हमारे वस्त्रों की विविधता हमारी संस्कृति की समृद्धि को दर्शाती है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत की सभी कपड़ा परंपराओं में रंग और जीवंतता है: प्रधानमंत्री मोदी
गांधीजी ने कपड़ा क्षेत्र और सामाजिक सशक्तिकरण के बीच एक करीबी संबंध देखा और उन्होंने चरखे को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के एक महत्वपूर्ण प्रतीक में बदल दिया: प्रधानमंत्री मोदी

वस्त्र परम्पराओं पर आईसीसीआर द्वारा आज आयोजित अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने “रिश्तों की बुनाई : वस्त्र परम्पराएँ” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन के माध्यम से दुनिया के विभिन्न भागों से लोगों को एक मंच पर लाने के प्रयास हेतु भारतीय संस्कृति संबंध परिषद और उत्तर प्रदेश डिजाइन संस्थान के प्रयासों के लिए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि वस्त्र क्षेत्र में हमारे इतिहास और विविधता झलक और व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की इसकी क्षमता कोई भी देख सकता है।

प्रधानमंत्री ने भारत के उज्जवल वस्त्र परंपरा इतिहास के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि प्रकृतिक रूप से रंगे कपास और सिल्क का शानदार भारतीय इतिहास है। हमारे कपड़ों की विविधता में हमारी सांस्कृतिक समृद्धि की झलक मिलती है। श्री मोदी ने कहा कि हमारे देश के प्रत्येक राज्य के प्रत्येक गाँव में हर एक समुदाय के पहनावे की कुछ अलग ही विशेषता दिखाई देती है। उन्होंने भारत के जनजातीय समुदाय की समृद्ध वस्त्र परम्पराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की सभी वस्त्र परम्पराओं में दृष्टि है, विचार है, और रंग हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वस्त्र क्षेत्र हमेशा से अनेक अवसरों को सृजित करता रहा है। घरेलू स्तर पर भारत में कपड़ा उद्योग उन क्षेत्रों में से है जो सबसे ज़्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। वहीं वैश्विक स्तर पर कपड़ा हमें व्यापार के माध्यम से सांस्कृतिक संबंध बनाने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि भारतीय वस्त्र, विश्व में सम्मानजनक स्थान रहते हैं और यह अन्य संस्कृतियों और परम्पराओं से समृद्ध वस्त्र उत्पादन में सक्षम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। महात्मा गांधी ने कपड़े और सामाजिक सशक्तिकरण के परस्परिक महत्व को समझा और इसीलिए उन्होंने अपने चरखे को स्वाधीनता आंदोलन का प्रतीक बनाया। चरखा हमें एक राष्ट्र के रूप में बुनता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को आत्म निर्भर बनाने के लिए आत्म निर्भर भारत अभियान में कपड़ा उद्योग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार कौशल उन्नतिकरण,वित्तीय मदद और उन्नत तकनीकि के एकीकरण पर प्रमुखता से ध्यान केन्द्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय वस्त्र के निरंतर उत्पादन में हम अपने बुनकरों की मदद करेंगे। इसके लिए हमें अपनी और विश्व की सर्वोत्तम परम्पराओं को अपनाना होगा। इस वेबिनार के माध्यम से सबसे बेहतर प्रक्रियाओं और विचारों के आदान-प्रदान से नए अवसर पैदा होंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में वस्त्र क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार महलाओं को मिलता है। इसलिए समृद्ध वस्त्र उद्योग, महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयासों को संबल देगा। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण समय में हमें भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करनी होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी वस्त्र परम्पराओं ने विविधता और स्वीकार्यता,आत्म निर्भरता, कौशल व नवाचार जैसे सशक्त विचारों और सिद्धांतों का प्रदर्शन किया है। यह सिद्धान्त आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उन्होंने आशा जताई कि यह वर्चुअल सम्मेलन (वेबिनार) इन विचारों के सशक्तिकरण के साथ वस्त्र उद्योग को एक नए मुकाम पर ले जाने में अपना योगदान दे सकता है।

 

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Government's foodgrain stocks hit 604 lakh tonnes, nearly three times buffer requirement

Media Coverage

Government's foodgrain stocks hit 604 lakh tonnes, nearly three times buffer requirement
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
सोशल मीडिया कॉर्नर 7 मई 2026
May 07, 2026

Justice Delivered Under PM Modi: How Operation Sindoor Redefined India’s Response to Terror

Aatmanirbhar Bharat in Action: Record Exports, Defence Exports, Food Security & Green Mobility Under the Leadership of PM Modi