जापान, पापुआ न्यू गिनी और ऑस्ट्रेलिया की सफल यात्रा के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नई दिल्ली में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट पर एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वह जब भी किसी देश का दौरा करते हैं तो भारत की क्षमता, युवा प्रतिभा और उनके पास मौजूद कौशल के बारे में बात करते हैं।
उन्होंने कहा, "जब भी मैं अपने देश की संस्कृति और परंपराओं के बारे में बोलता हूं, मैं विश्व नेताओं की आंखों में देखता हूं और बड़े गर्व के साथ बताता हूं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस देश की जनता ने केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली सरकार चुनी है।"
अपनी बैठकों के बारे में विस्तार से बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें 40 से अधिक विश्व के नेताओं के साथ बातचीत करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि कैसे वे सभी भारत की G20 अध्यक्षता को लेकर उत्साहित थे। प्रधानमंत्री ने शांति के प्रतीक के रूप में जापान के हिरोशिमा में महात्मा गांधी की प्रतिमा के अनावरण का उल्लेख किया। उन्होंने पापुआ न्यू गिनी की टोक पिसिन भाषा में 'दि तिरुक्कुरल' के ट्रासलेटेड वर्जन के विमोचन के बारे में भी बात की।
सिडनी में आयोजित कम्युनिटी इवेंट का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने विपक्षी दलों द्वारा नवनिर्मित संसद भवन के उद्घाटन के बहिष्कार के निर्णय पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम पूरी दुनिया में देखा गया। यह न केवल ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति के कारण विशेष था, बल्कि इस कार्यक्रम में पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम और विपक्षी नेताओं की भागीदारी भी देखी गई। यह लोकतंत्र के मूल्यों का शानदार प्रदर्शन था।”
विदेशों में कोविड वैक्सीन भेजने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इससे अनगिनत लोगों की जान बचाने में मदद मिली। उन्होंने कहा, "हमने ऐसा इसलिए किया क्योंकि हम बुद्ध और गांधी की भूमि से आते हैं। हम सद्भावना के प्रति समर्पित लोग हैं। दुनिया इसके लिए आभार व्यक्त कर रही है।”


