दीदी बोले खेला होबे, बीजेपी बोले चाकरी होबे, विकास होबे, शिक्षा होबे, हॉस्पिटल होबे, स्कूल होबे, सोनार बांग्ला होबे: प्रधानमंत्री मोदी
जब बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनेगी, तो यहां विकास भी होगा और आपका जीवन भी आसान बनेगा : पुरुलिया जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी
बंगाल के लोग बहुत पहले से मन बना चुके हैं- लोकसभा में टीएमसी हाफ और इस बार पूरी साफ : प्रधानमंत्री मोदी
भाजपा की केंद्र सरकार की नीति है- DBT- यानि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' और पश्चिम बंगाल में दीदी सरकार की दुर्नीति है- TMC- यानि 'ट्रांसफर माय कमीशन : प्रधानमंत्री
आपका उत्साह दिखा रहा है कि टीएमसी की पराजय तय है। इस बार बंगाल के चुनाव में सिंडिकेट वालों की पराजय होगी : प्रधानमंत्री मोदी

“मैं पुरुलिया के लोगों को, पूरे जंगलमहल क्षेत्र के लोगों को विश्वास दिलाने आया हूं। बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद, आपकी दिक्कतों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। जब बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनेगी, तो यहां विकास भी होगा और आपका जीवन भी आसान बनेगा। यहां पुरुलिया में तो टूरिज्म की भी इतनी संभावनाएं हैं। यहां पर हैंडीक्राफ्ट का बेहतरीन काम होता है। इन सभी को बढ़ावा दिया जाएगा। इस क्षेत्र जैसा ही जलसंकट देश के अन्य क्षेत्रों में भी रहा है। भाजपा सरकारों ने वहां सैकड़ों किलोमीटर लंबी पाइपलाइनें बिछाई हैं, हजारों तालाब बनवाए हैं। आज उन क्षेत्रों में पानी का संकट तेजी से दूर हो रहा है। पानी की उपलब्धता बढ़ी है तो आज वहां के किसान अलग-अलग तरह की फसलों को उगाने लगे हैं। अब यही काम बंगाल के उन सभी क्षेत्रों में भी किया जाएगा, जहां पानी की दिक्कत है। पुरुलिया सहित इस पूरे क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं।“

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। पुरुलिया और पश्चिम बंगाल के लिए विकास का रोडमैप सामने रखते हुए उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल के हर हिस्से को रेल सेवा से जोड़ना हमारी प्राथमिकता में है। इस समय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में करीब 50 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स के लिए स्वीकृति दी गई है। पूर्वी भारत के विकास को नई बुलंदी देने का सामर्थ्य रखने वाले Eastern Dedicated Freight Corridor का एक सेक्शन शुरू हो चुका है। 2 मई के बाद यहां जब भाजपा सरकार बनेगी तो पश्चिम बंगाल में जो डानकुनी तक का सेक्शन है, उस पर भी तेजी से काम शुरू कर दिया जाएगा। पुरुलिया भी इस कॉरिडोर से जुड़ेगा और यहां उद्योगों के लिए, रोजगार के लिए अनेक अवसर बनेंगे। रेल के अलावा रोड कनेक्टिविटी को भी सशक्त किया जा रहा है। इस वर्ष के केंद्र सरकार के बजट में पश्चिम बंगाल में हाइवे का सिस्टम मजबूत करने के लिए हजारों करोड़ रुपए की भी विशेष व्यवस्था की गई है।“

पीएम मोदी ने कहा, “2 मई के बाद जब यहां भाजपा सरकार बनेगी, तो पुरुलिया सहित इस पूरे क्षेत्र में ऐसी व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी कि लोगों को पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े। यहां कृषि आधारित उद्योगों को बल दिया जाएगा, ताकि यहां के युवाओं को यहीं पर ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सके। दलित, आदिवासी, पिछड़े इलाकों के हमारे युवा भी रोजगार के अवसरों से जुड़ सकें, इसके लिए उनके कौशल विकास पर और ज्यादा फोकस किया जाएगा। यहां के छाऊ कलाकारों, यहां के हस्तशिल्पियों को कमाई और मान-सम्मान से जुड़ी दूसरी सुविधाएं मिलें, यह सुनिश्चित किया जाएगा।“

केंद्र सरकार की उपलब्धियों और दलित-आदिवासियों के लिए किए गए कार्यों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इस क्षेत्र के हमारे संथाल भाई-बहन, अन्य आदिवासी साथी वन अधिकारों को लेकर, कृषि उत्पादों के सही मूल्य को लेकर कब से मांग कर रहे हैं। भाजपा सरकार, कहीं भी हो, केंद्र में हो या राज्य में, आदिवासी हितों की रक्षा, उनके बच्चों का कल्याण, हमेशा हमारी प्राथमिकता में रहा है। यह अटल जी की ही सरकार थी, जिसने आदिवासी हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए अलग से एक मंत्रालय बनाया था। आदिवासी हितों के लिए केंद्र सरकार द्वारा अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। बंगाल में 36 लाख से ज्यादा उज्ज्वला के गैस कनेक्शन दलित-आदिवासी और पिछड़े परिवारों को ही मिले हैं। वन उत्पादों की MSP बढ़ाने के साथ ही हमारी सरकार ने वन-उपज की संख्या में भी वृद्धि की है। इस वर्ष के केंद्रीय बजट में भी आदिवासी क्षेत्रों की पढ़ाई, दवाई और कमाई के लिए बहुत बड़ा प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार ने दलित परिवारों, SC परिवारों के बच्चों को पढ़ाई और कमाई के बेहतर अवसर देने के लिए भी आर्थिक मदद बहुत ज्यादा बढ़ाई है। आदिवासी बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए सैकड़ों एकलव्य स्कूल खोले जा रहे हैं। यहां का एकलव्य स्कूल भी गरीब आदिवासी बच्चों का भविष्य बनाने का काम करेगा। स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासी साथियों के योगदान का गौरवगान करने वाले म्यूजियम भी बनाए जा रहे हैं।“

पश्चिम बंगाल की गौरवशाली परंपरा का स्मरण करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हमारे लिए जनता-जनार्दन ही ईश्वर का रूप है। 130 करोड़ देशवासी हमारे परमात्मा हैं। उनकी प्रतिष्ठा, उनका पराक्रम, उनकी सेवा के लिए हम जीते हैं। हम रामकृष्ण परमहंस की सीख को जीवन में उतारने वाले, जीव में शिव को देखने वाले लोग हैं। हम सबको मिलकर गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, स्वामी विवेकानंद जैसे महान व्यक्तित्वों के सपनों के सोनार बांग्ला का फिर से निर्माण करना है। वह सोनार बांग्ला, जहां बंगाल के स्वर्णिम गौरव का समावेश होगा और आत्मनिर्भर का सामर्थ्य होगा।“

ज्यादा से ज्यादा मतदान के लिए लोगों का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “इस बार, जोर से छाप, कमल छाप ! आपका एक-एक वोट डबल इंजन की ताकत बनेगा। कमल छाप पर पड़ा हर वोट, आशोल पोरिबोर्तन लाएगा, शोनार बांग्ला का निर्माण करेगा। बंगाल के एक-एक व्यक्ति को याद रखना है। यह समय अपनी मातृभूमि के लिए कुछ कर गुजरने का समय है, यह हमारे बंगाल को कुशासन से मुक्त करने का समय है।“

 

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प्रधानमंत्री ने जड़ों की रक्षा के महत्व पर संस्कृत सुभाषितम साझा किया
February 25, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें ज्ञान की मूलभूत जड़ों तथा दैनिक अनुशासन की रक्षा के निर्णायक महत्व पर बल दिया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया सुभाषित इस प्रकार है:

विप्रो वृक्षस्तस्य मूलं च सन्ध्या वेदाः शाखा धर्मकर्माणि पत्रम्।

तस्मान्मूलं यत्नतो रक्षणीयं छिन्ने मूले नैव शाखा न पत्रम्॥

“एक बुद्धिमान व्यक्ति वृक्ष के समान होता है। उस ज्ञान स्‍वरूपी वृक्ष की जड़ दैनिक उपासना है। वेद उसकी शाखाएँ हैं और सत्कर्म उसके पत्ते हैं। अतः जड़ की सावधानीपूर्वक रक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि यदि जड़ नष्ट हो गई तो न शाखाएँ रहेंगी और न ही पत्ते।”

एक्स पर प्रधानमंत्री ने लिखा;

विप्रो वृक्षस्तस्य मूलं च सन्ध्या वेदाः शाखा धर्मकर्माणि पत्रम्।

तस्मान्मूलं यत्नतो रक्षणीयं छिन्ने मूले नैव शाखा न पत्रम्॥