अनुमान है।
  • अनुमानित लागत: लगभग 9,889 करोड़ रुपये।
  • रोजगार सृजन: 135 लाख मानव दिन।
  • कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 51.49 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड की कमी। यह 2.06 करोड़ पेड़ों के बराबर है।

  • लॉजिस्टिक लागत में बचत: सड़क परिवहन की तुलना में प्रति वर्ष 1,150.56 करोड़ रुपये की बचत।

 

आर्थिक सशक्तिकरण:

आकांक्षी जिले - विशाखापत्तनम जिले को बेहतर संपर्क मिलेगा।

पर्यटन और उद्योगों के माध्यम से इस क्षेत्र में अतिरिक्त आर्थिक अवसर उपलब्ध होंगे।

रेल संपर्क में सुधार के कारण नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा प्राप्त होगी।

राजमुंदरी (निदादावोलु) - विशाखापत्तनम (दुव्वाडा) तीसरी और चौथी लाइन (198 किलोमीटर)

 

प्रधानमंत्री का ध्यान रेलवे पर:

  • वित्त वर्ष 26-27 के लिए रिकॉर्ड 2,65,000 करोड़ रुपये का बजट आबंटन।
  • 1600 से अधिक लोकोमोटिव का निर्माण करके, इसने लोकोमोटिव उत्पादन में अमेरिका और यूरोप को पीछे छोड़ दिया।
  • वित्त वर्ष 2026 में, भारतीय रेल के वैश्विक स्तर पर शीर्ष तीन मालवाहकों में शामिल होने की उम्मीद है, जो 1.6 बिलियन टन माल का परिवहन करेगा।

  • भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच और यूनाइटेड किंगडम, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को बोगियां निर्यात करना शुरू कर दिया है।