पीएम मोदी ने नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के सम्मान में भाजपा कार्यकर्ताओं से अपने मोबाइल फोन की टॉर्च चालू करने का आग्रह किया।
अब नॉर्थ ईस्ट, ना दिल्ली से दूर है, और ना ही दिल से दूर है : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बीजेपी की लगातार जीत का श्रेय अपनी सरकारों की कार्य और कार्य संस्कृति की 'त्रिवेणी' और इसके कार्यकर्ताओं की सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दिया
पीएम मोदी ने कहा- भाजपा के कार्यकर्ता अपने अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। कठिन समय में उन्होंने हमारा झंडा ऊंचा रखा।

नॉर्थ ईस्ट के तीन राज्यों के आए चुनाव परिणामों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार की शाम को दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि तीन राज्यों के इस चुनाव परिणाम में देश-दुनिया के लिए बहुत सारे संदेश हैं। ये नतीजे न सिर्फ यह दिखाते हैं कि लोकतंत्र में देश के लोगों की कितनी आस्था है, बल्कि ये भी बताते हैं कि नॉर्थ ईस्ट अब ना तो दिल्ली से दूर है और ना ही दिल से दूर है। पीएम मोदी ने कहा कि आज बहुत सारे राजनीतिक विश्लेषक, बीजेपी की सफलता को समझने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इस सफलता का रहस्य बताते हुए कहा कि बीजेपी की निरंतर सफलता का रहस्य त्रिवेणी में छिपा है। त्रिवेणी यानि तीन नदियों, तीन धाराओं का संगम। इस त्रिवेणी की पहली शक्ति भाजपा सरकारों का कार्य, दूसरी कार्यसंस्कृति और तीसरी पार्टी कार्यकर्ताओं का अतुल्य श्रम, समर्पण और सेवाभाव है। ये त्रिवेणी मिलकर भाजपा की शक्ति को वन प्लस वन प्लस वन यानि एक सौ ग्यारह गुना बढ़ा देती है।

पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र की राह पर चलते हुए हर शंका-आशंका का समाधान हो सकता है और बदलाव लाया जा सकता है। एक समय था जब दिल्ली में नॉर्थ ईस्ट में चुनाव के नतीजों से ज्यादा चुनावी हिंसा, बम-बंदूक और ब्लॉकेड की चर्चा होती थी। इस बार चुनावों में हमने कितना बड़ा परिवर्तन देखा है। भाजपा ने नॉर्थ ईस्ट की राजनीति की दशा ही नहीं, बल्कि दिशा भी बदल दी है। ये बदलाव सिर्फ दिलों की दूरी समाप्त होने का ही नहीं, बल्कि ये नई सोच का प्रतिबिंब है। ये युग परिवर्तन और नया इतिहास रचे जाने का समय है। ये नॉर्थ ईस्ट की शांति, समृद्धि और विकास का समय है।


प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को नमन करते हुए कहा कि हमने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का एक नया विकास मॉडल देश को दिया है। इसमें कोई भेदभाव नहीं होता। क्योंकि हम सबके विकास में भरोसा करते हैं। हमारी प्रेरणा है, एक भारत-श्रेष्ठ भारत। भाजपा का विकास मॉडल, देशहित को सर्वोपरि रखता है। हमारे लिए देश प्रथम है, देशवासी प्रथम हैं। पीएम ने कहा कि देश में हमेशा से एक पॉलिटिकल मॉडल रहा, जिसमें आसान चीजें कही जाती थीं, आसान काम किए जाते थे और जनता को गुमराह किया जाता था। राजनीति के इस मॉडल में कठिन लक्ष्यों को हाथ ही नहीं लगाया जाता था। भाजपा ने इस अप्रोच को पूरी तरह बदल दिया है। अब डबल इंजन की सरकार चुनौती भरे हर कार्य को ये सोचकर पूरा करती हैं कि इसके बिना लोगों का जीवन कितना मुश्किल हो जाएगा। नॉर्थ ईस्ट इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि आजादी के सात दशकों बाद भी नॉर्थ ईस्ट के हजारों गांवों तक बिजली नहीं पहुंची थी। पहले की सरकारों ने देखा कि वहां तक बिजली पहुंचाना कठिन काम है, इसलिए उन गांवों को अंधेरे में छोड़ दिया। नॉर्थ ईस्ट में लोगों को घर, नल से जल, गैस कनेक्शन देने से भी बचती रहीं। एयरपोर्ट, हाईवे, रेलवे-कनेक्टिविटी, नॉर्थ ईस्ट में इन चीजों के विकास को भी कठिन मान लिया गया था। पहले की सरकारें कठिनाइयों से बचती रहीं, और इसकी वजह से हर परियोजना में देरी होती रही। हमने इन परियोजनाओं को पूरा किया। ऐसे ही प्रयासों से आज भारत के विकास और रफ्तार की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि यह उत्साहित करने वाली बात है कि हर चुनाव के साथ-साथ देश की बहनों-बेटियों का सुरक्षा कवच बीजेपी के लिए मजबूत होता जा रहा है। त्रिपुरा की, नॉर्थ ईस्ट की बहनों ने बीजेपी पर यही भरोसा दिखाया है। हमने नागालैंड को पहली राज्यसभा सांसद देकर एक शुभ शुरुआत की थी। आज नागालैंड में पहली बार दो महिला उम्मीदवार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। पीएम आवास योजना में महिलाओं के नाम घर हों, जल जीवन मिशन के तहत हर घर पाइप से पानी पहुंचाना हो, गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन देना हो, आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज देना हो, ऐसी हर योजना का लाभ नॉर्थ ईस्ट की लाखों बहनों को हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि आज के चुनाव नतीजों के बाद, कांग्रेस ने छोटों के प्रति अपनी नफरत को फिर से जगजाहिर कर दिया है। कांग्रेस कह रही है कि ये तो छोटे राज्य हैं, इनके नतीजे उतना मायने नहीं रखते। जब दिल में ही भारत को जोड़ने की भावना ना हो, तो ऐसे बोल निकलते ही हैं। ये इन राज्यों के लोगों का अपमान है, जनमत का अपमान है। इसी सोच की वजह से कांग्रेस ने हमेशा देश के गरीब को छोटा समझा, देश के दलित-पिछड़ों-आदिवासियों को छोटा समझा। कांग्रेस ने हमेशा वोटबैंक देखकर राजनीति की है। ये वही मानसिकता है, जिसने आजादी के बाद देश का बहुत नुकसान किया है। छोटे लोगों और छोटे राज्यों से नफरत कांग्रेस को आने वाले चुनावों में भी डुबोने जा रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट के नतीजों ने, बीजेपी के खिलाफ वर्षों से चलाए जा रहे एक और प्रोपेगेंडा को भी ध्वस्त कर दिया है। कुछ विरोधी दलों और उनके इको-सिस्टम ने हमेशा भाजपा पर एक लेबल चिपकाने की कोशिश की है। शुरुआत में बीजेपी को बनिया पार्टी और हिंदी पट्टी की पार्टी कहा गया। फिर कहा गया कि बीजेपी सिर्फ शहरी मिडिल क्लास की पार्टी है। लेकिन समय के साथ इन सारे मिथकों को बीजेपी ने तोड़ दिया। अब विरोधी दल ये कहने लगे हैं कि आदिवासी क्षेत्रों में बीजेपी को उतना समर्थन नहीं है। पिछले 10 सालों में हमने इस भ्रम को तोड़ दिया है। आज देश का आदिवासी समाज ही नहीं, दलित और पिछड़े भी भाजपा के साथ हैं। अभी हमने गुजरात चुनावों में भी देखा है कि कैसे आदिवासी पट्टी में भाजपा को जबरदस्त जीत मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बरसों तक माइनॉरिटीज को भी बीजेपी का डर दिखाया गया। देश-विदेश में प्रोपेगेंडा चलाया गया। इस झूठ की पोल, गोवा के लोग खोलते रहे हैं। अब नॉर्थ ईस्ट के लोग भी इस झूठ की पोल खोलने में जुट गए हैं। नागालैंड और मेघालय में जहां बहुसंख्यक आबादी क्रिश्चियन है, वहां बीजेपी के लिए समर्थन लगातार बढ़ रहा है। जैसे-जैसे कुछ दलों द्वारा फैलाए इस झूठ का पर्दाफाश होगा, वैसे-वैसे भाजपा का और विस्तार होता जाएगा। अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दलों द्वारा पर्दे के पीछे गठबंधन करके भाजपा को बाहर रखने का खेल भी आज देश देख रहा है। जनता देख रही है कि कैसे ये राजनीतिक दल उसके साथ छल-कपट कर रहे हैं। एक राज्य में दोस्ती और दूसरे राज्य में कुश्ती, ऐसा करने वाले राजनीतिक दलों का असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है। केरल की जनता भी ये देख रही है कि कैसे लेफ्ट और कांग्रेस दूसरे राज्यों में गठबंधन करते हैं और केरल में एक-दूसरे के खिलाफ होने का ढोंग रचाते हैं। सच्चाई यही है कि ये दोनों मिले हुए, दोनों मिलकर केरल को लूट रहे हैं। इसलिए आने वाले वर्षों में केरल में भी भाजपा गठबंधन की सरकार बनेगी।

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Nagaland gets its first natural gas supply via National Gas Grid

Media Coverage

Nagaland gets its first natural gas supply via National Gas Grid
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
कैबिनेट ने बिहार में ₹3,590.73 करोड़ की लागत वाले रोड अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी
August 19, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज बिहार में राष्‍ट्रीय राजमार्ग-22 (एनएच-22) के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन मानक में उन्‍नयन करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना का विकास हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) के तहत किया जाएगा। इसकी कुल पूंजी लागत 3590.73 करोड़ रुपये होगी और इसकी कुल लंबाई 82.578 किलोमीटर है।

प्रस्तावित परियोजना बिहार के विस्तारित राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ एकीकरण के कारण महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक महत्‍व रखती है। यह एक प्रमुख फीडर कॉरिडोर के रूप में सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को एनएच-27 (पूर्व-पश्चिम गलियारा) पर स्थित मुजफ्फरपुर जैसे आर्थिक केंद्रों से जोड़ेगा। परियोजना से मुजफ्फरपुर, मुक्सुदपुर, रुन्नी सैदपुर, थुम्मा, दुमरा, भुतही और सोनबरसा के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात की भीड़ को काफी कम करने में मदद मिलती है।

इस परियोजना से यात्रियों और माल की तेज और सुरक्षित आवाजाही, यात्रा दक्षता में सुधार होगा और क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसे 100 किमी प्रति घंटे और 80 किमी प्रति घंटे की औसत गति के डिजाइन किया गया है। इसमें सड़क के मध्‍य विभाजक में समतल-स्‍तरीय कोई खुला मार्ग नहीं होगा, जिससे तेज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित होगी।

प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के सिद्धांतों के अनुरूप नियोजित ये परियोजना औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों सहित प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों से सम्‍पर्क में सुधार करके मल्टी-मॉडल एकीकरण को बढ़ाएगी। बेहतर कनेक्टिविटी से माल और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं की कुशल आवाजाही सुगम होगी, क्षेत्रीय आर्थिक विकास को समर्थन मिलेगा और बौद्ध सर्किट तथा सीतामढ़ी स्थित ऐतिहासिक जानकी पुनौरा धाम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों तक बेहतर पहुंच उपलब्‍ध होगी।

एनएच-22 का मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो राष्ट्रीय माल ढुलाई ग्रिड से निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करता है। यह एनएच-31 और एनएच-122 जैसे मौजूदा गलियारों के साथ तालमेल बिठाकर बरौनी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों और गंगा नदी के किनारे स्थित लॉजिस्टिक्स केंद्रों से बेहतर संपर्क स्थापित करता है। साथ ही, यह भिटामोर स्थित निकटवर्ती लैंड पोर्ट के माध्यम से सीमा पार यात्री और माल की आवाजाही को भी बढ़ावा देता है।

इसके अतिरिक्त, इस परियोजना में यातायात की सुचारू आवाजाही बनाए रखने और सुरक्षित, उच्च गति वाली यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सात प्रमुख पुलों (जिसमें बारहमासी बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा एक प्रमुख पुल शामिल है), तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और दो फ्लाईओवर (1170 मीटर और 270 मीटर) का प्रावधान है।

इस परियोजना से औसत यात्रा गति में वृद्धि, यात्रा समय में कमी तथा समग्र सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहनों की परिचालन लागत में सुधार होगा। इससे क्षेत्रीय आवागमन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना बिहार के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध सम्‍पर्क प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, उन्नत कॉरिडोर से पीएम गति-शक्ति के पांच आर्थिक केंद्रों (चार औद्योगिक एस्‍टेट और एक मेगा फूड पार्क), चार सामाजिक केंद्रों (बाबा गरीबनाथ मंदिर, माता जानकी मंदिर, पुनौरा धाम, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी आकांक्षी जिले) और दो लॉजिस्टिक्स केंद्रों (मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन) के लिए कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इससे इस पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की तेज आवाजाही सुगम होगी।