"आज की नियुक्ति से 9 हजार परिवारों में खुशहाली आएगी और यूपी में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी"
"सुरक्षा और रोजगार की संयुक्त शक्ति ने यूपी की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है"
"2017 से यूपी पुलिस में 1.5 लाख से अधिक नई नियुक्तियों से रोजगार और सुरक्षा दोनों में सुधार हुआ है"
"जब आप पुलिस सेवा में आते हैं, तो आपको 'डंडा' मिलता है, लेकिन भगवान ने आपको दिल भी दिया है। आपको संवेदनशील होना होगा और व्यवस्था को संवेदनशील बनाना होगा”
"आप लोगों के लिए सेवा और शक्ति, दोनों के प्रतिबिंब हो सकते हैं"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश सरकार के रोजगार मेले को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। मेले में यूपी पुलिस में उप निरीक्षकों तथा नागरिक पुलिस, प्लाटून कमांडर के समकक्ष पदों एवं अग्निशमन विभाग के द्वितीय अधिकारियों की हुई सीधी भर्ती के लिए नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि उन्हें बीजेपी शासित राज्यों में लगभग हर सप्ताह एक रोजगार मेले को संबोधित करने का अवसर मिल रहा है और देश को लगातार प्रतिभाशाली युवा मिल रहे हैं, जो अपने साथ सरकारी व्यवस्था में नई सोच और दक्षता लाते हैं।

प्रधानमंत्री ने आज के यूपी रोजगार मेले के विशेष महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे 9 हजार परिवारों में खुशहाली आयेगी और उत्तर प्रदेश में सुरक्षा की भावना में वृद्धि होगी, क्योंकि नई भर्तियों से राज्य का पुलिस बल मजबूत होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2017 से यूपी पुलिस में 1.5 लाख से अधिक नई नियुक्तियों के साथ, वर्तमान सरकार के तहत रोजगार और सुरक्षा दोनों में सुधार हुआ है।

श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि आज उत्तर प्रदेश अपनी कानून-व्यवस्था और विकास-उन्मुखता के लिए पहचाना जाता है, जो माफिया राज और लचर कानून व्यवस्था की पहले की स्थिति से बहुत अलग है। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं।

डबल-इंजन सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने नए हवाई अड्डों, समर्पित फ्रेट कॉरिडोर, नए रक्षा गलियारे, नई मोबाइल निर्माण इकाइयों, आधुनिक जलमार्गों का उल्लेख किया और कहा कि नयी अवसंरचनायें रोजगार के अभूतपूर्व अवसर ला रहीं हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे हैं और राजमार्ग लगातार विकसित हो रहे हैं। ये न केवल रोजगार सृजित कर रहे हैं बल्कि राज्यों में और अधिक परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने से रोजगार में वृद्धि हुई है। श्री मोदी ने हाल ही में हुए वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन को मिली उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे राज्य में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, "सुरक्षा और रोजगार की संयुक्त शक्ति ने यूपी की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।" उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के गिरवी-मुक्त ऋण, एक जिला एक उत्पाद योजना, फलते-फूलते एमएसएमई और जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्टम का उदाहरण दिया।

नव नियुक्त कर्मियों से प्रधानमंत्री ने नई चुनौतियों और जिम्मेदारियों के बारे में बात की और उनसे नया सीखने की भावना को जीवित रखने का आग्रह किया। उन्होंने उनको अपने व्यक्तित्व विकास, प्रगति और ज्ञान-प्राप्ति के लिए प्रयास जारी रखने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने नव नियुक्त कर्मियों से कहा, "जब आप इस सेवा में आते हैं, तो आपको पुलिस से 'डंडा' मिलता है, लेकिन भगवान ने आपको दिल भी दिया है। इसलिए आपको संवेदनशील होना होगा और व्यवस्था को भी संवेदनशील बनाना होगा।' उन्होंने प्रशिक्षण पर भी जोर दिया, जो साइबर अपराध, फोरेंसिक विज्ञान जैसे संवेदनशील और आधुनिक क्षेत्रों में सुधार करेगा और स्मार्ट पुलिस व्यवस्था को बढ़ावा देगा।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि नव नियुक्त कर्मियों पर सुरक्षा और समाज को दिशा देने, दोनों की जिम्मेदारी होगी। प्रधानमंत्री ने निष्कर्ष के तौर पर कहा, "आप लोगों के लिए सेवा और शक्ति दोनों के प्रतिबिंब हो सकते हैं।

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।