पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ‘डीप फेक’ कंटेंट निर्माण पर चिंता व्यक्त की और मीडिया से लोगों को इस उभरते संकट के बारे में जागरूक करने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की प्रगति अजेय है और देश अपनी सफलता की राह पर आगे बढ़ता रहेगा।
पीएम मोदी ने भारत को 'विकसित भारत' बनाने के अपने संकल्प को दोहराया और इस बात पर जोर दिया कि ये केवल बयानबाजी नहीं बल्कि जमीनी हकीकत है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय पर आयोजित दीपावली मिलन को संबोधित किया। इस मौके पर दीपावली और छठ के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि भारतीय पर्व ग्लोबल हो रहे हैं आज हमारी उपलब्धियों के चलते भारत की ओर पूरी दुनिया देख रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि आज की जमीनी सच्चाई है। देश 2047 में विकसित बन सकता है, अगर हम सबकी ताकत लग जाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के एक गांव में विजिट के दौरान हमने वुमेन सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी दो करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य तय किया है। 

 
कोविड के समय को याद करते हुए पीएम ने कहा कि वह कालखंड बहुत कठिन था। उस कालखंड में हमने कुछ ऐसे साथियों और पत्रकारों के साथ उनके परिवारजनों को भी खोया है जिनकी आयु कम थी। उन्होंने कहा कि आज के आपा-धापी के इस दौर में 40 वर्ष की आयु के बाद कम से कम एक रेगुलर मेडिकल चेकअप होना चाहिए। हम कोई ऐसी व्यवस्था विकसित कर सकते हैं, जिसमें मेडिकल चेकअप के लिए सरकार और बिजनेस हाउसेस कोई व्यवस्था करे। इस बार के उत्सव कोविड कालखंड के दबाव से पूरी तरह  मुक्त नजर आए। ये माहौल इन दिनों बहुत विविधता से भरा है।

स्वच्छता अभियान की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा कि इसको मीडिया ने खूब तवज्जो दी। चाहे वो प्रिंट हो या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हो, एक प्रकार से सभी ने इसे अपनाया और कभी पूर्णविराम नहीं आने दिया। उसमें नए-नए रंग भरते चले गए। सबने लगातार उस व्यवस्था, आंदोलन और भावना को प्राणवान बनाया। इसके लिए मुझे जब भी मौका मिलता है, मीडिया जगत का अभिनन्दन करता हूं।

वर्तमान समय में परिस्थितिजन्य संकटों की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी एक नया संकट आया है- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। इसके कुप्रभाव को लेकर उन्होंने कहा कि हम लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में एजुकेट कर सकते हैं कि वह कैसे काम कर रहा है? डीप फेक क्या कर सकता है? उन्होंने कहा कि मैंने अभी एक वीडियो देखा है, जिसमें मैं घर में गरबा कर रहा हूं। हालांकि सच्चाई ये है कि स्कूल एज के बाद मुझे कभी मौका मिला ही नहीं ये सब करने का। अभी जैसा वीडियो बनाया है, वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत है। लेकिन इसका दुरपयोग एक चिंता का विषय है।

पीएम ने कहा कि किसी समाज, व्यक्ति या राष्ट्र जीवन में कुछ पल आते हैं, जो हमें बहुत ऊँचाई पर ले जाते हैं। आज जो वैश्विक परिस्थितियां हम देख रहे हैं, उसमें हमारा ये कालखंड भव्यता की तरफ ले जाने वाला है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल शब्द नहीं है, ये जमीनी सच्चाई है। विकसित भारत बनने की पूरी संभावना है। जैसे इस बार वोकल फॉर लोकल के लिए  आप सबने भी मदद की है। अगर हम दीपोत्सव से छठ पूजा तक हिसाब लगाएं, तो इस एक वीक में साढ़े चार लाख करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है। ये देश के लिए बहुत बड़ी बात है। इससे हर व्यक्ति की कमाई हुई है। उन्होंने कहा कि इसी ताकत के आधार पर हम विकसित भारत के संकल्प को बहुत विश्वास के साथ सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकते हैं। आज विश्व भी हमारा मूल्यांकन कर रहा है और जिस प्रकार से आगे बढ़ रहे हैं, विश्व उसको स्वीकार कर रहा है। 

महात्मा गांधी की दांडी यात्रा का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस पर भारतीय मीडिया का ध्यान पहली बार तब गया जब एक विदेशी पत्रकार ने उस पर स्टोरी की। उस पत्रकार ने लिखा था कि ये कोई बहुत बड़े रिवॉल्यूशन का संकेत है। उस स्टोरी ने ही देश में लोगों को चौकन्ना कर दिया कि ये क्या हो रहा है? वरना यही लगता था की छोटे से रूट पर ढाई सौ लोग चल रहे हैं। और एक चुटकी भर नमक उठाकर होना क्या है? लेकिन बाद में हिंदुस्तान के मीडिया ने भी उसे एक ऐसा टर्निंग प्वाइंट बनाया, जिसने देश को विश्वास से भर दिया कि अब आजादी लेकर रहेंगे। उन्होने कहा कि आज दुनिया की तुलना में हमारा जो भी अचीवमेंट है, उसने सभी में यह विश्वास पैदा किया है कि भारत अब रुकने वाला नहीं है।

पीएम ने बताया कि पिछले पांच साल में साढ़े 13 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। इतने परिवार जब न्यू मिडिल क्लास बनते हैं तो उनके एस्पिरेशन का लेवल अपर मिडल क्लास का होता है। उन्होंने कहा कि आज दिवाली का जो इतना बड़ा मार्केट है, उसके पीछे एस्पिरेशनल सोसाइटी ही तो है। जो बहुत तेजी से बराबरी करना चाहती है। अब उसका बैंक एकाउंट है, जेब में रुपे कार्ड है। रेहडी-पटरी ठेले वालों को बैंक से सहजता से लोन मिलने से उनका जीवन आसान हो रहा है।
 
मध्य प्रदेश के शहडोल का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि मैं एक आदिवासी गांव में समय बिताना चाहता था। शहडोल के पास महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप की बहनों को बातचीत के लिए बुलाया। वुमेन सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं ने बताया कि हम सभी लोग एक साल में एक लाख रुपये से ज्यादा कमाने वाली बहने हैं। ये एक बड़ी खुशी की और इंस्पायर करने वाली बात है। यहीं पर एक आदिवासी महिला ने बताया कि उनका पति साइकिल से  मजदूरी करने जाता था। उसने पति के लिए स्कूटी खरीदी। फिर बैंक से लोन लेकर पति को ट्रैक्टर दिलाया। यही एस्पिरेशन मेरे देश की ताकत है। वहीं मैंने भी एक टार्गेट तय किया कि हम दो करोड़ महिलाएं को, जो वुमेन सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है, लखपति महिलाएं बनाने का लक्ष्य एचीव करेंगे। उन्होंने कहा कि यहीं पर नौजवानों ने मेरा परिचय मिनी ब्राजील गांव से भी कराया। इस गांव में कुछ घर ऐसे हैं, जहां की चार-चार पीढ़ी के लोग फुटबाल से जुड़े हैं। फुटबॉल के नेशनल प्लेयर तक बन रहे हैं। फुटबाल के प्रति ऐसा जुनून है कि गांव में जब फुटबॉल फेस्टिवल होता है, तो अगल-बगल के 20,000 दर्शक यहां एकत्रित होते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के समापन पर विकसित भारत के संकल्प पर बात की। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि अगर हम सबकी ताकत लग जाए तो हमारा देश 2047 तक विकसित हो करके रहेगा। यह कोई किसी पार्टी का एजेंडा नहीं है, देश का है और मुझे इसमें मेरे सभी परिवारजनों की मदद चाहिए। जैसे मान लीजिए आप ही तय करेंगे कि 10 ऐसे शहरों में इकोनॉमी को बूस्ट करेंगे। आप कुछ ऐसी योजनाएं बनाइए कि ये 10 शहर अपनी इकोनॉमी को डबल करने के लिए क्या कर सकते हैं? दो साल तक ये मोमेंटम लाइए कि कोई न कोई बिजनेस हाउस एक-दो समिट कर ले। हर महीने इस विषय पर चर्चा हो कि इस शहर को राज्य की इकोनॉमी का ड्राइविंग इंजन बनाना है। इस प्रकार शहरों और राज्यों की बढ़ती इकोनॉमी देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था बनाने के साथ-साथ भारत को विकसित राष्ट्र भी बनाएगी।

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विकसित बिहार मेरा संकल्प और मिशन: पीएम मोदी
March 02, 2024
लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपये की कई तेल और गैस परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं और शिलान्यास किया
बिहार में 13,400 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और आधारशिला रखी
बरौनी में हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) उर्वरक संयंत्र का उद्घाटन किया
लगभग 3917 करोड़ रुपये की कई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
देश में पशुधन के लिए डिजिटल डेटाबेस - 'भारत पशुधन' राष्ट्र को समर्पित किया
'1962 किसान ऐप' लॉन्च किया
"डबल इंजन सरकार की ताकत से बिहार उत्साह और आत्मविश्वास से भरा है"
"अगर बिहार विकसित होगा तो भारत भी विकसित होगा"
"इतिहास गवाह है कि जब बिहार और पूर्वी भारत समृद्ध रहा, तब भारत भी सशक्त रहा है"
“सच्चा सामाजिक न्याय 'संतुष्टिकरण' से मिलता है, 'तुष्टिकरण' से नहीं
"डबल इंजन सरकार के दोहरे प्रयास से बिहार का विकास होना तय है"

बिहार के राज्यपाल श्रीमान राजेंद्र अर्लेकर जी, मुख्यमंत्री श्रीमान नीतीश कुमार जी, मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी गिरिराज सिंह जी, हरदीप सिंह पुरी जी, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा जी, सम्राट चौधरी जी, मंच पर विराजमान अन्य सभी महानुभाव और बेगुसराय से पधारे हुए उत्साही मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

जयमंगला गढ़ मंदिर और नौलखा मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं को मैं प्रणाम करता हूं। मैं आज विकसित भारत के लिए विकसित बिहार के निर्माण के संकल्प के साथ बेगुसराय आया हूं। ये मेरा सौभाग्य है कि इतनी विशाल संख्या में आप जनता-जनार्दन, आपके दर्शन करने का मुझे सौभाग्य मिला है।

साथियों,

बेगूसराय की ये धरती प्रतिभावान युवाओं की धरती है। इस धरती ने हमेशा देश के किसान और देश के मज़दूर, दोनों को मजबूत किया है। आज इस धरती का पुराना गौरव फिर लौट रहा है। आज यहां से बिहार सहित, पूरे देश के लिए 1 लाख 60 हज़ार करोड़ रुपए उससे भी अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, डेढ़ लाख करोड़ से भी ज्यादा। पहले ऐसे कार्यक्रम दिल्ली के विज्ञान भवन में होते थे, लेकिन आज मोदी दिल्ली को बेगुसराय ले आया है। और इन योजनाओं में करीब-करीब 30 हज़ार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स सिर्फ और सिर्फ ये मेरे बिहार के हैं। एक ही कार्यक्रम में सरकार का इतना बड़ा निवेश ये दिखाता है कि भारत का सामर्थ्य कितना बढ़ रहा है। इससे बिहार के नौजवानों को यहीं पर नौकरी के, रोजगार के अनेकों नए अवसर बनेंगे। आज के ये प्रोजेक्ट, भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का माध्यम बनेंगे। आप रूकिए भैया बहुत हो गया आपका प्यार मुझे मंजूर है, आप रूकिए, आप बैठिए, आप चेयर पर से नीचे आ जाइए, प्लीज, मेरी आपसे प्रार्थना है, आप बैठिए...हां। आप बैठ जाइए, वो कुर्सी पर बैठ जाइए आराम से, थक जाएंगे। आज की ये परियोजनाएं, बिहार में सुविधा और समृद्धि का रास्ता बनाएंगी। आज बिहार को नई ट्रेन सेवाएं मिली हैं। ऐसे ही काम है, जिसके कारण आज देश पूरे विश्वास से कह रहा है, बच्चा-बच्चा कह रहा है, गांव भी कह रहा है, शहर भी कह रहा है- अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार! NDA सरकार...400 पार!

साथियों,

2014 में जब आपने NDA को सेवा का अवसर दिया, तब मैं कहता था कि पूर्वी भारत का तेज़ विकास ये हमारी प्राथमिकता है। इतिहास गवाह रहा है, जब-जब बिहार और ये पूर्वी भारत, समृद्ध रहा है, तब-तब भारत भी सशक्त रहा है। जब बिहार में स्थितियां खराब हुईं, तो देश पर भी इसका बहुत बुरा असर बड़ा। इसलिए मैं बेगुसराय से पूरे बिहार की जनता को कहता हूं- बिहार विकसित होगा, तो देश भी विकसित होगा। बिहार के मेरे भाई-बहन, आप मुझे बहुत अच्छी तरह जानते हैं, और जब आपके बीच आया हूं तो मैं दोहराना चाहता हूं- ये वादा नहीं है- ये संकल्प है, ये मिशन है। आज जो ये प्रोजेक्ट बिहार को मिले हैं, देश को मिले हैं, वो इसी दिशा में बहुत बड़ा कदम हैं। इनमें से अधिकतर पेट्रोलियम से जुड़े हैं, फर्टिलाइज़र से जुड़े हैं, रेलवे से जुड़े हैं। ऊर्जा, उर्वरक और कनेक्टिविटी, यही तो विकास का आधार हैं। खेती हो या फिर उद्योग, सब कुछ इन्हीं पर निर्भर करता है। और जब इन पर तेजी से काम चलता है, तब स्वाभाविक है रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं, रोजगार भी मिलता है। आप याद कीजिए, बरौनी का जो खाद कारखाना बंद पड़ चुका था, मैंने उसे फिर से चालू करने की गारंटी दी थी। आपके आशीर्वाद से मोदी ने वो गारंटी पूरी कर दी। ये बिहार सहित पूरे देश के किसानों के लिए बहुत बड़ा काम हुआ है। पुरानी सरकारों की बेरुखी के कारण, बरौनी, सिंदरी, गोरखपुर, रामागुंडम, वहां जो कारखाने थे, वो बंद पड़े थे, मशीन सड़ रहे थे। आज ये सारे कारखाने, यूरिया में भारत की आत्मनिर्भरता की शान बन रहे हैं। इसलिए तो देश कहता है- मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। मोदी की गारंटी यानि गारंटी जे पूरा होय छय !

साथियों,

आज बरौनी रिफाइनरी की क्षमता के विस्तार का काम शुरु हो रहा है। इसके निर्माण के दौरान ही, हजारों श्रमिकों को महीनों तक लगातार रोजगार मिला। ये रिफाइनरी, बिहार में औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा देगी और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। मुझे आपको ये बताते हुए खुशी है कि बीते 10 साल में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से जुड़े 65 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स बिहार को मिले हैं, जिनमें से अनेक पूरे भी हो चुके हैं। बिहार के कोने-कोने में जो गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहुंच रहा है, इससे बहनों को सस्ती गैस देने में मदद मिल रही है। इससे यहां उद्योग लगाना आसान हो रहा है।

साथियों,

आज हम यहां आत्मनिर्भर भारत से जुड़े एक और ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हैं। कर्नाटक में केजी बेसिन के तेल कुओं से तेल का उत्पादन शुरु हो चुका है। इससे विदेशों से कच्चे तेल के आयात पर हमारी निर्भरता कम होगी।

साथियों,

राष्ट्रहित और जनहित के लिए समर्पित मजबूत सरकार ऐसे ही फैसले लेती है। जब परिवारहित और वोटबैंक से बंधी सरकारें होती हैं, तो वो क्या करती हैं, ये बिहार ने बहुत भुगता है। अगर 2005 से पहले के हालात होते तो बिहार में हज़ारों करोड़ की ऐसी परियोजनाओं के बारे में घोषणा करने से पहले सौ बार सोचना पड़ता। सड़क, बिजली, पानी, रेलवे की क्या स्थिति थी, ये मुझसे ज्यादा आप जानते हैं। 2014 से पहले के 10 वर्षों में रेलवे के नाम पर, रेल के संसाधनों को कैसे लूटा गया, ये पूरा बिहार जानता है। लेकिन आज देखिए, पूरी दुनिया में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की चर्चा हो रही है। भारतीय रेल का तेज़ी से बिजलीकरण हो रहा है। हमारे रेलवे स्टेशन भी एयरपोर्ट की तरह सुविधाओँ वाले बन रहे हैं।

साथियों,

बिहार ने दशकों तक परिवारवाद का नुकसान देखा है, परिवारवाद का दंश सहा है। परिवारवाद और सामाजिक न्याय, ये एक दूसरे के घोर विरोधी हैं। परिवारवाद, विशेष रूप से नौजवानों का, प्रतिभा का, सबसे बड़ा दुश्मन है। यही बिहार है, जिसके पास भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी की एक समृद्ध विरासत है। नीतीश जी के नेतृत्व में NDA सरकार, यहां इसी विरासत को आगे बढ़ा रही है। वहीं दूसरी तरफ RJD-कांग्रेस की घोर परिवारवादी कुरीति है। RJD-कांग्रेस के लोग, अपने परिवारवाद और भ्रष्टाचार को उचित ठहराने के लिए, दलित, वंचित, पिछड़ों को ढाल बनाते हैं। ये सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि समाज के साथ विश्वासघात है। ये सामाजिक न्याय नय, समाज क साथ विश्वासघात छय। वरना क्या कारण है कि सिर्फ एक ही परिवार का सशक्तिकरण हुआ। और समाज के बाकी परिवार पीछे रह गए? किस तरह यहां एक परिवार के लिए, युवाओं को नौकरी के नाम पर उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया, ये भी देश ने देखा है।

साथियों,

सच्चा सामाजिक न्याय सैचुरेशन से आता है। सच्चा सामाजिक न्याय, तुष्टिकरण से नहीं संतुष्टिकरण से आता है। मोदी ऐसे ही सामाजिक न्याय, ऐसे ही सेकुलरिज्म को मानता है। जब मुफ्त राशन हर लाभार्थी तक पहुंचता है, जब हर गरीब लाभार्थी को पक्का घर मिलता है, जब हर बहन को गैस, पानी का नल, घर में टॉयलेट मिलता है, जब गरीब से गरीब को भी अच्छा और मुफ्त इलाज मिलता है, जब हर किसान लाभार्थी के बैंक खाते में सम्मान निधि आती है, तब सैचुरेशन होता है। और यही सच्चा, सामाजिक न्याय है। बीते 10 वर्षों में मोदी की ये गारंटी, जिन-जिन परिवारों तक पहुंची हैं, उनमें से सबसे अधिक दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े वही मेरे परिवार ही हैं।

साथियों,

हमारे लिए सामाजिक न्याय, नारीशक्ति को ताकत देने का है। बीते 10 सालों में 1 करोड़ बहनों को, मेरी माताएं-बहनें इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आई हैं, उसका कारण है। 1 करोड़ बहनों को हम लखपति दीदी बना चुके हैं। मुझे खुशी है इसमें बिहार की भी लाखों बहनें हैं, जो अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। और अब मोदी ने 3 करोड़ बहनों को, आंकड़ा सुनिए जरा याद रखना 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। हाल में हमने बिजली का बिल जीरो करने और बिजली से कमाई करने की भी योजना शुरु की है। पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना। इससे बिहार के भी अनेक परिवारों को फायदा होने वाला है। बिहार की NDA सरकार भी बिहार के युवा, किसान, कामगार, महिला, सबके लिए निरंतर काम कर रही है। डबल इंजन के डबल प्रयासों से बिहार, विकसित होकर रहेगा। आज इतना बड़ा विकास का उत्सव हम मना रहे हैं, और आप इतनी बड़ी तादाद में विकास के रास्ते को मजबूत कर रहे हैं, मैं आपका आभारी हूं। एक बार फिर आप सभी को विकास की, हजारों करोड़ की इन परियोजनाओं के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इतनी बड़ी तादाद में माताएं-बहनें आई हैं, उनको विशेष रूप से प्रणाम करता हूं। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय !

दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद।