दशकों से LDF और UDF दोनों ने तिरुवनंतपुरम की अनदेखी की है, जिससे शहर को बेसिक सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर से वंचित रह गया है: पीएम मोदी
LDF और UDF ने विभिन्न तरीकों से केरल को भ्रष्टाचार, कुशासन और तुष्टिकरण की खतरनाक राजनीति में झोंक दिया है: तिरुवनंतपुरम में पीएम मोदी
केंद्र सरकार की योजनाओं का विरोध करके LDF केरल की प्रगति में बाधा डाल रही है: तिरुवनंतपुरम में पीएम मोदी
तिरुवनंतपुरम में, पीएम मोदी ने भगवान अयप्पा में अपनी आस्था को दोहराया और सबरीमाला परंपराओं को लेकर LDF सरकार पर निशाना साधा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केरल के लिए विकास, सुशासन और भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार का एजेंडा सामने रखा। भगवान पद्मनाभस्वामी की पावन भूमि पर पहुंचने को उन्होंने अपना सौभाग्य बताया और वसंत पंचमी, सरस्वती पूजा, महामाघ महोत्सवम और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने केरलवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और पराक्रम दिवस को भारत की वीर परंपरा का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी की जीत को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि यह जीत केरल की राजनीति में निर्णायक मोड़ है। उन्होंने कहा, ‘तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत साधारण नहीं है। यह ऐतिहासिक है, अभूतपूर्व है। तिरुवनंतपुरम ने केरल में भाजपा सरकार की नींव डाल दी है।‘

उन्होंने कहा कि जिस तरह गुजरात में भाजपा की यात्रा एक शहर से शुरू होकर जन-विश्वास में बदली, उसी तरह केरल में भी परिवर्तन की शुरुआत एक शहर से हो चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तिरुवनंतपुरम की जनता ने भाजपा को सेवा का अवसर देकर विकास और सुशासन की राजनीति पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा,’यह जीत गुड गवर्नेंस के लिए काम करने वाली पार्टी की जीत है। यह जीत विकसित केरलम बनाने के संकल्प की जीत है और LDF-UDF के करप्शन से केरल को मुक्त करने की जीत है।‘ उन्होंने तिरुवनंतपुरम के प्रत्येक मतदाता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस जीत की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

प्रधानमंत्री ने एलडीएफ और यूडीएफ पर तीखा हमला करते हुए कहा कि दोनों दलों ने दशकों तक केरल को बारी-बारी से नुकसान पहुंचाया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘LDF और UDF के झंडे अलग हैं, सिंबल अलग हैं, लेकिन इनका एजेंडा एक ही है, फुल करप्शन और जीरो अकाउंटेबिलिटी।‘

उन्होंने कहा कि केरल में सरकारें बदलती रहीं, लेकिन सिस्टम नहीं बदला। अब जनता को वास्तविक परिवर्तन के लिए इस मिलीभगत को तोड़ना होगा। प्रधानमंत्री ने भाजपा-एनडीए को विकास और जनकल्याण की राजनीति का सच्चा विकल्प बताया और आरोप लगाया कि एलडीएफ सरकार केंद्र की कई योजनाओं को केरल में लागू नहीं कर रही है। उन्होंने कहा,‘ LDF सरकार पीएम आवास योजना, हर घर नल से जल और पीएम-श्री स्कूल जैसी योजनाओं को रोक रही है। यह गरीब और मध्यम वर्ग के साथ अन्याय है।‘

प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत केरल के किसानों को अब तक 13,000 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा,’यह पैसा सीधे किसान के खाते में गया है। LDF और UDF चाहकर भी इसमें से एक रुपया नहीं लूट सकते।‘

उन्होंने बताया कि पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल को 1,400 करोड़ रुपये की सहायता मिली है और पहली बार मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा और आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। उन्होंने कहा, ‘ये बीजेपी की केंद्र सरकार ही है, जिसने फिशरीज के लिए अलग मंत्रालय बनाया है। पहली बार फिशरमेन के लिए भी किसान क्रेडिट कार्ड का बेनिफिट दिया है। हमने फिशरमेन के लिए पांच लाख तक के इंश्योरेंस की सुरक्षा भी दी है। डीप-सी फिशिंग के लिए नावों के आधुनिकीकरण के लिए मदद दी है।‘

केरल को विकसित बनाने में युवाशक्ति की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस-लेफ्ट यहां की युवाशक्ति के साथ हमेशा धोखा किया है। एनडीए के पास, केरल के यूथ के लिए रोजगार के अवसर बनाने का रोडमैप है। आज पूरी दुनिया, आत्मनिर्भर भारत अभियान में अपने लिए अवसर देख रही है। इसलिए, गल्फ हो, यूरोप हो...दुनिया के अनेक देशों के साथ भारत बड़े समझौते कर रहा है। इन समझौतों का बहुत अधिक लाभ केरल को मिल सकता है। लेकिन इसके लिए, यहां बीजेपी की डबल इंजन सरकार होना बहुत जरूरी है।‘

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज केरल में पूरे रेल नेटवर्क का इलेक्ट्रीफिकेशन हो चुका है। इसके साथ ही राज्य में वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो रहा है। विझिंजम पोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि’सिर्फ छह महीनों में विझिंजम पोर्ट ने 150 से अधिक जहाज और तीन लाख कंटेनर हैंडल किए हैं। इससे रोजगार भी बढ़ा है और केरल की ट्रेड कैपेसिटी भी।

करप्शन को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि इसने केरल के डेवलपमेंट पर ब्रेक लगा दी है। LDF के राज में, बैंकों में भी सेविंग्स सुरक्षित नहीं है। यहां जो को-ऑपरेटिव बैंक स्कैम हुआ था, इसमें गरीबों और मिडिल क्लास का पैसा लूटा गया है। किसी ने बच्चों की पढ़ाई के लिए, किसी ने बिटिया की शादी के लिए, पैसा जमा कर रखा था। लेकिन लेफ्ट और कांग्रेस के लोगों ने वो भी लूट लिया। ऐसे लोगों को कड़ी सजा देना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘आप एक बार बीजेपी को मौका दीजिए, जिसने आपको लूटा है उससे एक-एक रुपया वसूला जाएगा।‘

प्रधानमंत्री ने सहकारी बैंक घोटालों और सबरीमला मंदिर से जुड़ी घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार बनते ही हर मामले की पूरी जांच होगी और दोषियों की जगह जेल में होगी, यह मोदी की गारंटी है।‘

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उसके पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है और वह तुष्टिकरण और विभाजन की राजनीति कर रही है।अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 25 वर्ष केरल के लिए निर्णायक होंगे। उन्होंने कहा,’अब केरल को नई राजनीति चाहिए।‘

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।