भाजपा राजस्थान को एक विकसित, भ्रष्टाचार मुक्त और महिला सशक्तिकरण वाला राज्य बनाना चाहती है।
देश की असाधारण प्रगति नागरिकों द्वारा भाजपा के लिए और भारत के विकास के लिए दिए गए 'वोट' के कारण है।
तुष्टिकरण, आतंक राज को प्रोत्साहन और महिलाओं के भरोसे को छल कर उनके विरुद्ध हिंसा को बढ़ावा देना राजस्थान कांग्रेस की बुनियाद है।
दलितों के प्रति कांग्रेस की नफरत जगजाहिर है। भारत के मुख्य सूचना आयुक्त हीरालाल सामरिया और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के प्रति उसका रवैया उसी नफरत का प्रकटीकरण है।
भ्रष्टाचार के लेखा-जोखा वाली 'लाल डायरी', बड़े पैमाने पर महंगाई और माफिया राज को बढ़ावा देने वाली नीतियां ही राजस्थान में कांग्रेस सरकार की पहचान हैं।
कांग्रेस केवल ओबीसी के मुद्दों के राजनीतिकरण में विश्वास करती है। 50 वर्षों तक कांग्रेस ने इन समुदायों को वंचित रखा और यह भाजपा सरकार है जिसने 'ईडब्ल्यूएस' के रूप में 10% आरक्षण सुनिश्चित किया।
राजस्थान का चुनाव कांग्रेस की 'लूट की दुकान' और 'मोदी की गारंटी' के बीच का चुनाव है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को भरतपुर और नागौर में जनसभाओं को संबोधित किया। भरतपुर में अपने पहले संबोधन में उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत कई उपलब्धियों के साथ दुनिया में अग्रणी बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान को कांग्रेस भ्रष्टाचार, दंगा और अपराध में अग्रणी बना दिया है। कांग्रेस सरकार की जिम्मेदारी थी कि वो हर नागरिक के जान-माल की सुरक्षा करे। लेकिन बीते 5 वर्षों में बहनों-बेटियों और दलितों-वंचितों के साथ सबसे ज्यादा अत्याचार हुए हैं। यहां के लोग होली, रामनवमी, हनुमान जयंती कोई भी त्योहार शांति से नहीं मना पाए। दंगे-पत्थरबाजी और कर्फ्यू राजस्थान में यही सब चलता रहा। क्योंकि कांग्रेस के लिए तुष्टिकरण ही सब-कुछ है। इसके लिए कांंग्रेस को जनता-जनार्दन का जीवन तक दांव पर क्यों न लगाना पड़े। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यहां खुद को जादूगर कहते हैं, तभी तो आज राजस्थान की जनता उन्हें कह रही है- 3 दिसंबर, कांग्रेस छू-मंतर!

देश की आर्थिक तरक्की पर पीएम ने कहा कि आज पूरा विश्व हमारा लोहा मान रहा है। बहुत ही जल्द देश तीसरे नंबर की वैश्विक आर्थिक ताकत होगा। चंद्रयान की सफलता से विश्व में भारत का डंका बजा है। यहां ऐतिहासिक G20 सम्मेलन हुआ, जिसमें दुनिया के लिए बड़े-बड़े फैसले हुए। ये सब मोदी के कारण नहीं, बल्कि ये कमाल आपका एक वोट का रहा है। क्योंकि आपने एक स्थिर और मजबूत सरकार बनाई, इसलिए आज भारत हर मैदान में जीत रहा है। अब आपको राजस्थान में भी भाजपा की मजबूत सरकार बनानी है। भाजपा के संकल्प-पत्र पर पीएम मोदी ने कहा कि इससे न सिर्फ राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बनेगा, बल्कि यहां के भ्रष्टाचार पर भी कड़ा प्रहार होगा। भाजपा के संकल्प से न सिर्फ बहनों-बेटियों के लिए सुरक्षित माहौल बनेगा, बल्कि विकास की रफ्तार भी तेज होगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान बीजेपी ने जो वायदे किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए हम जी-जान लगा देंगे। जनता से किए ये वायदे जरूर पूरे होंगे, क्योंकि ये मोदी की गारंटी है।

महिला सुरक्षा को लेकर कांग्रेस सरकार की लापरवाही पर पीएम ने कहा कि जो मुख्यमंत्री खुद कहें कि महिलाएं रेप के फर्जी मामले दर्ज करवाती हैं, क्या वो महिलाओं की सुरक्षा कर सकते हैं? कांग्रेस ने राजस्थान की महिलाओं के विश्वास को चकनाचूर कर दिया है। महिलाओं के प्रति कांग्रेस की सोच कितनी गिरी हुई है, ये कांग्रेस के एक मंत्री के बयान से भी पता चलता है। महिला अत्याचार पर उस मंत्री ने कहा कि ये इसलिए हो रहा है क्योंकि राजस्थान मर्दों का प्रदेश है। क्या ऐसे मुख्यमंत्री और मंत्री को एक मिनट भी कुर्सी पर रहने का हक है? ये बयान राजस्थान की हर माता-बहन के सीने में भाले की तरह चुभ रहा है। और कांग्रेस ने इस मंत्री को सजा देने के बजाय ईनाम में टिकट दे दिया है।

दलितों के प्रति कांग्रेस की सोच पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पार्टी स्वभाव से ही दलित विरोधी है। कांग्रेस के शासन में दलितों के खिलाफ अत्याचार के नए-नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। दलितों के प्रति कांग्रेस की सोच का सबसे ताजा उदाहरण अभी हाल ही में सामने आया है। देश को हीरालाल सामरिया जी के रूप में पहला दलित मुख्य सूचना आयुक्त मिला है। वे यहीं डीग के रहने वाले हैं। कांग्रेस को एक प्रतिभाशाली दलित अधिकारी की नियुक्ति भी पसंद नहीं आई। दरअसल, कांग्रेस एक दलित अफसर को ऊंचे पद पर पहुंचते हुए देख ही नहीं सकती। कांग्रेस ने बाबा साहेब आंबेडकर से लेकर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू तक यही किया है। जबकि भाजपा बाबा साहेब से जुड़े पुण्य स्थलों को पंच तीर्थ के तौर पर विकसित कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हर गरीब, दलित, पिछड़े, हर परिवार तक जीवन की मूलभूत सुविधाएं पहुंचे। इसके लिए अब भारत सरकार आपके गांव आ रही है। 15 नवंबर से देश में विकसित भारत संकल्प यात्रा शुरू हो चुकी है। पीएम आवास, उज्ज्वला गैस, नल से जल, बिजली, मुफ्त इलाज, बीमा और पेंशन जैसी अनेक योजनाओं का लाभ जिनको नहीं मिला है, उनके लिए सुविधाएं पाने का ये नया अवसर है। उन्होंने कहा कि मोदी जो भी गारंटी देता है, वो शत-प्रतिशत लाभार्थी तक पहुंचती है। हमने राशन कार्ड को भूख से मुक्ति का गारंटी कार्ड बना दिया है।

राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार पर पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने राजस्थान को आकंठ भ्रष्टाचार में डुबाने का काम किया है। लॉकरों से काली कमाई और लूट का सोना निकल रहा है। ये काला धन राजस्थान के नौजवानों को धोखा देकर लूटा गया है। कांग्रेस ने राजस्थान को जितना लूटा है, उसकी गवाही यहां का हर कारोबारी दे रहा है। अब तो कांग्रेस के काले कारनामों की लाल डायरी के पन्ने खुलने लगे हैं। कुछ लोगों का तो यहां तक कहना है कि इस लाल डायरी में मुख्यमंत्री के बेटे का कबूलनामा भी है, जो कह रहा है कि पापा की सरकार रिपीट नहीं होगी। लाल डायरी में लिखा है कि गहलोत सरकार ने कैसे राजस्थान को खनन माफिया के हवाले कर दिया। कांग्रेस के इस माफिया राज के कारण ही संत बाबा विजय दास जी को हमें खोना पड़ा। लेकिन उनका ये बलिदान बेकार नहीं जाएगा। पूर्वी राजस्थान की जनता कांग्रेस के माफिया राज को उखाड़ फेंकेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूपी में पहले ही भाजपा सरकार है और यहां भी 3 दिसंबर को भाजपा सरकार बनने के बाद पूरे ब्रज का विकास तेज होगा। भरतपुर जिले को NCR की तर्ज पर विकसित करने का रोडमैप सिर्फ भाजपा के पास है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से ये पूरा क्षेत्र, देश के औद्योगिक नक्शे पर अग्रणी बनने वाला है। पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का खाका भी भाजपा ने खींचा था, और इसे तेजी से पूरा भी भाजपा ही करेगी।

प्रधानमंत्री ने दोपहर बाद नागौर में दूसरी सभा में कहा कि राजस्थान में कांग्रेस ने पांच साल में विश्वासघात के सिवाय और कुछ नहीं दिया। कांग्रेस ने यहां कुशासन, भ्रष्टाचार और घोटालों वाली सरकार दी है। उन्होंने कहा कि खुद यहां के मुख्यमंत्री ने एक जनसभा में स्वीकार किया कि उनके उम्मीदवारों, उनके विधायकों ने कोई काम नहीं किया, क्योंकि वो यहां अपनी कुर्सी बचाने में ही जुटे रहे। पीएम ने कहा कि इनका दिल्ली-दरबार, अपने ही सीएम की कुर्सी को लूटने में बिजी रहा और सीएम उनसे निपटने में बिजी रहे। इन लोगों ने राजस्थान की जनता को अपने हाल पर छोड़ दिया था। इसीलिए अब जनता कह रही है- “गहलोत जी! कोनी मिलै वोट जी!”

राजस्थान में इतनी महंगाई के लिए पीएम मोदी ने कांग्रेस की लूट-नीति को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यहां दूसरे राज्यों से पेट्रोल भी इसलिए महंगा है क्योंकि यहां लुटेरी कांग्रेस की सरकार है। केंद्र सरकार अपनी तरफ से पेट्रोल के पैसे कम कर रही है, लेकिन यहां की कांग्रेस सरकार दाम नहीं घटाती। राजस्थान से सटे हुए बीजेपी शासित राज्यों यूपी, गुजरात, हरियाणा में यहां से पेट्रोल बहुत सस्ता है। कांग्रेस सरकार पेट्रोल का पैसा लूटकर अपने नेताओं की तिजोरी भर रही है। राजस्थान में भाजपा की सरकार बनते ही पेट्रोल के दामों की तुरंत समीक्षा की जाएगी।

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प्रधानमंत्री ने 'नागरिक देवो भव' की भावना पर बल दिया और अधिकारियों से नागरिकों को शासन के केंद्र में रखने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने विकास संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के लिए मिलकर काम करने का समग्र दृष्टिकोण अपनाने और अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने युवा प्रशासनिक अधिकारियों से 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में देश की यात्रा का नेतृत्व करने का आह्वान किया
प्रधानमंत्री ने भविष्य में प्रशासन को सक्षम बनाने में मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा-आधारित शासन की भूमिका का उल्लेख किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह नई दिल्ली में सेवा तीर्थ में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2024 बैच के 183 प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत की जिन्हें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में सहायक सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। 

युवा प्रशिक्षु अधिकारियों ने इस अवसर पर अपने क्षेत्र से संबंधित प्रशिक्षण और मंत्रालयों से जोड़े जाने के बाद कामकाज के अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभागों में दो वर्षों के कामकाज के अनुभव और प्रशासनिक प्रशिक्षण के बाद वे अब एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं जहां उनके निर्णय न केवल उनके अपने करियर को बल्कि करोड़ों नागरिकों के भविष्य को भी आकार देंगे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि लोक सेवा की असली परीक्षा वास्तविक परिस्थितियों से ईमानदारी, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निपटने से प्रारंभ होती है। 

प्रधानमंत्री ने युवा प्रशासनिक अधिकारियों से दृढ़ संकल्प, नवाचार और नागरिक-केंद्रित शासन के साथ राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों से हमेशा यह याद रखने का आग्रह किया कि प्रशासन से संबंधित प्रत्येक फाइल के पीछे मानवीय पहलू छिपे होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फाइल अनगिनत नागरिकों की आकांक्षाओं, चिंताओं और उनके जीवन का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने "नागरिक देवो भव" के मंत्र पर बल देते हुए अधिकारियों से हर निर्णय के केंद्र में नागरिकों को रखने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि शासन सहानुभूतिपूर्ण, उत्तरदायी और समावेशी बना रहे। 

प्रधानमंत्री ने सभी विभागों के समग्र रूप से मिलकर काम करने के दृष्टिकोण को अपनाने का आह्वान करते हुए इस बात पर बल दिया कि विकास से संबंधित प्रमुख चुनौतियों का समाधान अलग-थलग रहकर नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि सार्थक और स्थायी परिणाम प्राप्त करने के लिए विभागों के बीच प्रभावशाली समन्वय आवश्यक है। 

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत का निर्माण करना आने वाले दशकों में हर नीति और प्रशासनिक निर्णय का उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आज भारत की प्राथमिकताओं में आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा और युवाओं के लिए अवसरों का सृजन शामिल हैं। 

प्रधानमंत्री ने पिछले दशक में शासन व्यवस्था में आए परिवर्तनों पर बल देते हुए कहा कि प्रशासन प्रक्रिया-केंद्रित मॉडल से परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण की ओर अग्रसर हुआ है। उन्होंने सेवा वितरण में सुधार लाने और नागरिकों को सुगमता और पारदर्शिता के साथ सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने में डिजिटल शासन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया। 

प्रधानमंत्री ने आंकड़ों पर आधारित शासन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि आंकड़ों को केवल संख्या के रूप में नहीं बल्कि लाखों लोगों के सामूहिक जीवन, चुनौतियों और आकांक्षाओं के प्रतिबिंब के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि नीतियां जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही हैं या नहीं।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया और बताया कि वर्तमान बैच में 40 प्रतिशत से अधिक महिला अधिकारी हैं।

प्रधानमंत्री ने युवा अधिकारियों से राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान का निरंतर मूल्यांकन करने और पदों से नहीं बल्कि कामकाज से मिले ठोस परिणामों से संतुष्टि प्राप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि उनकी ऊर्जा, प्रतिभा और समर्पण भारत के विकास पथ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्मिक राज्य मंत्री श्री जितेंद्र सिंह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव श्री पी.के. मिश्रा, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव-2 श्री शक्तिकांत दास, मंत्रिमंडल सचिव श्री टीवी सोमनाथन, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की सचिव सुश्री रचना शाह, एलबीएसएनएए के निदेशक श्री श्रीराम तरणिकांति और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस संवाद के दौरान उपस्थित थे।