चंद्रशेखर आजाद जैसे लोग हमें देश के लिए काम करने की प्रेरणा देते हैं: प्रधानमंत्री मोदी
हमें देश के लिए जीने का अवसर मिला है। आइए राष्ट्र निर्माण में योगदान करें: प्रधानमंत्री
देश जन शक्ति के माध्यम से प्रगति करता है: प्रधानमंत्री मोदी
प्रत्येक भारतीय कश्मीर जाना चाहता है, प्रत्येक भारतीय कश्मीर से प्यार करता है: प्रधानमंत्री मोदी
कश्मीर के युवाओं से अपील है कि केंद्र और राज्य सरकार के साथ सहयोग करें, ताकि राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके: प्रधानमंत्री
हमारे लिए ये महत्वपूर्ण है कि हम एकमत होकर डटे रहें और देश को विकास के पथ पर आगे ले चलें: प्रधानमंत्री मोदी
हमारा तिरंगा हमें जोड़ता है और देश सेवा के लिए प्रेरित करता है: प्रधानमंत्री
   

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज महान स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद को उनकी जन्मस्थली मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के भाबरा में श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति पर माल्यापर्ण किया और उनकी जन्मस्थली पर बने स्मारक का दौरा किया।

एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने याद किया कि इसी दिन महात्मा गांधी ने “ब्रिटिश भारत छोड़ो” का आह्वान किया था। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि उन लोगों को याद रखें जिन्होंने अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी ताकि हम आज़ादी की हवा में सांस ले सकें।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली में आने को मिला है। उनके जैसे लोग हमें राष्ट्र के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सब जिन्हे राष्ट्र के लिए अपने प्राण देने का मौका नहीं मिला है, उन्हें देश के लिए जीने का अवसर लेना चाहिए। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एक राष्ट्र अपने लोगों की ताकत, आकांक्षाओं और उनकी कड़ी मेहनत के बल पर प्रगति करता है आगे बढ़ता है ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक भारतीय कश्मीर से प्यार करता है और कश्मीर जाने की इच्छा रखता है। उन्होंने कहा कि कुछ गुमराह तत्व कश्मीर की महान परम्पराओं को बर्बाद करने की कोशिशें कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कश्मीर के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना चाहती है। उन्होंने कश्मीर के युवाओं से आगे आने और कश्मीर को "पृथ्वी पर स्वर्ग” बनाने के विजन के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि कश्मीर शांति चाहता है और कश्मीर के लोग पर्यटन के माध्यम से अधिक कमाई करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र और जम्मू-कश्मीर राज्य सरकार विकास के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के इंसानियत, ज़म्हूरियत, कश्मीरियत विजन को आगे ले जाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए एक आम संकल्प के साथ मिलकर काम करना हम सभी के लिए समय की मांग है।

उन्होंने कहा कि भारतीय तिरंगा हमें एकजुट करता है और भारत के भाग्य को फिर से लिखने के लिए हमें प्रेरित करता है।

प्रधानमंत्री ने बाद में 70 वें स्वतंत्रता वर्ष समारोह के शुभारंभ की प्रतीक तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाई।

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान और संथाल संस्कृति के अनादर की निंदा की
March 07, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी के अपमान और संथाल संस्कृति के साथ किए गए लापरवाही भरे व्यवहार की कड़ी निंदा की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है और ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो इस घटना से बहुत निराश है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, और उन्होंने जो दर्द और पीड़ा व्यक्त की है उसने भारत के लोगों को बहुत दुःखी किया है।

श्री मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं और राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतना लापरवाही भरा व्यवहार कर रही है।

राष्ट्रपति के कार्यालय को राजनीति से ऊपर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यालय की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

“यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। जो भी लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वो निराश है।

राष्ट्रपति जी खुद आदिवासी समुदाय से हैं, उन्होंने जो दर्द और पीड़ा ज़ाहिर की है, उससे भारत के लोग बहुत दुःखी हैं।

पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन ज़िम्मेदार है।

यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय के साथ पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से पेश आती है।

राष्ट्रपति का कार्यालय राजनीति से ऊपर है और इस कार्यालय की पवित्रता का सदैव सम्मान किया जाना चाहिए। आशा है कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी को सद्बुद्धि आएगी।”