गरीब का बेटा मोदी, गरीबों की सेवा के लिए समर्पित है। देश से गरीबी को दूर करना मेरा संकल्प है: नवादा में पीएम मोदी
तीन करोड़ ग्रामीण बहनों को 'लखपति दीदी' बनाना मेरा लक्ष्य है: बिहार में महिलाओं से पीएम मोदी का वादा
इंडी अलायंस के पास न विजन, न ही विश्वसनीयता; वे लोग दिल्ली में एकता का दिखावा करते हैं और राज्यों में एक दूसरे पर हमला: पीएम मोदी
19 अप्रैल को कमल के निशान पर डाला गया प्रत्येक वोट 'विकसित भारत' के संकल्प को मजबूत करेगा: नवादा में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को बिहार के नवादा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हाल ही में एक बयान दिया है कि मोदी जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 खत्म करने की बात राजस्थान में क्यों उठाता है। क्या जम्मू-कश्मीर हमारा नहीं है। कांग्रेस को समझना चाहिए कि इसी कश्मीर की रक्षा के लिए राजस्थान-बिहार समेत देश के कई नौजवानों ने मातृभूमि के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया है। देश के कितने ही वीर-जवान कश्मीर को बचाने के लिए तिरंगे में लिपटकर लौटे हैं। पीएम ने कहा कि कांग्रेसी कह रहे हैं कि हिंदुस्तान के उस कोने से क्या लेना-देना। ये भी टुकड़े-टुकड़े गैंग वाली भाषा बोलने लगे हैं। क्या ऐसी भाषा बोलने वालों को देशवासी माफ कर सकते हैं? क्या अपने शहीदों का अपमान सहन किया जा सकता है?

बीते 10 वर्षों के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने एक दशक में नई ऊंचाइयों को छुआ है। देश में जो विकास के काम हुए हैं, इसी का परिणाम है कि NDA को विशाल जनसमर्थन मिल रहा है। इसीलिए, आज बिहार के साथ ही पूरा देश कह रहा है- फिर एक बार.., मोदी सरकार! उन्होंने कहा कि नवादा ने हमेशा भाजपा और एनडीए को भरपूर प्यार और आशीर्वाद दिया है। एक दशक में बिहार के लोगों ने देशहित में लिए गए कई बड़े निर्णय देखे हैं। आज भारत और बिहार में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। बिहार में आधुनिक एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं। रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और वंदे भारत जैसी ट्रेनें बढ़ रही हैं। आज पूरी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। यह आपके एक वोट की ताकत है, जिससे मजबूत सरकार बनी और देश हर कदम मजबूती के साथ उठा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी गरीब का बेटा है, इसलिए गरीबों की मुश्किलों को जानता और समझता है। मैं कभी भूल नहीं सकता कि 2014 के पहले देश में क्या स्थिति थी। करोड़ों देशवासी कच्चे घरों में या तो रहने को मजबूर थे या फिर बेघर थे। देश के गांवों में ज्यादातर लोग खुले में शौच जाते थे। गरीबों के राशन बिचौलिए खा जाते थे। लेकिन बीते 10 वर्षों में गरीब कल्याण के लिए जितने काम हुए, वो आजादी के बाद 6 दशकों में भी नहीं हो पाए। मोदी अब देश से गरीबी खत्म करने के मिशन में जुटा है। जब तक देश के हर भाई-बहन की गरीबी दूर नहीं कर लूंगा, मैं चैन से नहीं बैठूंगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। जब नीयत सही होती है, हौसले बुलंद होते हैं, तो नतीजे भी अच्छे मिलते हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार में एक वो भी समय था, जब हमारी बहन-बेटियों को सड़क पर निकलने में डर लगता था। नीतीश बाबू और हमारे सुशील मोदी जी के प्रयासों से बिहार इस जंगलराज से बाहर निकला है। अब हर बहन के पास उसके इस भाई की यानी मोदी की गारंटी भी है। आज 12 करोड़ घरों में बने इज्जतघर, महिलाओं के सम्मान की गारंटी हैं। बिहार में करीब सवा करोड़ उज्ज्वला सिलेंडर, धुएं से आजादी की गारंटी हैं। राज्य के गरीबों को मिले सैंतीस लाख पीएम आवास महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा की गारंटी हैं। इतना ही नहीं, तीसरे कार्यकाल में तो मोदी की कई और गारंटी आने वाली हैं। लेकिन मोदी की ये गारंटी, कांग्रेस-आरजेडी वाले इंडी गठबंधन को परेशान कर रही हैं। वे कहते हैं कि इन गारंटियों पर बैन लगना चाहिए। उन्हें समझ लेना चाहिए कि मोदी गारंटी इसलिए देता है, क्योंकि उसके पास गारंटी पूरी करने का माद्दा है। ये भूल रहे हैं कि मोदी की गारंटी यानी, गारंटी पूरी होने की गारंटी! ये लोग यह भी भूल रहे हैं कि मोदी मौज करने के लिए नहीं पैदा हुआ है, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के लिए मेहनत करने को जन्मा है। हमने 10 साल में जो किया है, वो तो अभी ट्रेलर है। इतने से हमें रुकना नहीं है। बिहार और देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम जो कहते हैं, उसे करके भी दिखाते हैं। मोदी ने तीन तलाक को खत्म करने की गारंटी दी। नतीजा, तीन तलाक जैसी महिला विरोधी कुप्रथा खत्म हो गई। मोदी ने भारत को आंख दिखाने वालों को सबक सिखाने की गारंटी दी। नतीजा, जो भारत को आंखें दिखाते थे, अब वो आटे के लिए भटक रहे हैं। मोदी ने अयोध्या में रामलला के मंदिर निर्माण की गारंटी दी। नतीजा, आज भव्य राममंदिर का शिखर आसमान छू रहा है। जिस राम मंदिर के निर्माण को रोकने की कांग्रेस और आरजेडी ने बरसों तक कोशिश की, वो राममंदिर बनकर तैयार है। लेकिन फिर भी इनकी प्रभु राम और अयोध्या से क्या दुश्मनी है। मंदिर बना तो बोले, प्राण-प्रतिष्ठा में नहीं जाएंगे। इसका विरोध किया। इनके मन में इतना जहर भरा है कि उनकी पार्टी के कुछ लोग राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में आ गए तो उनको छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया। रामनवमी आ रही है, ये पाप करने वालों को भूलना मत।

इंडी गठबंधन की कार्यशैली पर चोट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इनके पास ना तो कोई विजन है ना विश्वसनीयता है। दिल्ली में जो लोग एक साथ खड़े होते हैं, अलग-अलग राज्यों में वही एक-दूसरे को गाली देते हैं। यहां बिहार में तो आपस में ही सिर-फुटव्वल है। दिल्ली में इनका एक नेता तो हठ पकड़कर बैठा है कि जब तक इंडी गठबंधन उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करेगा, तब तक चुनाव प्रचार में नहीं जाएगा। अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि इंडी गठबंधन यानी- भ्रष्टाचारियों और देशविरोधी नफरती ताकतों का ठिकाना। इंडी गठबंधन वाले सनातन धर्म को समाप्त करने और भारत के एक और विभाजन की बात करते हैं। कांग्रेस ने जो घोषणापत्र जारी किया है, उसमें भी मुस्लिम लीग के विचारों की छाप है। यह घोषणापत्र नहीं, बल्कि ‘तुष्टिकरण पत्र’ है। उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल को बढ़-चढ़कर मतदान करना है। आपका हर वोट विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करेगा।

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।