पीएम मोदी और अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडेन ने नेशनल साइंस फाउंडेशन का दौरा किया। उन्होंने 'स्किलिंग फॉर फ्यूचर इवेंट' में हिस्सा लिया। यह युवाओं के बीच व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर केंद्रित एक अनूठा कार्यक्रम है।

पीएम मोदी और प्रथम महिला जिल बाइडेन दोनों ने भविष्य के लिए कार्यबल बनाने के उद्देश्य से सहयोगात्मक प्रयासों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने देश में शिक्षा, अनुसंधान और आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए भारत द्वारा की गई विभिन्न इनिशिएटिव पर प्रकाश डाला।

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प्रधानमंत्री ने पुत्रियों के महत्व और शक्ति को रेखांकित करते हुए संस्कृत सुभाषितम साझा किया
January 22, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जिस देश में पुत्रियों को लक्ष्मी के समान पूजा जाता है, वहां आज से 11 वर्ष पहले इसी दिन 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान आरंभ किया गया था। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बना रही हैं और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

प्रधानमंत्री ने पुत्रियों के महत्व पर आधारित शाश्वत भारतीय मूल्यों को प्रतिबिंबित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्। यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया॥”

सुभाषितम् का अर्थ है कि एक पुत्री दस पुत्रों के समान है, और दस पुत्रों से प्राप्त पुण्य या सद्गुण एक पुत्री से भी प्राप्त किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट पर लिखा;
“कन्या को लक्ष्मी मानने वाले हमारे देश में 11 साल पहले आज ही के दिन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हुई थी। यह बड़े गर्व की बात है कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में नित-नए रिकॉर्ड बना रही हैं।

दशपुत्रसमा कन्या दशपुत्रान् प्रवर्धयन्।
यत् फलम् लभते मर्त्यस्तल्लभ्यं कन्ययैकया॥”