राजस्थान वीरता और साहस के साथ-साथ 'विकसित भारत' के संकल्प की सिद्धि का भी प्रतिनिधित्व करता है।
जिस राजस्थान के लोगों ने देश को अपने लहू से सींचा, उस राजस्थान को कांग्रेस ने पानी के लिए प्यासा रखा।
कांग्रेस की सोच ही विकास-विरोधी है। इसने सीमावर्ती जिलों और गांवों को जानबूझकर विकास से वंचित रखने का काम किया।
राजस्थान में मेघवाल, लंघा और मंगनियार सहित तमाम जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना भाजपा की प्रतिबद्धता है।
कांग्रेस पार्टी, जिसने बाबासाहेब अंबेडकर को भारत रत्न से वंचित किया और देश पर आपातकाल थोपा, उसे भारत के संविधान की दुहाई देने का कोई अधिकार नहीं।
इंडी अलायंस ने भारत के परमाणु हथियारों को नष्ट करके, देश को शक्तिहीन करने का खतरनाक ऐलान किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के बाड़मेर में शुक्रवार की सुबह चुनावी जनसभा को संबोधित किया और शाम को दौसा में रोड शो में हिस्सा लिया। बाड़मेर में दिए अपने भाषण में पीएम ने कहा कि भारत के खिलाफ ये इंडी अलांयस वाले कितनी नफरत से भरे हुए हैं, ये इनके मैनिफेस्टो में भी नजर आता है। कांग्रेस के मैनिफेस्टो में मुस्लिम लीग की छाप तो है ही, इनके एक सहयोगी दल ने तो अपने घोषणापत्र में यहां तक कहा है कि हम भारत के परमाणु हथियार को भी समाप्त कर देंगे। भारत जैसा देश, जिसके दो-दो पड़ोसियों के पास परमाणु हथियार हों, वहां इंडी अलायंस अपने देश के परमाणु हथियार को समाप्त करना चाहता है। एक तरफ मोदी भारत को शक्तिशाली राष्ट्र बनाने में जुटा है....वहीं ये कैसा इंडी गठबंधन है जो भारत को शक्तिहीन करना चाहता है। इसलिए पूरे देश के लोगों को इंडी गठबंधन से सतर्क रहने की जरूरत है।

पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर सिद्धि और शूरवीरों की धरती पर मुझे एक बार फिर आने का सौभाग्य मिला है। ये वो धरती है, जिसके वीरों की कहानियां, आज भी सीमापार दुश्मनों के दिल में खौफ पैदा करती हैं! जिस रेगिस्तान की गर्मी में अच्छे-अच्छों की हिम्मत दम तोड़ देती है, वहां आपके हौसले के सामने गर्मी भी कुछ कर नहीं पाती। ये जनसैलाब बताता है कि बाड़मेर की जनता बीजेपी को आशीर्वाद देने का संकल्प ले चुकी है। इस चुनाव में आपका एक-एक वोट, विकसित भारत की नींव मजबूत करेगा। ये चुनाव दल का नहीं,बल्कि देश का है। इसीलिए आज पूरा देश कह रहा है- 4 जून, 400 पार!

कांग्रेस की कार्यशैली पर चोट करते हुए पीएम ने कहा कि इस पार्टी ने देश पर 5-6 दशक से ज्यादा तक हुकूमत की, लेकिन देश की एक भी ऐसी बड़ी समस्या नहीं जिसका इसने सम्पूर्ण समाधान किया हो। जिस राजस्थान के वीरों ने देश को अपने लहू से सींचा, उस राजस्थान को कांग्रेस पार्टी ने पानी तक के लिए तरसाकर रखा! मेरी माताएं-बहनें तपती गर्मी में, रेतीले धोरों पर, सिर पर घड़े रखकर, कोसों चलकर पानी लेने जाती थीं। लेकिन इतने दशकों तक किसी ने उनकी नहीं सुनी। हमारी सरकार ने ‘जल-जीवन मिशन’ शुरू करके इस त्रासदी को खत्म करने का बीड़ा उठाया। हमने राज्य के 50 लाख घरों तक पानी पहुंचाया है। कांग्रेस ने तो पानी लाने के लिए ERCP परियोजना भी पूरी नहीं होने दी थी। वहीं, भजनलाल सरकार ने 100 दिन में ही इस परियोजना को पास करवाया है। हरियाणा से पानी का समझौता भी हो गया है। हमारा संकल्प है कि हम राजस्थान के हर घर तक पानी पहुंचाएंगे।

देश के सीमावर्ती इलाकों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सरहदी गांवों को आखिरी गांव नहीं, देश का प्रथम गांव मानते हैं। हमारे लिए देश की सीमा यहां पूर्ण नहीं होती है, बल्कि देश यहां से शुरू होता है। आज अगर देश में 4 करोड़ गरीबों को पीएम आवास मिले हैं, तो बाड़मेर के भी पौने दो लाख गरीबों को इसका लाभ मिला है। हमने बाड़मेर में मेडिकल कॉलेज भी खोला है। आज सीमावर्ती बाड़मेर में 72 हजार करोड़ रुपये लागत की रिफाइनरी शुरू होने जा रही है। अगर यहां कांग्रेस की सरकार न होती तो मैं दूसरे टर्म में ही उद्घाटन कर जाता। लेकिन अब मैं गारंटी देता हूं कि तीसरे टर्म में रिफाइनरी का उद्घाटन जरूर करूंगा।

Elaborating on tribal welfare, PM Modi said, "On one hand, the Congress ignored the Janjatiya community, and on the other hand, our government is devoted to their holistic empowerment." He added that initiatives like Eklavya Residential Schools and Mission to eliminate Sickle Cell Anemia have pioneered tribal development in Rajasthan. He said it was the BJP government's prerogative to ensure that India has a President from the Tribal community. He said, "The BJP's commitment is to empower the Janjatiya community in Rajasthan, including the Meghwal, Langha and Manganiar communities, among several others. He added that PM Vishwakarma Yojana and PM KISAN Yojana have been implemented to improve people's lives.

आदिवासी भाई-बहनों के लिए कल्याणकारी कार्यों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने जिन लोगों को दशकों तक नहीं पूछा, मोदी उन्हें पूजता है। हमारे आदिवासी समाज के बच्चे आगे बढ़ें, इसके लिए हम एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल खोल रहे हैं। आदिवासी समाज को सिकल सेल एनीमिया से मुक्ति दिलाने के लिए हम अभियान चला रहे हैं। भाजपा ने पहली बार पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की है। अपनी मेहनत से रेत में भी फसल उगाने वाले किसानों को कभी किसी ने नहीं सराहा। आज हम किसानों को सीधे उनके खातों में पीएम-किसान सम्मान निधि भेज रहे हैं। किसानों की आय बढ़े, इसके लिए हम मोटे अनाजों यानि श्रीअन्न को पूरी दुनिया में प्रमोट कर रहे हैं। मोदी हर सुख-दुःख में आपके साथ है, क्योंकि- आपके सपने ही मेरे संकल्प हैं।

संविधान को लेकर कांग्रेस के झूठ की पोल खोलते हुए पीएम ने कहा कि SC-ST-OBC के साथ दशकों तक भेदभाव करने वाली यह पार्टी आजकल एक पुराना रिकॉर्ड बजा रही है। संविधान के नाम पर झूठ और अफवाह फैला रही है। हकीकत यह है कि वो कांग्रेस ही है, जिसने बाबासाहेब को चुनाव हरवाया था इतना ही नहीं दशकों तक उन्हें भारत रत्न सम्मान नहीं दिया। कांग्रेस ने ही देश में आपातकाल लगाकर संविधान को खत्म करने की कोशिश की थी। ये मोदी ही है, जिसने देश में पहली बार संविधान दिवस मनाना शुरू किया और बाबासाहेब से जुड़े पंच-तीर्थों का विकास किया। हमारे लिए तो हमारा संविधान गीता, कुरान और बाइबिल सब कुछ है।


जम्मू-कश्मीर से धारा-370 के खात्मे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजस्थान आकर कहते हैं कि मोदी ने कश्मीर से 370 हटाया तो राजस्थान से क्या वास्ता? जिस राजस्थान के वीरों ने सीमा पर कश्मीर के लिए सीने पर गोलियां खाईं हों, उससे पूछते हो कि कश्मीर से क्या वास्ता? इसी बाड़मेर के सपूत भीखाराम मूंड ने करगिल युद्ध में अपना बलिदान दे दिया था। जिस राजस्थान में कश्मीर में जन्मे ‘बाबोसा रामदेव जी’ की घर-घर पूजा होती हो, उससे पूछते हो कि कश्मीर से क्या रिश्ता? जब कश्मीरी हिंदुओं को उनके घर से भगाया जा रहा था, तब कितने ही परिवारों को राजस्थान ने बसाकर गले लगाया था। ऐसा है मेरा राजस्थान।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि कांग्रेस हर उस काम का विरोध करती है जो देशहित में होता है। कांग्रेस हर उस ताकत के साथ खड़ी होती है, जो देशविरोधी है। आप देखिए, हम लोग देश में शक्ति की उपासना करते हैं। लेकिन, कांग्रेस के शहजादे कहते हैं कि वो हिन्दू धर्म की शक्ति का विनाश कर देंगे। देश में राममंदिर निर्माण का पावन काम होता है। कांग्रेस उस का भी बहिष्कार करती है। देश में घुसपैठिए आते हैं, तो कांग्रेस उसका स्वागत करती है। क्या ऐसी कांग्रेस पार्टी एक भी सीट जीतने की हकदार है? इस बार तो सारी सीटों पर उनकी जमानत जब्त हो जानी चाहिए।

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।